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सफाई कर्मियों ने ठप किया काम, कूड़े से पटा शहर
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Wed, 02 May 2018 11:52 PM IST
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garbage in the azamgarh city
- फोटो : अमर उजाला
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ठेकेदारी व्यवस्था के तहत कार्य करने वाले सफाई कर्मी चार माह के बकाया भुगतान को लेकर मंगलवार को आंदोलित हो गये। नपा कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर जम कर नारेबाजी की। सफाई कर्मचारियों के हड़ताल के चलते एक बार फिर नगर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई और जगह-जगह कूड़े का ढेर लग गया।
शहर के आठ वार्डो में सफाई पूरी तरह से ठेकेदारी व्यवस्था के तहत होती है। इन वार्डो में सिधारी पूर्वी, सिधारी पश्चिमी, सिविल लाइंस, रैदोपुर, नरौली, सर्फुद्दीनपुर, हरवंशपुर और मड़या वार्ड शामिल है। इनके अलावा शेष बचे वार्डो में नपा के रेगुलर सफाई कर्मचारी काम करते है।
इनके साथ ठेकेदारी व्यवस्था के तहत भी 60 कर्मचारी तैनात है। यह ठेका संतोष सिंह के नाम से है, जिसे विजय दूबे द्वारा संचालित किया जाता है। इन साठ सफाई कर्मचारियों का भी चार माह का मानदेय बकाया है। जिसे लेकर सफाई कर्मचारी मंगलवार को आक्रोशित हो उठे और नपा कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी करने लगे।
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मंगलवार को सफाई कर्मचारियों ने पूरी तरह से काम ठप रखा, जिसके चलते पूरे शहर में जगह-जगह कूड़े का ढेर लग गया। शहर के बदरका, पुरानी कोतवाली, गांधी तिराहा, मुख्य चौक, तकिया, कोट, जालंधरी, पहाड़पुर आदि मुहल्लों में सफाई व्यवस्था मंगलवार को पूरी तरह से ठप रही। सफाई कर्मचारियों ने न तो सड़क पर झाडू ही लगाया, न ही नाली की ही सफाई की गई। इतना ही नहीं कूड़ा न उठने से जगह-जगह ढेर लग गया था।
जीजीआईसी के पास बजबजा रही नाली
आजमगढ़। सफाई कर्मचारियों के काम ठप करने से राजकीय बालिका इंटर कालेज के पास स्थित नाली बजबजाने लगी है। नाली से जहां दुर्गंध उठ रहा है तो वहीं नाली का पानी अब सड़क पर बहने लगा है। जीजीआईसी में प्रतिदिन हजारों की संख्या में छात्राएं पढने के लिए आती है। इतना ही नहीं यह पास में जिलाधिकारी और एसपी का कार्यालय भी है। नपा कार्यालय भी लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बाद भी किसी की नजर इस समस्या की ओर नहीं पड़ रही है।
कुछ तकनीकी समस्या आ जाने के चलते सफाई कर्मचारियों का भुगतान नहीं हो सका था। उस समस्या का समाधान हो गया है। चार-छह दिनों में नपा द्वारा भुगतान मिलते ही सफाई कर्मचारियों को बकाये का भुगतान कर दिया जायेगा। सफाई कर्मचारी हड़ताल पर नहीं गये है, आज उन्होंने कार्य ठप रख कर विरोध जरूर दर्ज कराया गया है। उन्हें मना लिया गया है।
विजय दूबे, ठेकेदार प्रतिनिधि
कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में संबंधित ठेकेदारों के चलते ही दिक्कत आ रही है। टेंडर के शर्तो में ही यह था कि ठेकेदार अपने कर्मचारियों का ईपीएफ खाता खुलवायेगा और वेतन से 10 प्रतिशत काट कर ईपीएफ खाते में जमा करेगा। शेष वेतन कर्मचारी के रेगुलर खाते में दिया जायेगा। जितना ईपीएफ ठेकेदार काटेगा, उतना ही नपा भी अपनी तरफ से कर्मचारी के उस खाते में डालेगा। कोई भी ठेकेदार कर्मचारियों का ईपीएफ खाता नहीं खुलवाया है। जिसके चलते ही सारी दिक्कत हो रही है। नपा इसी के चलते ठेकेदारों को भुगतान नहीं कर पा रही है। ठेकेदार टेंडर की शर्तो के अनुरुप कवायद करे तो सफाई कर्मचारियों का रेगुलर भुगतान होना शुरू हो जाये।
प्रशांत कुमार, प्रभारी ईओ नगर पालिका परिषद, आजमगढ़।
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शहर के आठ वार्डो में सफाई पूरी तरह से ठेकेदारी व्यवस्था के तहत होती है। इन वार्डो में सिधारी पूर्वी, सिधारी पश्चिमी, सिविल लाइंस, रैदोपुर, नरौली, सर्फुद्दीनपुर, हरवंशपुर और मड़या वार्ड शामिल है। इनके अलावा शेष बचे वार्डो में नपा के रेगुलर सफाई कर्मचारी काम करते है।
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इनके साथ ठेकेदारी व्यवस्था के तहत भी 60 कर्मचारी तैनात है। यह ठेका संतोष सिंह के नाम से है, जिसे विजय दूबे द्वारा संचालित किया जाता है। इन साठ सफाई कर्मचारियों का भी चार माह का मानदेय बकाया है। जिसे लेकर सफाई कर्मचारी मंगलवार को आक्रोशित हो उठे और नपा कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी करने लगे।
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मंगलवार को सफाई कर्मचारियों ने पूरी तरह से काम ठप रखा, जिसके चलते पूरे शहर में जगह-जगह कूड़े का ढेर लग गया। शहर के बदरका, पुरानी कोतवाली, गांधी तिराहा, मुख्य चौक, तकिया, कोट, जालंधरी, पहाड़पुर आदि मुहल्लों में सफाई व्यवस्था मंगलवार को पूरी तरह से ठप रही। सफाई कर्मचारियों ने न तो सड़क पर झाडू ही लगाया, न ही नाली की ही सफाई की गई। इतना ही नहीं कूड़ा न उठने से जगह-जगह ढेर लग गया था।
जीजीआईसी के पास बजबजा रही नाली
आजमगढ़। सफाई कर्मचारियों के काम ठप करने से राजकीय बालिका इंटर कालेज के पास स्थित नाली बजबजाने लगी है। नाली से जहां दुर्गंध उठ रहा है तो वहीं नाली का पानी अब सड़क पर बहने लगा है। जीजीआईसी में प्रतिदिन हजारों की संख्या में छात्राएं पढने के लिए आती है। इतना ही नहीं यह पास में जिलाधिकारी और एसपी का कार्यालय भी है। नपा कार्यालय भी लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बाद भी किसी की नजर इस समस्या की ओर नहीं पड़ रही है।
कुछ तकनीकी समस्या आ जाने के चलते सफाई कर्मचारियों का भुगतान नहीं हो सका था। उस समस्या का समाधान हो गया है। चार-छह दिनों में नपा द्वारा भुगतान मिलते ही सफाई कर्मचारियों को बकाये का भुगतान कर दिया जायेगा। सफाई कर्मचारी हड़ताल पर नहीं गये है, आज उन्होंने कार्य ठप रख कर विरोध जरूर दर्ज कराया गया है। उन्हें मना लिया गया है।
विजय दूबे, ठेकेदार प्रतिनिधि
कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में संबंधित ठेकेदारों के चलते ही दिक्कत आ रही है। टेंडर के शर्तो में ही यह था कि ठेकेदार अपने कर्मचारियों का ईपीएफ खाता खुलवायेगा और वेतन से 10 प्रतिशत काट कर ईपीएफ खाते में जमा करेगा। शेष वेतन कर्मचारी के रेगुलर खाते में दिया जायेगा। जितना ईपीएफ ठेकेदार काटेगा, उतना ही नपा भी अपनी तरफ से कर्मचारी के उस खाते में डालेगा। कोई भी ठेकेदार कर्मचारियों का ईपीएफ खाता नहीं खुलवाया है। जिसके चलते ही सारी दिक्कत हो रही है। नपा इसी के चलते ठेकेदारों को भुगतान नहीं कर पा रही है। ठेकेदार टेंडर की शर्तो के अनुरुप कवायद करे तो सफाई कर्मचारियों का रेगुलर भुगतान होना शुरू हो जाये।
प्रशांत कुमार, प्रभारी ईओ नगर पालिका परिषद, आजमगढ़।