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नहाय-खाय के साथ आज से शुरू होगा छठ पर्व
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Thu, 03 Nov 2016 11:46 PM IST
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छठ पूजा
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नहाय खाय के साथ डाला छठ पर्व चार नवंबर से शुरू होगा और सात नवंबर को व्रती महिलाएं उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगी और पारन करेंगी। जिले के विभिन्न बाजारों में गुरुवार को महिलाओं ने सूप, दउरी, दीया समेत अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी की। बाजार में शुक्रवार को फलों की दूकानें भी सज जाएंगी।
नगर के तमसा तट पर गिने-चुने घाटों के बजाय अनगिनत घाट पैदा हो गए हैं। तमसा नदी के घाटों के साथ ही गांवों के तालाबों को डाला छठ पर्व को लेकर पूजा समितियों के पदाधिकारी सजाने-संवारने में जुटे हुए हैं। घाटों पर छठ माता की प्रतिमा भी स्थापित की जा रही हैं। नगर के चौक क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर फलों की दूकान अभी सजी नहीं है लेकिन अन्य सामान की दूकानें सज गई हैं। गुरुवार को खरीदारी के लिए बाजार में चहल-पहल रही। महिलाओं ने दउरा, सुपेली, दीया सहित अन्य पूजन सामग्रियों की खरीदारी की।
महंगाई के चलते दउरा, सुपेली के दाम भी आसमान पर हैं। बाजार में सौ रुपये से लेकर 300 रुपये तक के दउरा बिक रहे हैं। सगड़ी संवाददाता के अनुसार जीयनपुर नगर पंचायत में कोइरी पोखरा पर साफ-सफाई करा दी गई है। लोग वेदी के स्थान पर चुना कर अपना नाम लिख जगह पहले से तय करा लिए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष खुरमुल्ली गुप्ता ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए लाइट और पानी की बेहतर व्यवस्था रहेगी। पोखरे पर भक्तों को नारियल, चुनरी भेंट किया जाएगा।
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पर्व के पहले दिन शुक्रवार की शाम महिलाएं चने की दाल और साठी का चावल ग्रहण करेंगी। इसके बाद 24 घंटे का निराजल व्रत रखेंगी। शनिवार की शाम साठी के चावल का खीर खाएंगी। दूसरे दिन 36 घंटे के लिए निराजल व्रत रहते हुए महिलाएं रविवार की शाम नदी और तालाब के किनारे अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। सोमवार की भोर में पुन: घाटों पर सूर्य की उपासना के लिए व्रती महिलाओं का हुजूम उमड़ेगा।
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नगर के तमसा तट पर गिने-चुने घाटों के बजाय अनगिनत घाट पैदा हो गए हैं। तमसा नदी के घाटों के साथ ही गांवों के तालाबों को डाला छठ पर्व को लेकर पूजा समितियों के पदाधिकारी सजाने-संवारने में जुटे हुए हैं। घाटों पर छठ माता की प्रतिमा भी स्थापित की जा रही हैं। नगर के चौक क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर फलों की दूकान अभी सजी नहीं है लेकिन अन्य सामान की दूकानें सज गई हैं। गुरुवार को खरीदारी के लिए बाजार में चहल-पहल रही। महिलाओं ने दउरा, सुपेली, दीया सहित अन्य पूजन सामग्रियों की खरीदारी की।
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महंगाई के चलते दउरा, सुपेली के दाम भी आसमान पर हैं। बाजार में सौ रुपये से लेकर 300 रुपये तक के दउरा बिक रहे हैं। सगड़ी संवाददाता के अनुसार जीयनपुर नगर पंचायत में कोइरी पोखरा पर साफ-सफाई करा दी गई है। लोग वेदी के स्थान पर चुना कर अपना नाम लिख जगह पहले से तय करा लिए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष खुरमुल्ली गुप्ता ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए लाइट और पानी की बेहतर व्यवस्था रहेगी। पोखरे पर भक्तों को नारियल, चुनरी भेंट किया जाएगा।
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पर्व के पहले दिन शुक्रवार की शाम महिलाएं चने की दाल और साठी का चावल ग्रहण करेंगी। इसके बाद 24 घंटे का निराजल व्रत रखेंगी। शनिवार की शाम साठी के चावल का खीर खाएंगी। दूसरे दिन 36 घंटे के लिए निराजल व्रत रहते हुए महिलाएं रविवार की शाम नदी और तालाब के किनारे अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। सोमवार की भोर में पुन: घाटों पर सूर्य की उपासना के लिए व्रती महिलाओं का हुजूम उमड़ेगा।