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सीडीओ-सीएमओ करेंगे डाक्टरों की लापरवाही की जांच
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आजमगढ़। रोडवेज बस में इलाज के आभाव में तड़प-तड़प कर मरी महिला के प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि महिला के मौत के कारणों कोापता लगाने और डाक्टरों की लापरवाही की जांच के लिए सीडीओ और सीएमओ की कमेटी गठित कर दी गई है। पांच घंटे तक महिला बस में ही तड़पती रही और उसे इलाज की सुविधा नहीं मिली। इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इसका निर्धारण यह कमेटी ही करेगी। कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मऊ जिले के मधुबन थाना अंतर्गत बक्सीपुर गांव निवासीनी एक महिला मुम्बई में रहती थी। 22 को वह मुम्बई से बेटे के साथ ट्रेन से चली थी। ट्रेन प्रयागराज स्टेशन पर रविवार की भोर में पहुंची। इसके बाद वहां से उसे आजमगढ़ आ रही बस पर बैठा कर आजमगढ़ रोडवेज भेज दिया गया। बस पौने एक बजे के लगभग रोडवेज पर पहुंची। महिला को तेज बुखार था और वह कराह रही थी। रोडवेज पर पहले बस बाहर ही लगभग एक घंटे तक खड़ी रही। चालक ने जब यह बताया कि महिला को तेज बुखार है तो वहां हड़कंप मच गया। आनन-फानन में महिला व उसके बेटे को छोड़ कर अन्य यात्रियों को उतार लिया गया। इसके बाद एंबुलेंस का इंतजार होने लगा। एक घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची तो पीपीई किट नहीं था। इसके चलते कोई उसे उतारने नहीं गया। बस चालक बस से ही महिला व उसके बेटे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था। आईसोलेशन वार्ड के पास जाकर खड़ा कर दिया। चार बजे तक बस वहीं खड़ी रही, लेकिन कोई महिला को देखने नहीं पहुंचा और महिला ने कराहते हुए बस में ही दम तोड़ दिया। साढ़े चार बजे के लगभग डॉक्टर व अस्पताल कर्मियों की टीम बस में पहुंच कर महिला का शव बाहर लाए थे। जिलाधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि प्रकरण काफी गंभीर है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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मऊ जिले के मधुबन थाना अंतर्गत बक्सीपुर गांव निवासीनी एक महिला मुम्बई में रहती थी। 22 को वह मुम्बई से बेटे के साथ ट्रेन से चली थी। ट्रेन प्रयागराज स्टेशन पर रविवार की भोर में पहुंची। इसके बाद वहां से उसे आजमगढ़ आ रही बस पर बैठा कर आजमगढ़ रोडवेज भेज दिया गया। बस पौने एक बजे के लगभग रोडवेज पर पहुंची। महिला को तेज बुखार था और वह कराह रही थी। रोडवेज पर पहले बस बाहर ही लगभग एक घंटे तक खड़ी रही। चालक ने जब यह बताया कि महिला को तेज बुखार है तो वहां हड़कंप मच गया। आनन-फानन में महिला व उसके बेटे को छोड़ कर अन्य यात्रियों को उतार लिया गया। इसके बाद एंबुलेंस का इंतजार होने लगा। एक घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची तो पीपीई किट नहीं था। इसके चलते कोई उसे उतारने नहीं गया। बस चालक बस से ही महिला व उसके बेटे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था। आईसोलेशन वार्ड के पास जाकर खड़ा कर दिया। चार बजे तक बस वहीं खड़ी रही, लेकिन कोई महिला को देखने नहीं पहुंचा और महिला ने कराहते हुए बस में ही दम तोड़ दिया। साढ़े चार बजे के लगभग डॉक्टर व अस्पताल कर्मियों की टीम बस में पहुंच कर महिला का शव बाहर लाए थे। जिलाधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि प्रकरण काफी गंभीर है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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