फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Buildings that have completed their age among dense population become deadly

Azamgarh News: घनी आबादी के बीच उम्र पूरी कर चुके भवन बने जानलेवा

Mon, 26 Jun 2023 12:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jun 2023 12:18 AM IST
विज्ञापन
Buildings that have completed their age among dense population become deadly
शहर की घनी आबादी के बीच खड़े जर्जर भवन जानलेवा हो गए हैं। दशकों पुराने इन भवनों की मियाद पूरी हो चुकी है। वह खंडहर बन चुके हैं। उनके कई हिस्से आए दिन टूटकर गिर रहे हैं। बावजूद उन पर न तो भवन स्वामी का ध्यान है और न ही नगर पालिका प्रशासन का। जबकि मानसून नजदीक है फिर भी नगर पालिका की कार्रवाई हवा-हवाई है। कोई बता रहा कि अभी कोई सूची नहीं तैयार हुई तो कोई बता रहा भवन स्वामियों नोटिस जारी कर दिया गया है। ऐसे में इन भवनों के आस-पास रह रहे लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ में लगभग 20 हजार से अधिक भवन हैं। पालिका प्रशासन इनसे गृहकर व जलकर भी वसूल करता है। सिर्फ टैक्स वसूली से मतलब रखने वाला नगर पालिका प्रशासन जर्जर भवनों को जान-माल के लिए खतरनाक तो मानता है, मगर आज तक उन्हें सूचीबद्ध कर ढहा नहीं पाया है। पिछले साल से तो कई भवनों की हालत ऐसी है, जिसे देखकर ही डर लगता है। उनकी छत और बरामदे की ईंट टूटकर नीचे गिर रही हैं। दीवारें फट चुकी हैं। कई का एक हिस्सा खंडहर हो चुका है। ऐसे भवन कभी भी धराशायी हो सकते हैं। बावजूद इससे बेफिक्र कुछ लोग इन्हें ही ठिकाना बनाए हुए है। जर्जन भवनों के नीचे किसी ने दुकान खोल रखी है तो कोई जर्जर हिस्से को ढककर उसमें रह रहा है।जबकि नगरपालिका के जिम्मेदार हर बार जर्जर भवनों के सर्वे का दावा करते हैं लेकिन बरसात का समय बीतने के बाद सबकुछ जस का तस हो जाता है। इस बार भी यही हाल है। नगर पालिका परिषद के जेई राहुल कुमार ने बताया कि अभी भवनों का सर्वे नहीं किया गया है। यदि किसी और ने किया होगा तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। नियमानुसार नगर पालिका सर्वे कराकर अपनी सीमा में स्थित जर्जर व खतरनाक भवनों को चिह्नित कर उन्हें जमींदोज कराने के लिए भवन स्वामी को नोटिस दे सकता है। नोटिस देने के बाद भी भवन स्वामी स्वेच्छा से निर्माण नहीं ढहाता है तो पालिका प्रशासन उसे गिराकर खर्च वसूल करेगा। अगर भवन स्वामी नए मकान निर्माण में सक्षम नहीं है तो अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्र में जमीन होने पर नए निर्माण के लिए अनुदान भी सरकार की ओर से दिया जा रहा है। एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि पिछली बार जिले में कुल 240 जर्जर भवनों का सर्वे किया गया था। इस बार भी सर्वे किए गए हैं, जर्जर भवन के स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। कितने जर्जर भवन हैं इसकी जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed