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टूटे जंक्शन बाक्स, सड़क पर बिखरी केबिल बयां कर रही दास्तां
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रैदोपुर स्थित अंडरग्राउंड विद्युत केबलिंग के जक्शन बाक्स में उगे पेड़-पौधे। - प्लान खबर की फोटो
- फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। शहर को तारों के मकड़जाल से मुक्ति दिलाने और विद्युत चोरी को रोकने के लिए बिछाई गई अंडरग्राउंड केबिल से आपूर्ति का कार्य लगभग पूरी तरह से ठप हो चुका है। कुछ क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी अंडरग्राउंड केबिल से आपूर्ति नहीं हो रही है। जहां भी केबिल फाल्ट हो रहा है उस जगह पर ओवरहेड केबिल लगाकर आपूर्ति शुरू कर दी जा रही है।
जनपद में अंडरग्राउंड केबिल से बिजली आपूर्ति का कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। सपा शासन काल में शुरू हुई इस योजना को लेकर मानक की अनदेखी का मुद्दा उठाया गया था। लेकिन किसी भी जन प्रतिनिधि और अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिसका परिणाम है कि यह योजना पूरी तरह से फ्लाप हो चुकी है। जिस कंपनी को ठेका दिया गया था उसने जैसे-तैसे काम पूरा कर विभाग को हैंडओवर कर दिया और चलती बनी। 100 करोड़ रुपये की लागत से हुए इस कार्य की दास्तां कंपनी द्वारा लगाए गए जंक्शन बाक्स और सड़कों पर बिखरी केबिल बयां कर रही है। हाल ही में नगर से सटे मुंडा में अंडर ग्राउंड केबिल से धुआं उठता हुए देखा गया। विभाग की मानें तो ज्यादातर मुहल्लों में अंडर ग्राउंड केबिल से ही आपूर्ति की जा रही है। जबकि कई मुहल्लों में अंडर ग्राउंड केबिल में फाल्ट आने के बाद उसकी मरम्मत नहीं हो सकी। उसके स्थान पर विभाग द्वारा ओवरहेड केबिल लगाकर बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
हम ऐसा नहीं कह सकते कि यह योजना फेल हो गई है। क्योंकि हमारे क्षेत्र के सिविल लाइंस मुहल्ले में अंडरग्राउंड केबिल से ही बिजली आपूर्ति हो रही है। चौक के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर हर जगह आपूर्ति हो रही है। रैदोपुर, सिधारी क्षेत्र में भी बिजली की आपूर्ति हो रही है।
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विरेंद्र कुमार, एसडीओ टाउन प्रथम
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जनपद में अंडरग्राउंड केबिल से बिजली आपूर्ति का कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। सपा शासन काल में शुरू हुई इस योजना को लेकर मानक की अनदेखी का मुद्दा उठाया गया था। लेकिन किसी भी जन प्रतिनिधि और अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिसका परिणाम है कि यह योजना पूरी तरह से फ्लाप हो चुकी है। जिस कंपनी को ठेका दिया गया था उसने जैसे-तैसे काम पूरा कर विभाग को हैंडओवर कर दिया और चलती बनी। 100 करोड़ रुपये की लागत से हुए इस कार्य की दास्तां कंपनी द्वारा लगाए गए जंक्शन बाक्स और सड़कों पर बिखरी केबिल बयां कर रही है। हाल ही में नगर से सटे मुंडा में अंडर ग्राउंड केबिल से धुआं उठता हुए देखा गया। विभाग की मानें तो ज्यादातर मुहल्लों में अंडर ग्राउंड केबिल से ही आपूर्ति की जा रही है। जबकि कई मुहल्लों में अंडर ग्राउंड केबिल में फाल्ट आने के बाद उसकी मरम्मत नहीं हो सकी। उसके स्थान पर विभाग द्वारा ओवरहेड केबिल लगाकर बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
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हम ऐसा नहीं कह सकते कि यह योजना फेल हो गई है। क्योंकि हमारे क्षेत्र के सिविल लाइंस मुहल्ले में अंडरग्राउंड केबिल से ही बिजली आपूर्ति हो रही है। चौक के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर हर जगह आपूर्ति हो रही है। रैदोपुर, सिधारी क्षेत्र में भी बिजली की आपूर्ति हो रही है।
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विरेंद्र कुमार, एसडीओ टाउन प्रथम