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शहर में बेखौफ दौड़ रहीं काले शीशे वाली गाडियां

Sun, 14 Mar 2021 12:01 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Mar 2021 12:01 AM IST
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Black glass vehicles running fearlessly in the city
प्रतिबंध के बाद भी वाहन पर लगा काला फिल्म।-प्लान खबर की फोटो - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। वाहनों के शीशों पर काली फिल्म लगाए रखने का प्रचलन उच्चतम न्यायालय के सख्त आदेशों के बावजूद जारी है। न्यायालय ने पहले भी यह सख्त आदेश जारी किया था कि वाहनों के शीशों पर काली फिल्में न लगाई जाएंगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन को गाड़ियों के न केवल चालान काटने, बल्कि मौके पर ही गाड़ी के शीशों पर लगी काली फिल्म को उतारने के आदेश दिए थे। कुछ समय तक इन आदेशों का पालन भी हुआ, लेकिन कुछ ही दिनों में मुहिम ठंडी पड़ गई। यह हम नहीं बल्कि शहर में बेखौफ दौड़ रहीं काली फिल्म लगी गाड़ियां बता रही है।
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परिवहन विभाग द्वारा समय-समय अभियान भी चलाया जाता है। इसमें चार पहिया वाहनों के शीशे पर काली फिल्म होने पर चालन कर फिल्म हटवाई जाती है। लेकिन जिले में ऐसे निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसका नजारा जिले की अधिकांश सड़कों पर देखने को मिल रहा है। जहां पर थोड़े ही समय में काली फिल्म के कई वाहन आवाजाही करते नजर आ रहे हैं। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन स्वामियों ने गाड़ियों के शीशे पर काली फिल्म लगाकर चलने का शौक सा बना लिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली चार पहिया गाड़ियों में ठूंस ठूंसकर सवारियां भरी जा रहीं हैं। पुलिस महकमा भी इसे लेकर मौन साधे हुए हैं। यदि पुलिस ठीक से कार्रवाई करे तो सफेद पोश से लेकर अधिकारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
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अपराध से है नाता
गाड़ी के अंदर बैठे लोगों की एक्टिविटी पर बाहर से नजर नहीं पड़े, इसके लिए गाड़ी के शीशे पर काले रंग की फिल्म चढ़ा लेते हैैं। आपराधिक चरित्र वाले पहचान छुपाने के लिए टिंटेड शीशे वाली गाडिय़ों का यूज करते हैं। काले शीशे की आड़ में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। वाहनों के शीशे पर लगने वाली ब्लैक फिल्म या स्टिकर मार्केट में आसानी से उपलब्ध हैं। एक कार के शीशे पर फिल्म चढ़ाने पर कम से कम 1500 से 2000 हजार रुपये तक का खर्च आता है। वैसे 3 हजार या उससे अधिक कीमत वाले फिल्म भी बिकते हैं। नियमानुसार गाड़ियों में ऐसे शीशे लगे होने चाहिए कि उसमें बैठे लोगों को देखा जा सके। सामने से 70 प्रतिशत और किनारे से 50 प्रतिशत सादा होना आवश्यक है।
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चार पहिया वाहनों पर काली फिल्म नहीं लगाना चाहिए। न्यायालय ने इसपर रोक लगा दी है। विभाग की ओर से अभियान चलाकर काली फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। एक बार फिर से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
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