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Azamgarh News: साइबर अपराधियों को बैंक का खाता मुहैया कराने वाले सहायक शाखा प्रबंधक के बारे में बड़ा सच
Mon, 09 Jun 2025 08:14 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Mon, 09 Jun 2025 08:14 PM IST
सार
साइबर अपराधियों को बैंक का खाता मुहैया कराने वाले सहायक शाखा प्रबंधक के बारे में बड़ा सच सामने आया है। इसमें सोशल मीडिया पर जाल बिछाकर कस्टमर तलाशता था और दोगुना व तीन गुना पैसे जीतने का लालच देकर गेम खेली जाती थी। मामले में 71 केस दर्ज हुए हैं।
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साइबर ठगी के खिलाफ महिम।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर अपराधियों को बैंक खातों का ब्योरा मुहैया कराने वाले बैंक के सहायक शाखा प्रबंधक सोशल मीडिया पर जाल बिछाकर कस्टमर की तलाश करता था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया कि उक्त गिरोह के सदस्य लोगों को पैसा दोगुने करने का लालच देकर उनकी लॉगिन आईडी बनाकर और ऑनलाइन गेम्स के जरिये उनके खातों से पैसे निकालकर फर्जी खातों में ट्रांसफर करते थे।
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इसके बाद पीड़ितों की आईडी ब्लॉक कर दी जाती थी। अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल साइबर क्राइम विवेक त्रिपाठी ने बताया कि प्रतिबंधित एप रेड्डी, अन्ना, लोटस व महादेव का प्रयोग करते थे। लोगों को दोगुना व तीन गुना पैसे जीतने का लालच देकर गेम खिलाते थे। आरोपी इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, मेटा व टेलीग्राम पर विज्ञापन के माध्यम से लोगों को फंसाते थे। फीस लेकर लाॅगिन आईडी देते थे।
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एप पर उनका एकाउंट बनाते थे।व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से गिरोह के देश-विदेश के सदस्यों की बातचीत होती थी। खातों का विवरण व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से दिया जाता था। साइबर ठगी करके पैसा फर्जी खातों व मोबाइल फोन के जरिये ट्रांसफर कर लेते थे। बाद में उनकी आईडी ब्लाॅक कर देते थे। नोडल अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि 11 आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था।
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इसके बाद एक्सिस बैंक के सहायक ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी के कुल 71 केस दर्ज हैं। आरोपी एक मोबाइल का प्रयोग सिर्फ एक बार करते थे। अभी मामले की जांच चल रही है।
साइबर क्राइम से बचाव के लिए ये उपाय---
-यूपीआई से भुगतान में कभी भी अपना पिन साझा न करें।
-भुगतान से पहले प्राप्तकर्ता की पहचान सत्यापित करें।
-नेट बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए अंजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
-बैंकिंग लेनदेन के लिए सार्वजनिक वाई फाई का प्रयोग न करें।
-ऐसी ऑनलाइन योजनाओं में निवेश न करें जो असामान्य रूप से उच्च रिटर्न का वादा करती हों।
-सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों की मित्रता उनके सत्यापन के बिना न करें।
-डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए धमकी भरे काल या ईमेल से न घबराएं और प्रतिक्रिया न दें।
-सोशल मीडिया हैकिंग से बचने के लिए जटिल और यूनिक पासवर्ड का प्रयोग करें।
-गेमिंग एप फ्रॉड से बचने के लिए केवल आधिकारिक एप स्टोर्स से ही गेम और एप्स डाउनलोड करें।
-डेटिंग एप पर सतर्क रहें और पासवर्ड या निजी तस्वीरें साझा न करें।