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जिले में बीडीसी भी है मनरेगा मजदूर
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 17 Feb 2015 11:57 PM IST
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पता चला है कि गांव की प्रधान मनभावती के पति दीनानाथ, देवर वशिष्ठ सहित उन लोगों के नाम जाब कार्ड जारी हुआ है, जो इसके पात्र नहीं है।
इतना ही नहीं कार्ड धारकों में एक ऐसे व्यक्ति का भी नाम शामिल है, जो यूको बैंक खरिहानी में कार्यरत है। ।
मालूम हो कि 12 दिसंबर 2013 को गांव के बालेश्वर सिंह पुत्र शिवपूजन सिंह ने जनसूचना अधिकार के तहत नौ बिंदुओं पर सूचना मांगी।
जिसमें गांव में आवासों की संख्या, मनरेगा कार्य, जाब कार्ड, एपीएल, बीपीएल, लाईट, छात्रवृत्ति, ड्रेस, चहारदीवारी आदि का विवरण शामिल था।
27 दिसंबर 2014 को डाक से मिली सूचना में गांव में हुए विकास कार्यों में अनेक अनियमितता सामने आई। जिसमें यह पाया गया कि एक ही परिवार के दो लोगों को इंदिरा आवास आवंटित कर दिया गया।
जबकि नियम में यह शमिल नहीं है। इसके अलावा लाईट लगाने में अधिक पैसे का बिल लगाया गया है। बीपीएल सूची में संपन्न लोगों के नाम शामिल हैं।
मनरेगा के जरिए अभिलेखों में काम होना दर्शाकर फर्जी भुगतान हुआ है। वहीं, सौ दिन रोजगार के लिए जारी जाब कार्ड की सूची में भी अनियमितता है।
ग्राम प्रधान मनभावती देवी के पति, दीनानाथ के अलावा कोटेदार जितेंद्र, देवरानी चंद्रकला परिवार की ही उर्मिला और सुशील के नाम से भी जाब कार्ड बना है।
इतना ही नहीं बीडीसी नवल किशोर पुत्र रामकिशुन सिंह और गांव कोटेदार जितेंद्र सिंह पुत्र रामाशीष सिंह के साथ ही यूको बैंक खरिहानी के कर्मचारी पंकज खरवार पुत्र गुलाब खरवार के नाम से भी जाबकार्ड है।
बालेश्वर ने प्रशासनिक अधिकारियों से गांव में हुए इस प्रकरण की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
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इतना ही नहीं कार्ड धारकों में एक ऐसे व्यक्ति का भी नाम शामिल है, जो यूको बैंक खरिहानी में कार्यरत है। ।
मालूम हो कि 12 दिसंबर 2013 को गांव के बालेश्वर सिंह पुत्र शिवपूजन सिंह ने जनसूचना अधिकार के तहत नौ बिंदुओं पर सूचना मांगी।
जिसमें गांव में आवासों की संख्या, मनरेगा कार्य, जाब कार्ड, एपीएल, बीपीएल, लाईट, छात्रवृत्ति, ड्रेस, चहारदीवारी आदि का विवरण शामिल था।
27 दिसंबर 2014 को डाक से मिली सूचना में गांव में हुए विकास कार्यों में अनेक अनियमितता सामने आई। जिसमें यह पाया गया कि एक ही परिवार के दो लोगों को इंदिरा आवास आवंटित कर दिया गया।
जबकि नियम में यह शमिल नहीं है। इसके अलावा लाईट लगाने में अधिक पैसे का बिल लगाया गया है। बीपीएल सूची में संपन्न लोगों के नाम शामिल हैं।
मनरेगा के जरिए अभिलेखों में काम होना दर्शाकर फर्जी भुगतान हुआ है। वहीं, सौ दिन रोजगार के लिए जारी जाब कार्ड की सूची में भी अनियमितता है।
ग्राम प्रधान मनभावती देवी के पति, दीनानाथ के अलावा कोटेदार जितेंद्र, देवरानी चंद्रकला परिवार की ही उर्मिला और सुशील के नाम से भी जाब कार्ड बना है।
इतना ही नहीं बीडीसी नवल किशोर पुत्र रामकिशुन सिंह और गांव कोटेदार जितेंद्र सिंह पुत्र रामाशीष सिंह के साथ ही यूको बैंक खरिहानी के कर्मचारी पंकज खरवार पुत्र गुलाब खरवार के नाम से भी जाबकार्ड है।
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बालेश्वर ने प्रशासनिक अधिकारियों से गांव में हुए इस प्रकरण की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।