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28 व 29 मार्च को रहेगी बैंकों की हड़ताल
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आजमगढ़। केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं सैकड़ों स्वतंत्र ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर देशभर के करोड़ों कामगार, कर्मचारी एवं अधिकारी 28 एवं 29 मार्च 2022 को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में भाग लेंगे। हड़ताल के कारण बैंक, बीमा ,सामान्य बीमा, राज्य, केंद्र, बीएसएनएल, आयकर, पोस्ट ऑफिस, कोयला, रक्षा, आशा, उषा, आंगनवाड़ी, मध्यान भोजन कर्मी, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, खेत, खदान, खलियान, भवन निर्माण, सार्वजनिक उपक्रमों एवं अन्य संस्थानों में कामकाज ठप्प रहेगा। यूनियन स्टाफ एसोसिएशन यूपी के उप महामंत्री विष्णु गुप्ता ने कहा कि हड़ताली संगठनों कि मांग है कि चार लेबर कोड को समाप्त करो, रक्षा क्षेत्र में हड़ताल पर रोक लगाने वाले कानून -ईडीएसए को निरस्त करें। कृषि कानूनों के रद्द होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा से किए गए वायदों को पूरा करो।
किसी भी रूप मे निजीकरण स्वीकार नहीं, निजीकरण और नेशनल मोनेटाइजेशन प्लान को निरस्त करो। गैर आयकर दाता परिवारों को प्रतिमाह 7500 रुपये नगद एवं मुफ्त राशन सहायता प्रदान करो। मनरेगा के लिए आवंटन में वृद्धि और शहरी क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना का विस्तार करो। सभी अनौपचारिक क्षेत्र कामगारों को सार्वभौम सामाजिक सुरक्षा दो, अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक करो। आंगनवाड़ी, आशा, मध्याह्न भोजन और अन्य योजना वर्करों को मजदूर का दर्जा देकर उनके लिए वैधानिक न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करो। पेट्रोलियम उत्पादों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में पर्याप्त कमी की जाए, मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए ठोस उपचारात्मक उपाय किए जाएं। संविदा कर्मियों, योजना कर्मियों का नियमितीकरण करो और समान काम के लिए समान वेतन प्रदान करो। नयी पेंशन स्कीम को निरस्त करो, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करो, कर्मचारी पेंशन योजना के तहत न्यूनतम पेंशन में पर्याप्त वृद्धि करो। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी 1991 से लेकर 2021 तक करीब 30 वर्ष के दौरान ऑल इंडिया बैंक इंप्लाईज एसोसिएशन द्वारा नव उदारवादी आर्थिक नीतियों, मजदूर विरोधी श्रम नीतियों और प्रतिगामी बैंकिंग सुधारों आदि के खिलाफ 50 राष्ट्रव्यापी हड़तालें की जा चुकी हैं। इसलिए ऑल इंडिया बैंक इंप्लाईज एसोसिएशन ने केंद्रीय श्रमिक संगठनों की मांगों का समर्थन करते हुए बैंकिंग उद्योग एवं बैंक कर्मियों की मांगों को लेकर 28 एवं 29 मार्च को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का आह्वान किया है।
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किसी भी रूप मे निजीकरण स्वीकार नहीं, निजीकरण और नेशनल मोनेटाइजेशन प्लान को निरस्त करो। गैर आयकर दाता परिवारों को प्रतिमाह 7500 रुपये नगद एवं मुफ्त राशन सहायता प्रदान करो। मनरेगा के लिए आवंटन में वृद्धि और शहरी क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना का विस्तार करो। सभी अनौपचारिक क्षेत्र कामगारों को सार्वभौम सामाजिक सुरक्षा दो, अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक करो। आंगनवाड़ी, आशा, मध्याह्न भोजन और अन्य योजना वर्करों को मजदूर का दर्जा देकर उनके लिए वैधानिक न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करो। पेट्रोलियम उत्पादों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में पर्याप्त कमी की जाए, मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए ठोस उपचारात्मक उपाय किए जाएं। संविदा कर्मियों, योजना कर्मियों का नियमितीकरण करो और समान काम के लिए समान वेतन प्रदान करो। नयी पेंशन स्कीम को निरस्त करो, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करो, कर्मचारी पेंशन योजना के तहत न्यूनतम पेंशन में पर्याप्त वृद्धि करो। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी 1991 से लेकर 2021 तक करीब 30 वर्ष के दौरान ऑल इंडिया बैंक इंप्लाईज एसोसिएशन द्वारा नव उदारवादी आर्थिक नीतियों, मजदूर विरोधी श्रम नीतियों और प्रतिगामी बैंकिंग सुधारों आदि के खिलाफ 50 राष्ट्रव्यापी हड़तालें की जा चुकी हैं। इसलिए ऑल इंडिया बैंक इंप्लाईज एसोसिएशन ने केंद्रीय श्रमिक संगठनों की मांगों का समर्थन करते हुए बैंकिंग उद्योग एवं बैंक कर्मियों की मांगों को लेकर 28 एवं 29 मार्च को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का आह्वान किया है।
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