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पूर्णकालिक कुलपति से मिलेगी आजमगढ़ विवि को गति
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आजमगढ़। आजमगढ़ विश्वविद्यालय की धीमी प्रगति से नाराज शिक्षक संघ जिला इकाई की महत्वपूर्ण बैठक डॉ. प्रवेश सिंह के संयोजकत्व में नरौली पर शुक्रवार को हुई। इसमें शिक्षकों ने आजमगढ़ विवि के लिए पूर्णकालिक कुलपति की मांग उठाई। वर्तमान सत्र से ही विवि को संचालित कराने के लिए संकल्प को दोहराया। शिक्षकों ने अल्टीमेटम दिया कि अगर शीघ्र ही इसे लेकर कवायद तेज नहीं की गई तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
महामंत्री डॉ. इंद्रजीत ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रति शासन-प्रशासन की उदासीनता समझ से परे है। अध्यक्ष डॉ. बाबर ने कहा कि विवि के लिए सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद किन कारणों से कुलपति व उनके टीम का गठन न कर विवि की प्रगति को धीमी कर जन आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाया जा रहा है। डॉ. प्रवेश सिंह ने कहा कि विवि के कार्यालय संचालन के लिए डीएवी कालेज के हाल का अधिग्रहण हुआ, लेकिन पत्रावली पर धूल जमाने का खेल-खेला जा रहा है। आलाधिकारी इस विषय पर बात करने से कतरा रहे हैं। उपाध्यक्ष डॉ. राजीव त्रिपाठी ने कहा कि जिले के बहुप्रतिक्षित मांग को पूरा कर मुख्यमंत्री ने अपने दायित्व का निर्वहन किया, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन इस अभियान की धार को कुंद कर रहा है। डॉ. अजीत प्रताप सिंह, डॉ. आरके पांडेय, डॉ .ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, डॉ. वीरेंद्र दुबे, डॉ. रामानंद, डॉ. विष्णु, डॉ. बृजेश, डॉ. फखरे आलम, डॉ. आलमगीर मौजूद रहे।
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महामंत्री डॉ. इंद्रजीत ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रति शासन-प्रशासन की उदासीनता समझ से परे है। अध्यक्ष डॉ. बाबर ने कहा कि विवि के लिए सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद किन कारणों से कुलपति व उनके टीम का गठन न कर विवि की प्रगति को धीमी कर जन आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाया जा रहा है। डॉ. प्रवेश सिंह ने कहा कि विवि के कार्यालय संचालन के लिए डीएवी कालेज के हाल का अधिग्रहण हुआ, लेकिन पत्रावली पर धूल जमाने का खेल-खेला जा रहा है। आलाधिकारी इस विषय पर बात करने से कतरा रहे हैं। उपाध्यक्ष डॉ. राजीव त्रिपाठी ने कहा कि जिले के बहुप्रतिक्षित मांग को पूरा कर मुख्यमंत्री ने अपने दायित्व का निर्वहन किया, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन इस अभियान की धार को कुंद कर रहा है। डॉ. अजीत प्रताप सिंह, डॉ. आरके पांडेय, डॉ .ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, डॉ. वीरेंद्र दुबे, डॉ. रामानंद, डॉ. विष्णु, डॉ. बृजेश, डॉ. फखरे आलम, डॉ. आलमगीर मौजूद रहे।
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