आजमगढ़: अवैध संबंधों में हुई थी शुगनू की हत्या, मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जिन चार पर कराई एफआईआर वो निकले निर्दोष
आजमगढ़ जिले के एक गांव में दो दिन पहले पोखरे के पास शव मिला था। परिजनों ने रंजिशन चार पर एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस जांच में आसली आरोपी कोई और निकला। जिसे गिरफ्तार कर लिया है।
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आजमगढ़ जिले के चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के कारो गांव में 28 अक्टूबर की रात हुए शुगनू राजभर हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। युवक की हत्या अवैध संबंधों में की गई थी। पुलिस ने असली आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। परिजनों ने हत्या के आरोप में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस का कहना है कि परिजनों की ओर से उन पर रंजिशन एफईआर दर्ज कराई गई थी। हत्या से उनका लेना-देना नहीं है।
29 अक्तूबर की सुबह कारो गांव में पोखरे के पास युवक का शव बरामद हुआ था। युवक की पहचान राजभर बस्ती निवासी शुगनू राजभर के रूप में हुई थी। परिजनों ने चार लोगों को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के दौरान नमो राजभर(19) पुत्र बालचंद राजभर निवासी ग्राम कारो को गिरफ्तार कर लिया।
उसने बताया कि शुगनू राजभर की अवैध संबंध में हत्या की गई थी। नमो राजभर ने बहाने से बुलाकर पोखरे के पास बांस के डंडे से सिर पर कई वार किए। शुगनू जमीन पर गिर गया और उसकी मौत हो गई। नमो राजभर चेन्नई में रहकर मजदूरी करता था। लॉकडाउन के दौरान घर चला आया था।
25 वर्षीय मृतक शुगनू शराब पीने का आदी था। जिस समय उसकी हत्या हुई उस समय भी वह शराब पीए हुए था। इसी कारण नमो राजभर के प्राणघातक हमले से स्वयं को बचा नहीं पाया। नमो राजभर ने बताया की चूंकि वह अकेले था इस कारण लाश को दूर कहीं ले जाकर ठिकाने नहीं लगा पाया। शव को तालाब के किनारे पानी में और डंडे को पानी में फेंक दिया।
निर्दोष निकले नमाजद आरोपी
शुगनू राजभर के भाई विवेक राजभर की तहरीर पर जिन चार लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था वो निर्दोष निकले। प्रभारी निरीक्षक निहार नंदन कुमार ने बताया कि मुकदमा रंजिश पर आधारित था। जिन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था, उसी परिवार की एक लड़की से छेड़छाड़ करने के आरोप में शुगनू के विरुद्ध 2019 में पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा किया गया था। उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। परिजनों का मानना था कि इन्ही चारों ने हत्या की होगी।