आजमगढ़। बलिया पेपर लीक कांड में गिरफ्तार पत्रकारों से मिलने के लिए कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल रविवार को जिला कारागार पहुंचा। उनका नेतृत्व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू कर रहे थे। जेल प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को शासन से पत्रकारों से मिलने की अनुमति का पत्र लेकर आने को कहा। इस पर कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा शासनकाल में अघोषित आपातकाल चल रहा है।
बलिया में 30 मार्च को यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट अंग्रेजी विषय का पेपर आउट होने के मामले में बलिया जिला प्रशासन ने तीन पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया और उनको आजमगढ़ जेल भेज दिया। उनसे मिलने के लिए ही कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल रविवार को लखनऊ से आजमगढ़ जिला जेल पहुंचा था। उन्होंने मुलाकात के लिए जेल मैनुअल के अनुरूप अर्जी भी लगाई, जिसके बाद जेल प्रशासन ने यह कहते हुए प्रतिनिधिमंडल को वापस कर दिया कि शासन से जारी अनुमति पत्र लेकर आएं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकारों को जेल में बंद करना सच की आवाज को दबाना है। यदि सरकार की कारगुजारियों पर पत्रकारों ने सवाल खड़ा किया है तो सरकार को उसमें सुधार करने का कार्य करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने आवाज को ही दबा दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की परिपाटी है कि ऐसे मामले में जेल में बंद लोगों से वस्तुस्थिति जानने के लिए राजनीतिक दल के नेता मिलते हैं। ऐसे में जब वह प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे तो उनको मिलने से रोक दिया गया। यह कवायद अघोषित आपातकाल के जैसी है। पत्रकारों के साथ हुए अन्याय को लेकर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और सड़कों पर संघर्ष करेगी।