आजमगढ़ में पुलिस का उत्पात, मोबाइल से वीडियो बनाने पर दो युवतियों को पीटकर कर दिया अधमरा
आजमगढ़ जिले के गोंदापुर गांव में पुलिस ने शनिवार की शाम खूब उत्पात मचाया। हत्या के मामले में आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ की। विरोध करने पर महिलाओं की बेरहमी से पिटाई की। मोबाइल से वीडियो बनाने पर दो युवतियों को पीटकर अधमरा कर दिया। घायल महिलाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया है।
गोंदापुर ग्राम प्रधान के भाई ओंकार दुबे की चार मार्च 2020 को हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में गांव के ही 19 लोग नामजद हैं। इसमें कुछ लोग जमानत पर हैं और कुछ जेल में। हत्याकांड में वांछित सूरज, परविंदर, दसई व रामचरन पर पुलिस ने आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए गुंडा एक्ट में पाबंद कर दिया गया है।
शनिवार की शाम लगभग पांच बजे दो बाइक व दो चार पहिया से 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी एसओ गजानंद चौबे के नेतृत्व में गांव में पहुंचे। गैंगेस्टर में पाबंद चारों लोगों के घरों में घुस गए। वहां कोई पुरुष सदस्य नहीं मिला तो तोड़फोड़ शुरू कर दी।
सीमेंट की शीट, स्कार्पियो आदि को तोड़ डाला। महिलाओं ने विरोध किया तो उनकी पिटाई करने लगे। कुछ लड़कियों ने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो पुलिस वाले उन पर टूट पड़े। मोबाइल छीन कर वीडियो डिलीट कर दिया। घायलों में रंजना (35), पुष्पा (45), प्रिया (19), प्रियंका (18) घायल हैं।
एसओ पर लगाए गए गंभीर आरोप
रंजना देवी का आरोप है कि पिछले साल प्रधान के भाई की हत्या के बाद से ही एसओ महाराजगंज उसके परिवार का उत्पीड़न कर रहे हैं। वह खुद को प्रधान का रिश्तेदार बताते हैं। प्रधान के भाई की हत्या में मेरे देवर को भी नामजद किया गया था, वह कुछ दिन पूर्व ही जमानत पर छूटकर आया है। घर में घुसकर तोड़फोड़ की गई है और बाल उखाड़ कर पीटा गया।
प्रधान के भाई की हत्या में राजेश साहनी भी नामजद था। वह गिरफ्तार होकर जेल भी गया था और वर्तमान में जमानत पर छूटा हुआ है। राजेश ने बताया कि प्रधान पक्ष के कहने पर रिश्तेदार एसओ हम पर अत्याचार कर रहे हैं। प्रधान ने कुछ दिनों पूर्व मेरा एक्सीडेंट भी कराया था, जिसकी शिकायत लेकर थाने पर पहुंचा था तो एसओ ने डांट-फटकार कर भगा दिया था। प्रियंका साहनी वीडियो बना रही थी। उस पर पुलिस कहर बनकर टूट पड़ी।
पुलिस ने किया तोड़फोड़ से इंकार
एसओ महराजगंज गजानंद चौबे ने तोड़फोड़ व मारपीट की किसी भी घटना से इंकार किया है। उनका कहना है कि गुंडा एक्ट का नोटिस लेकर गए दो सिपाहियों पर महिलाओं ने हमला बोल दिया था। सिपाहियों की सूचना पर वे भी फोर्स के साथ गांव में पहुंचे थे और नोटिस तामील करा कर लौट आए। मारपीट व तोड़फोड़ का वीडियो फर्जी है। एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ ने घटना की जानकारी होने से इंकार किया।
प्रधान के भाई की हत्या के बाद से ही गोंदापुर गांव का माहौल खराब है। जिसके चलते मैंने एसओ को इस गांव पर विशेष नजर रखने को कहा था। हत्याकांड में चार अभियुक्तों पर गुंडा एक्ट लगाया गया है, जिसकी नोटिस तामील कराने पुलिस गांव में गई थी। जिस स्कार्पियों में तोड़फोड़ की बात कही जा रही है, उसका शीशा पहले से ही टूटा हुआ था।
अजय यादव, सीओ सगड़ी