आजमगढ़ हत्याकांड: पुलिस के खुलासे से हड़कंप, दो आरोपी गिरफ्तार, चार अभी भी फरार
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में साल के अंतिम दिन हुए राजेश हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। राजेश की हत्या उससे ब्याज पर रुपये लेने वालों ने ही की थी। उन पर ब्याज के रुपये चुकाने का दबाव बढ़ता जा रहा था। कोई अन्य रास्ता नहीं मिलने पर उन्होंने राजेश की चाकू से गोद कर हत्या कर दी। इसमें पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। चार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र के राकेश सिंह(40) सुरहन की निवर्तमान प्रधान हेमलता सिंह का भतीजा था। बुधवार को वह दावत खाने के लिए बेलवाना निवासी सलीम के साथ जौनपुर गया था। गुरुवार सुबह उसकी लाश मार्टीनगंज-दीदारगंज मार्ग पर मिली था।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बिना पंचनामा शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया था। इस पर आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने जैगहा मोड़ पर चक्का जाम कर दिया था। पुलिस ने आश्वासन देकर लोगों को समझाया था। मृतक के भाई नीलेश कुमार सिंह पुत्र राजबहादुर सिंह की तहरीर पर बेलवाना गांव निवासी सलीम अहमद को नामजद करने के साथ अन्य अज्ञात पर एफआईआर की गई थी।
पुलिस ने एक जनवरी को थाना क्षेत्र के भादो मेड़ से सलीम की गिरफ्तारी दिखाई है। गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि राधेश्याम पुत्र लोकई निवासी दुबरा थाना बरदह, अनंत राय पुत्र प्रभात राय, सत्यम राय पुत्र विजेन्द्र निवासी गोरिया बिलरियागंज, सोनू सिंह उर्फ धर्मेन्द्र सिंह पुत्र माया शंकर सिंह निवासी दुबरा बरदह, सोनू के साथ मिलकर हत्या की थी।
पूछताछ के बाद पुलिस ने सोनू सिह उर्फ धर्मेन्द्र सिह को भी मार्टीनगंज बाजार से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से कत्ल में इस्तेमाल दो चाकू, मृतक का टूटा हुआ मोबाइल, घटना प्रयुक्त कार बरामद हुई है।
इसलिए की गई थी हत्या
एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सलीम और अनन्त राय ने मृतक राकेश सिंह से छह लाख रुपया उधार लिए थे। पैसा वापस नहीं कर पा रहे थे। इसी प्रकार सोनू उर्फ धर्मेन्द्र सिंह भी अपनी बहन की शादी के लिए मृतक राकेश सिंह से तीन लाख रुपये लिए थे। पैसा वापस न कर पाने की स्थिति राकेश सिंह दबाव बना रहा था।
जमीन की रजिस्ट्री करने को कह रहा था। इस दबाव से निजात पाने के लिए राकेश सिंह को ही रास्ते से हटाने की योजमा बनाई गई। सलीम ने फोन कर मृतक के घर गया। मृतक की बाइक से मौजा बाजार गए। वहां से कार से जौनपुर बाटी-चोखा रेस्टोरेन्ट गए। होटल पर खाना खाकर वापस आते समय राकेश सिंह को गाड़ी में आगे की सीट पर बैठाकर पीछे से चाकू से मारकर हत्या कर दी। लाश को सुरहन कोटिया गाव के पास फेंक दिया। इसके बाद आला ए कत्ल को छिपा दिया।