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आजमगढ़: कला को ही अपना जीवन मानने वाले रंगकर्मी नये माध्यम से पहुंच रहे लोगों तक, घरों में रह रहे लोगों को सिखा रहे तनाव कम करना 

Fri, 24 Apr 2020 01:57 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़ Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Fri, 24 Apr 2020 01:57 PM IST
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Azamgarh: Colors who consider art to be their life, reaching out to people through a new medium, teaching people living in homes to stress
प्रस्तुति देते कलाकार - फोटो : a

कोरोना संक्रमण को लेकर आजमगढ़ जनपद में एक माह से लाकडाउन चल रहा है। इसके कारण जनजीवन ठहर सा गया है। डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी और एसेंशियल स्टाफ में जुटे सभी लोग जहां इस वैश्विक महामारी से प्रत्यक्ष रूप से लड़ाई लड़ रहे हैं। वही, घरों के भीतर लोग ईश्वर से दुआ कर रहे हैं कि कैसे यह बीमारी जल्द से जल्द दूर हो।

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इन सबके बीच कला को ही अपना जीवन मानने वाले रंगकर्मी नये माध्यम से घरों में कैद लोगों के तनाव को दूर करने के लिए सक्रिय हो गए हैं। उनका मानना है कि कला जीवन को ऑक्सीजन देती है और इसकी गति नहीं रुकनी चाहिए। इस वैश्विक महामारी में भी यह रंगकर्मी फेसबुक जैसे ऑनलाइन माध्यम से लोगों के घरों तक पहुंच रहे हैं। अपनी संगीतमय प्रस्तुति से है उनके जीवन में सुकून के कुछ पल भर रहे हैं।
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जी हां, हम बात कर रहे हैं रंगकर्म के क्षेत्र में अपना अच्छा नाम रखने वाले समूह कला संस्थान की। शहर के एलवल स्थित अपने कैंप में इस संस्थान के कर्ताधर्ता वरिष्ठ रंगकर्मी राजकुमार शाह के निर्देशन में चार अन्य रंगकर्मी ऐसे हैं जो लॉकडाउन के कारण घर नहीं जा पाए। अपने आवासीय कैंप में ही रुके हुए हैं।
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एक परिवार की तरह लाकडाउन के सभी नियमों का पालन करते हुए अपने रंगकर्म की प्रतिभा को निखारने के लिए प्रतिदिन प्रयास कर रहे हैं। राजकुमार शाह की मानें तो जब लाकडाउन नहीं था तभी रंगकर्मियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। खुलने के बाद में भी जैसी परिस्थितियां बन रही है ऐसा लग रहा है कि लंबे समय तक शायद ही हमें कोई मंच मिले।

इसलिए प्रदेश के विभिन्न शहरों में फोन पर अन्य रंगकर्मियों के साथ सामंजस्य बिठाकर श्रोताओं और दर्शकों को एक नई चीज देने की कोशिश की जा रही है। हमने लगभग 20 गीतों की प्रस्तुति तैयार की है, जिसे अलग-अलग तिथि पर फेसबुक पर लाइव प्रसारित करेंगे।


इसमें चार गीतों की प्रस्तुति हम बृहस्पतिवार को दे चुके हैं। अगली प्रस्तुति 26 अप्रैल को दी जाएगी। इसके साथ ही 12 पात्रों के अभिनय वाले हंसुली नाटक की लाइव प्रस्तुति भी इसी माध्यम से देने की योजना बनाई गई है। जल्द ही इसे दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेंगे। कई दर्शकों की तरफ से डॉ. हरिवंश राय बच्चन की कविताओं को गीतों के माध्यम से प्रस्तुत करने की मांग भी आई है। इस दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है।  


 

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