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पंजीकरण आयुर्वेद का उपचार एलोपैथी से
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Mon, 16 Mar 2015 11:41 PM IST
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शहर के बागेश्वर नगर मुहल्ला स्थित नर्सिंग होम में भर्ती अधेड़ की इंजेक्शन लगाने से हुई मौत का मामला उजागर होने पर सोमवार को सीएमओ ने जांच टीम गठित कर रिपोर्ट मंगवाई। इस दौरान पता चला कि नर्सिंग होम संचालक आयुर्वेद पद्धति से उपचार करने का रजिस्ट्रेशन करवाकर अंग्रेजी पद्धति से मरीजों का उपचार कर रहा था।
हालांकि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही अधेड़ की मौत का सही कारण पता चलेगा। बहरहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ ने नर्सिंग होम संचालक से जवाब मांगा है। साथ ही सभी डाक्टर और नर्सिंग होम संचालकों को रजिस्ट्रेशन पुन: कराने का फरमान जारी किया है।
बता दें कि सिधारी थाने के एकरामपुर गांव निवासी फूलचंद राम (56) को तीन दिन पूर्व तेज बुखार आने पर शहर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। रविवार की सुबह फूलचंद के बदन में दर्द होने पर नर्स ने उसे इंजेक्शन लगाया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
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फूलचंद की मौत के बाद परिवार के लोगों ने डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। मामला तूल पकड़ने पर शहर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दी। शहर कोतवाल सारंगधर द्विवेदी ने बताया कि पीएम रिपोर्ट में मौत का जो भी कारण स्पष्ट होगा, उसके तहत रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि सोमवार की देर शाम तक रिपोर्ट नहीं आई थी। दूसरी तरफ, सीएमओ डा. वीबी सिंह ने सोमवार को एडीशनल सीएमओ डा. अजय राय के नेतृत्व में टीम गठित कर नर्सिंग होम के कागजात की जांच करवाई।
संचालक ने वर्ष 2008 में आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार करने का रजिस्ट्रेशन करवाया हैं लेकिन अंग्रेजी पद्धति (एलोपैथ) की दवाइयां दे रहे थे। दो दिन में संचालक से जवाब मांगा गया है। - डा. वीबी सिंह, सीएमओ
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हालांकि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही अधेड़ की मौत का सही कारण पता चलेगा। बहरहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ ने नर्सिंग होम संचालक से जवाब मांगा है। साथ ही सभी डाक्टर और नर्सिंग होम संचालकों को रजिस्ट्रेशन पुन: कराने का फरमान जारी किया है।
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बता दें कि सिधारी थाने के एकरामपुर गांव निवासी फूलचंद राम (56) को तीन दिन पूर्व तेज बुखार आने पर शहर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। रविवार की सुबह फूलचंद के बदन में दर्द होने पर नर्स ने उसे इंजेक्शन लगाया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
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फूलचंद की मौत के बाद परिवार के लोगों ने डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। मामला तूल पकड़ने पर शहर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दी। शहर कोतवाल सारंगधर द्विवेदी ने बताया कि पीएम रिपोर्ट में मौत का जो भी कारण स्पष्ट होगा, उसके तहत रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि सोमवार की देर शाम तक रिपोर्ट नहीं आई थी। दूसरी तरफ, सीएमओ डा. वीबी सिंह ने सोमवार को एडीशनल सीएमओ डा. अजय राय के नेतृत्व में टीम गठित कर नर्सिंग होम के कागजात की जांच करवाई।
संचालक ने वर्ष 2008 में आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार करने का रजिस्ट्रेशन करवाया हैं लेकिन अंग्रेजी पद्धति (एलोपैथ) की दवाइयां दे रहे थे। दो दिन में संचालक से जवाब मांगा गया है। - डा. वीबी सिंह, सीएमओ