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जवान का शव पहुंचते ही मची चीख-पुकार
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 12 Mar 2015 12:16 AM IST
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मिजोरम में शहीद हुए अतरौलिया थाना क्षेत्र के देवरापट्टी गांव निवासी सीआरपीएफ के जवान 45 वर्षीय इंद्रेश यादव पुत्र रामलोचन यादव का शव मंगलवार की शाम उनके पैतृक गांव पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया।
जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का तांता लग गया। वहीं कारागार मंत्री बलराम यादव भी जवान के घर पहुंचे और पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी।
मालूम हो कि इंद्रेश यादव परिवार का इकलौता पुत्र था। सात मार्च की रात तीन बजे वह बटालियन के साथ बार्डर से वापस लौट रहा था। तभी उनका वाहन खड्ड में गिर गया।
घटना में इंद्रेश के साथ ही सात और जवानों की मौत हो गई। मंगलवार की देर शाम इंद्रेश का शव उनके पैतृक गांव लाया गया तो घर में रोना पीटना मच गया। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो उठी।
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वहीं इंद्रेश के पिता रामलोचन और पत्नी कुसुम यादव का रो-रोकर बुरा हाल था। 1993 में इंद्रेश बीएसएफ में भर्ती हुआ था, वर्तमान में वह मिजोरम बटालियन में तैनात था।
उसकी शादी अंबेडकरनगर जिले के देवरिया गांव निवासी बखेडू यादव की पुत्री कुसुम यादव के साथ हुई थी। इंद्रेश की बड़ी पुत्री डिंपल यादव की शादी पिछले 22 अप्रैल 2014 में हुई थी।
पुत्र विकास यादव बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र और सबसे छोटा पुत्र अंशु यादव आजमगढ़ के कांवेंट स्कूल में कक्षा छह में पढ़ रहा है। गांव की महिलाएं कुसुम को संभालने में लगी रहीं।
उधर, बीएसएफ के इंचार्ज परमहंस सिंह के नेतृत्व में जवानों ने जवान को गार्ड आफ आनर दिया। एसडीएम अमृतलाल विंद, सीओ रमेश चंद पाठक, तहसीलदार छेदीलाल सिंह थानाध्यक्ष कृपाशंकर मौर्य ने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्त्रस् अर्पित किया।
जवान इंद्रेश के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेट कर मंगलवार को ही अंबेडकरनगर जनपद के रामबाग घाट पर ले जाया गया। जहां उनके पुत्र विकास यादव ने मुखाग्नि दी।
इस दौरान ब्लाक प्रमुख चंद्रशेखर यादव, जिला पंचायत सदस्य चंद्रजीत यादव, हौसिला यादव, भाजपा नेता रमाकांत मिश्र, जयनाथ सिंह, चंद्रजीत तिवारी, बसपा नेता फूलचंद्र यादव, रमेश यादव, अनवर हासमी, मदन यादव आदि ने जवान इंद्रेश को श्रद्धांजलि दी।
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जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का तांता लग गया। वहीं कारागार मंत्री बलराम यादव भी जवान के घर पहुंचे और पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी।
मालूम हो कि इंद्रेश यादव परिवार का इकलौता पुत्र था। सात मार्च की रात तीन बजे वह बटालियन के साथ बार्डर से वापस लौट रहा था। तभी उनका वाहन खड्ड में गिर गया।
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घटना में इंद्रेश के साथ ही सात और जवानों की मौत हो गई। मंगलवार की देर शाम इंद्रेश का शव उनके पैतृक गांव लाया गया तो घर में रोना पीटना मच गया। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो उठी।
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वहीं इंद्रेश के पिता रामलोचन और पत्नी कुसुम यादव का रो-रोकर बुरा हाल था। 1993 में इंद्रेश बीएसएफ में भर्ती हुआ था, वर्तमान में वह मिजोरम बटालियन में तैनात था।
उसकी शादी अंबेडकरनगर जिले के देवरिया गांव निवासी बखेडू यादव की पुत्री कुसुम यादव के साथ हुई थी। इंद्रेश की बड़ी पुत्री डिंपल यादव की शादी पिछले 22 अप्रैल 2014 में हुई थी।
पुत्र विकास यादव बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र और सबसे छोटा पुत्र अंशु यादव आजमगढ़ के कांवेंट स्कूल में कक्षा छह में पढ़ रहा है। गांव की महिलाएं कुसुम को संभालने में लगी रहीं।
उधर, बीएसएफ के इंचार्ज परमहंस सिंह के नेतृत्व में जवानों ने जवान को गार्ड आफ आनर दिया। एसडीएम अमृतलाल विंद, सीओ रमेश चंद पाठक, तहसीलदार छेदीलाल सिंह थानाध्यक्ष कृपाशंकर मौर्य ने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्त्रस् अर्पित किया।
जवान इंद्रेश के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेट कर मंगलवार को ही अंबेडकरनगर जनपद के रामबाग घाट पर ले जाया गया। जहां उनके पुत्र विकास यादव ने मुखाग्नि दी।
इस दौरान ब्लाक प्रमुख चंद्रशेखर यादव, जिला पंचायत सदस्य चंद्रजीत यादव, हौसिला यादव, भाजपा नेता रमाकांत मिश्र, जयनाथ सिंह, चंद्रजीत तिवारी, बसपा नेता फूलचंद्र यादव, रमेश यादव, अनवर हासमी, मदन यादव आदि ने जवान इंद्रेश को श्रद्धांजलि दी।