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Azamgarh News: बाढ़ का पानी घटा तो गांवों में फैलने लगा संक्रमण
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बेलहिया ढाला से अजगरा संपर्क मार्ग। संवाद
लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों में अब बीमारियों का असर दिखाई देने लगा है। गांवों में जलभराव और गंदगी के कारण वायरल फीवर, खाज-खुजली, सर्दी-जुकाम समेत अन्य संक्रमण की शिकायतें बढ़ रही हैं। कई गांवों में बड़ी संख्या में लोग बीमारी की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित मरीजों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार किया जा रहा है।
हैदराबाद गांव में मुन्नी देवी (60), रामजतन (45), गोरख (40), सुभाष यादव (31), राघव मिश्रा (65), महेंद्र यादव (40), शीला (45) और मुन्नी (40) समेत कई ग्रामीण वायरल फीवर और खुजली से पीड़ित हैं। डॉक्टर राकेश सिंह ने बताया कि मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैदराबाद पर दवा दी जा रही है। अधिकांश मरीजों को बुखार और त्वचा संबंधी परेशानी की शिकायत है।
इसी तरह हाजीपुर गांव में भी बीमारी का असर दिखाई दे रहा है। यहां सुंदरी (50), कर्मदानी (52), मोहन (60), सरिता यादव (26), धर्मेंद्र (45), सोमनाथ (77), भानुमति (63), सविता (36), किरण (30), रामनिवास (72), किरन (27), पूजा (28) और सावित्री (45) समेत कई लोग खाज-खुजली और वायरल फीवर से पीड़ित हैं। पीएचसी हाजीपुर के डॉक्टर अशोक यादव ने बताया कि बाढ़ का पानी घटने के बाद संक्रमण का असर सामने आ रहा है। इससे लोगों को खुजली, जुकाम और बुखार की शिकायत हो रही है। मरीजों का स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार किया जा रहा है।
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इन गांवों में भी बीमारी का असर
चक्की हाजीपुर, देवरा खास राजा, इस्माइलपुर, रोशनगंज गांव में भी खाज-खुजली, वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम से लोग प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव और गंदगी के कारण परेशानी बढ़ी है। बाढ़ का पानी कम होने के बाद बीमारी फैलने से ग्रामीणों में चिंता है। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, दवा के छिड़काव और स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की है।
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घाघरा के जलस्तर में गिरावट जारी, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
लाटघाट। सरयू के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार शाम चार बजे की तुलना में सोमवार को बदरहुआ नाले पर जलस्तर 10 सेंटीमीटर और डिघिया नाले पर 17 सेंटीमीटर घट गया। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
रविवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले पर घाघरा का जलस्तर 71.02 मीटर दर्ज किया गया था। सोमवार को इसमें 10 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। वहीं डिघिया नाले पर रविवार को जलस्तर 70.02 मीटर था, जो सोमवार को 17 सेंटीमीटर घटकर 69.85 मीटर रह गया। जलस्तर घटने के साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी निकलने की उम्मीद बढ़ी है। डिघिया नाले पर घाघरा का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर निर्धारित है। सोमवार को यहां जलस्तर खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। बदरहुआ नाले पर न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। सोमवार को यहां जलस्तर खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर नीचे रहा। जलस्तर में लगातार कमी आने से नदी के आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा कम हुआ है। हालांकि, ग्रामीण अभी भी जलभराव और कीचड़ की समस्या से जूझ रहे हैं।
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हैदराबाद गांव में मुन्नी देवी (60), रामजतन (45), गोरख (40), सुभाष यादव (31), राघव मिश्रा (65), महेंद्र यादव (40), शीला (45) और मुन्नी (40) समेत कई ग्रामीण वायरल फीवर और खुजली से पीड़ित हैं। डॉक्टर राकेश सिंह ने बताया कि मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैदराबाद पर दवा दी जा रही है। अधिकांश मरीजों को बुखार और त्वचा संबंधी परेशानी की शिकायत है।
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इसी तरह हाजीपुर गांव में भी बीमारी का असर दिखाई दे रहा है। यहां सुंदरी (50), कर्मदानी (52), मोहन (60), सरिता यादव (26), धर्मेंद्र (45), सोमनाथ (77), भानुमति (63), सविता (36), किरण (30), रामनिवास (72), किरन (27), पूजा (28) और सावित्री (45) समेत कई लोग खाज-खुजली और वायरल फीवर से पीड़ित हैं। पीएचसी हाजीपुर के डॉक्टर अशोक यादव ने बताया कि बाढ़ का पानी घटने के बाद संक्रमण का असर सामने आ रहा है। इससे लोगों को खुजली, जुकाम और बुखार की शिकायत हो रही है। मरीजों का स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार किया जा रहा है।
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इन गांवों में भी बीमारी का असर
चक्की हाजीपुर, देवरा खास राजा, इस्माइलपुर, रोशनगंज गांव में भी खाज-खुजली, वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम से लोग प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव और गंदगी के कारण परेशानी बढ़ी है। बाढ़ का पानी कम होने के बाद बीमारी फैलने से ग्रामीणों में चिंता है। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, दवा के छिड़काव और स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की है।
घाघरा के जलस्तर में गिरावट जारी, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
लाटघाट। सरयू के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार शाम चार बजे की तुलना में सोमवार को बदरहुआ नाले पर जलस्तर 10 सेंटीमीटर और डिघिया नाले पर 17 सेंटीमीटर घट गया। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
रविवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले पर घाघरा का जलस्तर 71.02 मीटर दर्ज किया गया था। सोमवार को इसमें 10 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। वहीं डिघिया नाले पर रविवार को जलस्तर 70.02 मीटर था, जो सोमवार को 17 सेंटीमीटर घटकर 69.85 मीटर रह गया। जलस्तर घटने के साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी निकलने की उम्मीद बढ़ी है। डिघिया नाले पर घाघरा का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर निर्धारित है। सोमवार को यहां जलस्तर खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। बदरहुआ नाले पर न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। सोमवार को यहां जलस्तर खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर नीचे रहा। जलस्तर में लगातार कमी आने से नदी के आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा कम हुआ है। हालांकि, ग्रामीण अभी भी जलभराव और कीचड़ की समस्या से जूझ रहे हैं।