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Azamgarh News: वाद-विवाद में अनन्या पंडित प्रथम, आर्यन राय रहे द्वितीय
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नगर के हिंदी भवन में हिंदी साहित्य परिषद के तत्वावधान में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में विजय
हिंदी साहित्य परिषद की ओर से हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में नगर के हिंदी भवन में रविवार को डिजिटल युग में हिंदी की भूमिका’ विषयक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित कीईगइ। इसमें अनन्या पंडित विजेता बनी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ.सर्वेश पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को आधुनिक तकनीक, इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों से जोड़कर नई पीढ़ी तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
वाद विवाद प्रतियोगिता में प्रथम अनन्या पंडित को 3,100 रुपये नकद, द्वितीय आर्यन राय को 2,100 रुपये नकद और तृतीय फ़ौज़िया खातून को 1,100 रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. धनंजय शर्मा एवं अशोक राय शामिल रहे।
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कार्यक्रम संयोजक डॉ. एस. सी. तिवारी ने कहा कि डिजिटल युग हिंदी के लिए एक चुनौती के साथ-साथ बड़ा अवसर भी है। आज सोशल मीडिया, डिजिटल शिक्षा, वेबसाइट, मोबाइल एप और अन्य तकनीकी माध्यमों में हिंदी का प्रयोग निरंतर बढ़ रहा है।
आवश्यकता इस बात की है कि हिंदी को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम तथा समृद्ध बनाया जाए। हिंदी साहित्य परिषद के मंत्री नंदकिशोर ने भी विचार व्यक्त किए।
इस दौरान पंकज कपूर, गिरिराज शरण अग्रवाल, बृजेश ऊमर, पवन खंडेलवाल, शमीम अहमद, कृष्ण मुरारी उपाध्याय, डॉ. कमलेश राय, डॉ. रामनिवास राय, डॉ. सी. पी. राय, संस्कार भारती उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ.सर्वेश पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को आधुनिक तकनीक, इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों से जोड़कर नई पीढ़ी तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
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वाद विवाद प्रतियोगिता में प्रथम अनन्या पंडित को 3,100 रुपये नकद, द्वितीय आर्यन राय को 2,100 रुपये नकद और तृतीय फ़ौज़िया खातून को 1,100 रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. धनंजय शर्मा एवं अशोक राय शामिल रहे।
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कार्यक्रम संयोजक डॉ. एस. सी. तिवारी ने कहा कि डिजिटल युग हिंदी के लिए एक चुनौती के साथ-साथ बड़ा अवसर भी है। आज सोशल मीडिया, डिजिटल शिक्षा, वेबसाइट, मोबाइल एप और अन्य तकनीकी माध्यमों में हिंदी का प्रयोग निरंतर बढ़ रहा है।
आवश्यकता इस बात की है कि हिंदी को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम तथा समृद्ध बनाया जाए। हिंदी साहित्य परिषद के मंत्री नंदकिशोर ने भी विचार व्यक्त किए।
इस दौरान पंकज कपूर, गिरिराज शरण अग्रवाल, बृजेश ऊमर, पवन खंडेलवाल, शमीम अहमद, कृष्ण मुरारी उपाध्याय, डॉ. कमलेश राय, डॉ. रामनिवास राय, डॉ. सी. पी. राय, संस्कार भारती उपस्थित रहे।