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मरम्मत के अभाव में लाखों की एंबुलेंस बनी कबाड़

Sat, 11 Sep 2021 11:47 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 11:47 PM IST
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Ambulances worth lakhs became junk due to lack of repair
रानी की सराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में खराब पड़ी एंबुलेंस। - फोटो : AZAMGARH
रानी की सराय। स्थानीय पीएचसी परिसर में 102 नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा की एक गाड़ी कई माह से खड़ी कर कबाड़ की जा रही है। चंद रुपयों के पुर्जों के अभाव में लाखों की लागत से क्रय की गई यह एंबुलेंस विभागीय अनदेखी से अस्पताल परिसर में खड़ी-खड़ी सड़ रही है।
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मरीजों को अस्पताल लाने व अस्पताल से घर पहुंचाने को लेकर 102 व 108 के नाम से संचालित एंबुलेंस की कीमत लाखों रुपये है। इसके बाद भी लाखों के इन वाहनों को चंद रुपये के पुर्जों के अभाव में जगह-जगह खड़ी कर सड़ाया जा रहा है। पीएचसी रानी की सराय परिसर में भी ऐसी ही एक 102 एंबुलेंस खड़ी-खड़ी सड़ रही है। जबकि एंबुलेंस के अभाव में मरीजों को अस्पताल आने व अस्पताल से घर जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लगभग साल भर से यह एंबुलेंस परिसर में खड़ी-खड़ी सड़ रही है, लेकिन कोई भी जिम्मेदार इसकी सुधि आज तक नहीं लिया। एक एंबुलेंस के चालक व पायलट ने बताया कि मामूली खर्च में उक्त एंबुलेंस को सड़कों पर दौड़ाया जा सकता है, लेकिन देख रेख के अभाव में वह अस्पताल परिसर में खड़ी है। डॉ. मनीष तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक, पीएचसी रानी की सराय ने बताया कि एंबुलेंस में कुछ खराबी है, जिसके चलते ही वह अस्पताल परिसर में खड़ी है। इन एंबुलेंसों के संचालन व रख रखाव की जिम्मेदारी लखनऊ से निर्धारित होती है, जिसके चलते हम कुछ कह नहीं सकते है।
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