{"_id":"5f21af578ebc3e63c232aa85","slug":"allotment-of-multiple-plots-in-industrial-area-in-the-name-of-one-azamgarh-news-vns5386270144","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंडस्ट्रीयल एरिया में एक के नाम से कई प्लाटों का आवंटन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंडस्ट्रीयल एरिया में एक के नाम से कई प्लाटों का आवंटन
विज्ञापन
आजमगढ़। जनपद में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नगर के बेलइसा क्षेत्र में इंडस्ट्रीयल एरिया घोषित किया। इस एरिया में कुल 29 प्लाट आरक्षित किए गए थे। एकृएक नाम पर कई प्लाटों का आवंटन किया गया है। प्लाट उद्योग लगाने के लिए दिए गए थे, ताकि लोगों को रोजगार भी मिले, लेकिन आज इन प्लाटों पर उद्योग लगाने के बजाए बहुत से लोगों ने इसे अपना गोदाम बना रखा है। इससे इंडस्ट्रीयल एरिया का मतलब ही बदल गया है। वहीं, कई ऐसे लोगों के नाम पर प्लाट का आवंटन आज तक बना हुआ है जो काफी पहले ही परलोक वासी हो गए हैं।विभाग अब उनके आश्रितों का प्लाट ट्रांसफर करने की तैयारी कर रहा है।
जिस समय जनपद का विकास हो रहा था उस समय पूर्ववर्ती सरकार में बेलइसा क्षेत्र में इंडस्ट्रीयल एरिया बनाया गया। इसके तहत सरकार ने कुल 29 प्लाट तैयार किए। इन प्लाटों पर उद्योग लगाने के लिए लोगों को आवंटित किया गया। सरकार की मंशा थी कि उद्योग लगने के बाद जनपद में लोगों को यहीं पर रोजगार मिलेगा। जिन 29 प्लाटों का आवंटन 29 लोगों में होना चाहिए था वह 20 लोगों में ही होकर रह गया। इसमें भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो काफी पहले ही परलोक वासी हो गए हैं। आज भी इनके नाम पर इंडस्ट्रीयल एरिया में प्लाट का आवंटन है। वहीं जिन लोगों को प्लाट का आवंटन किया गया इसमें से किसी ने कील आदि बनाने का कारखाना लगाया। बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने उद्योग लगाने के लिए प्लाट का आवंटन कराया लेकिन आज उसका प्रयोग गोदाम के रूप में कर रहे हैं। इसमें कोई सीमेंट को कोई सरिया बेच रहा है। कोई गाड़ियों का वर्कशाप चला रहा है। इस क्षेत्र का विकास उद्योग लगाने के लिए किया गया था। सबकुछ जानते हुए भी विभाग मौन साधे बैठा है।
आफिस के लिए है छत ढ़ालने की इजाजत
आजमगढ़। उद्योग केंद्र की मानें तो इंडस्ट्रीयल एरिया में जिन लोगों को प्लाट का आवंटन होता है। उन लोगों आफिस और छोटे मोटे गोदाम को छोड़कर पक्की छत छालने की इजाजत नहीं है। आज अगर इंडस्ट्रीयल एरिया को ध्यान से देखें तो यहां एक से बढ़कर एक आलीशान भवन बनकर तैयार हैं। सबकुछ जानते हुए भी विभाग मौन साधे बैठा है।
विज्ञापन
जो लोग मृत हो चुके हैं उनके परिवार के लोग उक्त प्लाट को अपने नाम से कराने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। इस पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जिन लोगों ने प्लाट लेने के बाद काम नहीं शुरू किया था उन लोगों की मीटिंग की गई है। उन्हें कार्य न शुरू करने पर उनके आवंटन को निरस्त करने का निर्देश दिया गया है। सब लोग कार्य शुरू करने को राजी हो गए हैं।
- प्रवीण मौर्य, उपायुक्त उद्योग।
विज्ञापन
जिस समय जनपद का विकास हो रहा था उस समय पूर्ववर्ती सरकार में बेलइसा क्षेत्र में इंडस्ट्रीयल एरिया बनाया गया। इसके तहत सरकार ने कुल 29 प्लाट तैयार किए। इन प्लाटों पर उद्योग लगाने के लिए लोगों को आवंटित किया गया। सरकार की मंशा थी कि उद्योग लगने के बाद जनपद में लोगों को यहीं पर रोजगार मिलेगा। जिन 29 प्लाटों का आवंटन 29 लोगों में होना चाहिए था वह 20 लोगों में ही होकर रह गया। इसमें भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो काफी पहले ही परलोक वासी हो गए हैं। आज भी इनके नाम पर इंडस्ट्रीयल एरिया में प्लाट का आवंटन है। वहीं जिन लोगों को प्लाट का आवंटन किया गया इसमें से किसी ने कील आदि बनाने का कारखाना लगाया। बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने उद्योग लगाने के लिए प्लाट का आवंटन कराया लेकिन आज उसका प्रयोग गोदाम के रूप में कर रहे हैं। इसमें कोई सीमेंट को कोई सरिया बेच रहा है। कोई गाड़ियों का वर्कशाप चला रहा है। इस क्षेत्र का विकास उद्योग लगाने के लिए किया गया था। सबकुछ जानते हुए भी विभाग मौन साधे बैठा है।
विज्ञापन
आफिस के लिए है छत ढ़ालने की इजाजत
आजमगढ़। उद्योग केंद्र की मानें तो इंडस्ट्रीयल एरिया में जिन लोगों को प्लाट का आवंटन होता है। उन लोगों आफिस और छोटे मोटे गोदाम को छोड़कर पक्की छत छालने की इजाजत नहीं है। आज अगर इंडस्ट्रीयल एरिया को ध्यान से देखें तो यहां एक से बढ़कर एक आलीशान भवन बनकर तैयार हैं। सबकुछ जानते हुए भी विभाग मौन साधे बैठा है।
विज्ञापन
जो लोग मृत हो चुके हैं उनके परिवार के लोग उक्त प्लाट को अपने नाम से कराने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। इस पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जिन लोगों ने प्लाट लेने के बाद काम नहीं शुरू किया था उन लोगों की मीटिंग की गई है। उन्हें कार्य न शुरू करने पर उनके आवंटन को निरस्त करने का निर्देश दिया गया है। सब लोग कार्य शुरू करने को राजी हो गए हैं।
- प्रवीण मौर्य, उपायुक्त उद्योग।