{"_id":"5a0c86734f1c1bd7538bda2d","slug":"agricultural-department-itself-residues-of-crops-burning-in-the-fields","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि विभाग खुद खेतों में जला रहा फसलों के अवशेष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि विभाग खुद खेतों में जला रहा फसलों के अवशेष
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:54 PM IST
विज्ञापन
अहरौला के लदौरी स्थिति कृषि विभाग के फर्म में जलाई जा रही धान की पराली।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। सरकार की ओर से भले ही फसलों के अवशेष खेत में जलाने पर रोक और जुर्माना का प्रवधान किया गया है। ये आदेश शायद कृषि विभाग पर लागू नहीं हो रहा है। लेदौरा स्थित कृषि- विभाग के फार्म में कई एकड़ धान की मशीन से कटाई गई। फसल के अवशेष को खेतों में जला दिया गया।
प्रदूषण को लेकर सरकार की ओर से खेतों में फ सल का अवषेश जलाने पर रोक लगाई गई है। उससे निकलने वाला धुआं स्माग का रूप ले लेता है जो सांस और दिल के रोगियों के लिए हानिकारक होता है। ऐसा करने पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। बिना रीपर के धान की कटाई करने वाली कंबाइन मशीनों पर भी कार्रवाई की बात कही गई है।
इसके बाद भी शासन और प्रसाशन के आदेशों का असर नहीं हो रहा है। किसान तो खेतों में पराली जला रहे हैं। उन्होंने रोकने वालों पर भी सरकार के इस आदेशों का असर नहीं है। क्षेत्र के लदौरा में कृषि विभाग की कई एकड़ में कृषि फर्म है। इसमें दान की फसल लगाई गई थी।
विज्ञापन
मंगलवार को कंबाइन से धान की कटाई के बाद फसलों के अवशेष को खेतों में ही जला दिया गया। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं लगा।
कर्मचारियों के खेत में पानी चलाने के लिए कहा गया था, ताकि इस जुतवाया जा सके। यदि अवशेष को जलाया गया है तो ये गलत हुआ है। मामले की जानकारी की जाएगी।
कैलाश राम, फार्म सुपरिंटेंडेट
कृषि विभाग के फार्म में पराली जलाने का मामला संज्ञान में नहीं हैं। यदि ऐसा किया गया है तो मामले में कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रभूषण सिंह, डीएम
विज्ञापन
प्रदूषण को लेकर सरकार की ओर से खेतों में फ सल का अवषेश जलाने पर रोक लगाई गई है। उससे निकलने वाला धुआं स्माग का रूप ले लेता है जो सांस और दिल के रोगियों के लिए हानिकारक होता है। ऐसा करने पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। बिना रीपर के धान की कटाई करने वाली कंबाइन मशीनों पर भी कार्रवाई की बात कही गई है।
विज्ञापन
इसके बाद भी शासन और प्रसाशन के आदेशों का असर नहीं हो रहा है। किसान तो खेतों में पराली जला रहे हैं। उन्होंने रोकने वालों पर भी सरकार के इस आदेशों का असर नहीं है। क्षेत्र के लदौरा में कृषि विभाग की कई एकड़ में कृषि फर्म है। इसमें दान की फसल लगाई गई थी।
विज्ञापन
मंगलवार को कंबाइन से धान की कटाई के बाद फसलों के अवशेष को खेतों में ही जला दिया गया। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं लगा।
कर्मचारियों के खेत में पानी चलाने के लिए कहा गया था, ताकि इस जुतवाया जा सके। यदि अवशेष को जलाया गया है तो ये गलत हुआ है। मामले की जानकारी की जाएगी।
कैलाश राम, फार्म सुपरिंटेंडेट
कृषि विभाग के फार्म में पराली जलाने का मामला संज्ञान में नहीं हैं। यदि ऐसा किया गया है तो मामले में कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रभूषण सिंह, डीएम