फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   After stagnation, the stolen hail sand mining

सख्ती के बाद चोरी छिपे हो रहा बालू का खनन

Wed, 28 Jun 2017 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आजमगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, आजमगढ़ Updated Wed, 28 Jun 2017 11:45 PM IST
विज्ञापन
After stagnation, the stolen hail sand mining
सख्ती के बाद चोरी छिपे हो रहा बालू का खनन
शासन के निर्देश पर तहसील प्रशासन की सख्ती के बाद धड़ल्ले से हो रहे बालू और मिट्टी खनन पर अंकुश लगा है लेकिन लाटघाट क्षेत्र में घाघरा तट पर अब भी रात में चोरी छिपे बालू का खनन हो रहा है। अब तक जो भी कार्रवाई हुई है उनमें अधिकतर तहसील प्रशासन की ओर से की गई है। खनन विभाग की स्थिति यह है कि मात्र दो कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है।            
विज्ञापन

 
लाटघाट क्षेत्र के दियारा इलाके में घाघरा के किनारे वर्षों से सफेद बालू खनन का काम होता रहा है। इसको लेकर वर्चस्व की लड़ाई चलती रही है। इस धंधे में लिप्त लोगों की शासन तक पैठ रही है लेकिन भागता की सरकार बनने के बाद अब उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरकार के निर्देश के बाद अवैध खनन के खिलाफ ताबड़तोड़ कारवाई हुई। परिणाम यह रहा कि अब धड़ल्ले से सफेद बालू के खनन पर अंकुश लगा है लेकिन रात में चोरी छिपे खनन का सिलसिला अब भी जारी है।
विज्ञापन


सफेद बालू की काली कमाई से जुड़े लोगों के बीच कई बार भिड़ंत भी हो चुकी है। इस अवैध धंधे से जुड़े लोगोें का शासन और प्रशासन में गहरी पैठ रही है जिसके चलते वे बेखौफ होकर खनन करते रहे हैं। खास बात यह है कि यह क्षेत्र इतना लंबा है कि प्रशासन की रोक के बाद भी अवैध खनन पर लगाम नहीं लग पा रहा है। घाघरा नदी के किनारे स्थित महुला से लेकर महराजगंज तक दर्जनों ऐसी जगहें हैं, जहां खनन माफियाओं द्वारा चोरीछिपे खनन किया जाता है। यह सब स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्षेत्र के रोशनगंज, पूर्णिया, सिंहगढ़, आराजी देवारा, इस्माइलपुर, हैदराबाद आदि जगहों पर खनन होता रहा है लेकिन वर्तमान में प्रशासन की सख्ती से इस पर लगाम जरूर लगी है लेकिन अभी भी कुछ जगहों पर खनन का कार्य जारी है। वहीं, जनपद का खनन विभाग सिर्फ नाम का विभाग है। विभाग कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। इसलिए अवैध खनन के खिलाफ जो भी कार्रवाई होती है। वह तहसील और थाना स्तर के अधिकारियों और पुलिस द्वारा ही की जाती है।   
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed