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बढ़ने के बाद पांच सेमी घटा घाघरा का जलस्तर
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सगड़ी के देवारा खास राजा के राम दरस के पुरवा से बाढ़ में फंसे ट्रैक्टर को नाव द्वारा बाहर निकालते ?
- फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में कई दिनों की बढ़ोत्तरी के बाद बुधवार को घटाव दर्ज किया गया। हालांकि यह घटाव कम रहा लेकिन लोगों ने नदी के जलस्तर में हो रही कमी को देखते हुए राहत महसूस की। नदी का जलस्तर बढ़ने से सगड़ी तहसील क्षेत्र में 80 गांवों मैरूंड हैं जिसमें सवा लाख की आबादी फंसी हुई है। इनको बाहर निकालने के लिए प्रशासन द्वारा 281 नावें चलाई जा रही हैं।
बदरहुवा नाले पर मअंगलवार की शाम घाघरा नदी का जलस्तर 72:87 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को पांच सेमी घटकर 72.82 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 114 सेमी अधिक है। वहीं डिघिया नाले पर मंगलवार की शाम नदी का जलस्तर 71.97 मीटर दर्ज किया गया था। यहां पर बुधवार को नदी पांच सेमी घटकर 71.92 मीटर पर आ गई। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 152 सेमी अधिक है। सगडी तहसील के देवरांचल में बाढ़ का कहर तेज हो गया है। तहसील के 80 गांव बाढ़ के पानी से मैरूंड हो गए हैं। ग्रामीणों के लिये प्रशासन ने 281 नाव लगाई हैं। बाढ़ से सवा लाख की आबादी प्रभावित है। 75000 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित है। घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ से प्रभावित ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में भरा होने से लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त है। डीएम ने बाढ क्षेत्र का दौरा करते हुए बताया कि सगड़ी तहसील के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में 281 नाव राहत व बचाव कार्य के लिए लगाया गया है। नावों से बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। महुला गढवल बांध पर सहदेवगंज, कुड़ही व हैदराबाद के पास अपने पशुओं के साथ लोग विस्थापित हो गए हैं। लोगों की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। विस्थापित लोगों के लिए राहत पैकेट वितरण करने की व्यवस्था तहसील प्रशासन ने बना दिया है। डीएम , एडीएम और सीएमओ ने बाढ़ चौकियों का दौरा किए। हाजीपुर बाढ़ चौकी पर डीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्या दूर करने के लिए पूरा प्रयास किया गया है। गांव में क्लोरीन की गोली व ब्लीचिंग पाउडर तत्काल पहुंचाया जाए। किसी भी पशु को फंसे होने पर उन्हें नाव उपलब्ध कराई जाए। फंसे हुए लोगों को तत्काल बाहर निकाला जाए सभी विस्थापितों के लिए राहत पैकेट की व्यवस्था कर दी गई है। पांच लीटर मिट्टी का तेल प्रति परिवार को मिलेगा। डिप्टी सीएमओ को फटकार लगाते हुए कहा कि गांव में अब शिकायत मिली तो तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई होगी ।
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अब सहबदिया रिंगबांध पर मड़राया खतरा
लाटघाट। सहबदिया गांव के उत्तर रिंग बाद में दर्जनों जगह रिसाव हो रहा है। ग्राम प्रधान पुल्लू ने कहा कि पूरी रात जागकर गांव के लोग रिसाव को बांधने का काम किए। किसी भी समय बंदा टूट सकता है। अगर ऐसा होता है तो कम से ढ़ाई हजार की आबादी प्रभावित होगी। इसकी जानकारी प्रशासन को दे दी गई है। पानी के दबाव से महुला गढुवल में हैदराबाद रेगुलेटर के पास रिसाव तेज हो गया। जहां भोर में चार बजे से दिन के दो बजे तक लोग रिसाव को बंद करने में लगे रहे। ऐसे ही हाजीपुर भदौरा, हाजीपुर निबियहवा, महादेवगंज आदि जगहों पर करीब चार दर्जन से अधिक रिसाव हो रहा है और बंधे पर दबाव बना हुआ है।
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भदौरा ढ़ाला पर शुरू हुआ रिसाव, ग्रामीणों की मदद से हुआ बंद
लाटघाट। महुला गढवल बांध के भदौरा ढ़ाला के 28:400 पर रात में सीपेज शुरू हो गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी और मौके पर जुट गए और सीपेज को बंद करने में जुट गए। सूचना मिलते ही सहायक अभियंता धनंजय यादव, अवर अभियंता संजय कुमार और अधिशासी अभियंता दीपक कुमार मौके पर पहुंचे और सीपेज को अथक परिश्रम के बाद बंद किया जा सका।
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बदरहुवा नाले पर मअंगलवार की शाम घाघरा नदी का जलस्तर 72:87 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को पांच सेमी घटकर 72.82 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 114 सेमी अधिक है। वहीं डिघिया नाले पर मंगलवार की शाम नदी का जलस्तर 71.97 मीटर दर्ज किया गया था। यहां पर बुधवार को नदी पांच सेमी घटकर 71.92 मीटर पर आ गई। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 152 सेमी अधिक है। सगडी तहसील के देवरांचल में बाढ़ का कहर तेज हो गया है। तहसील के 80 गांव बाढ़ के पानी से मैरूंड हो गए हैं। ग्रामीणों के लिये प्रशासन ने 281 नाव लगाई हैं। बाढ़ से सवा लाख की आबादी प्रभावित है। 75000 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित है। घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ से प्रभावित ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में भरा होने से लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त है। डीएम ने बाढ क्षेत्र का दौरा करते हुए बताया कि सगड़ी तहसील के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में 281 नाव राहत व बचाव कार्य के लिए लगाया गया है। नावों से बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। महुला गढवल बांध पर सहदेवगंज, कुड़ही व हैदराबाद के पास अपने पशुओं के साथ लोग विस्थापित हो गए हैं। लोगों की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। विस्थापित लोगों के लिए राहत पैकेट वितरण करने की व्यवस्था तहसील प्रशासन ने बना दिया है। डीएम , एडीएम और सीएमओ ने बाढ़ चौकियों का दौरा किए। हाजीपुर बाढ़ चौकी पर डीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्या दूर करने के लिए पूरा प्रयास किया गया है। गांव में क्लोरीन की गोली व ब्लीचिंग पाउडर तत्काल पहुंचाया जाए। किसी भी पशु को फंसे होने पर उन्हें नाव उपलब्ध कराई जाए। फंसे हुए लोगों को तत्काल बाहर निकाला जाए सभी विस्थापितों के लिए राहत पैकेट की व्यवस्था कर दी गई है। पांच लीटर मिट्टी का तेल प्रति परिवार को मिलेगा। डिप्टी सीएमओ को फटकार लगाते हुए कहा कि गांव में अब शिकायत मिली तो तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई होगी ।
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अब सहबदिया रिंगबांध पर मड़राया खतरा
लाटघाट। सहबदिया गांव के उत्तर रिंग बाद में दर्जनों जगह रिसाव हो रहा है। ग्राम प्रधान पुल्लू ने कहा कि पूरी रात जागकर गांव के लोग रिसाव को बांधने का काम किए। किसी भी समय बंदा टूट सकता है। अगर ऐसा होता है तो कम से ढ़ाई हजार की आबादी प्रभावित होगी। इसकी जानकारी प्रशासन को दे दी गई है। पानी के दबाव से महुला गढुवल में हैदराबाद रेगुलेटर के पास रिसाव तेज हो गया। जहां भोर में चार बजे से दिन के दो बजे तक लोग रिसाव को बंद करने में लगे रहे। ऐसे ही हाजीपुर भदौरा, हाजीपुर निबियहवा, महादेवगंज आदि जगहों पर करीब चार दर्जन से अधिक रिसाव हो रहा है और बंधे पर दबाव बना हुआ है।
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भदौरा ढ़ाला पर शुरू हुआ रिसाव, ग्रामीणों की मदद से हुआ बंद
लाटघाट। महुला गढवल बांध के भदौरा ढ़ाला के 28:400 पर रात में सीपेज शुरू हो गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी और मौके पर जुट गए और सीपेज को बंद करने में जुट गए। सूचना मिलते ही सहायक अभियंता धनंजय यादव, अवर अभियंता संजय कुमार और अधिशासी अभियंता दीपक कुमार मौके पर पहुंचे और सीपेज को अथक परिश्रम के बाद बंद किया जा सका।