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Azamgarh News: मुलायम, नीलम और निरहुआ के बाद किसी सांसद ने गांव गोद नहीं लिए
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आजमगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद आदर्श गांव योजना के तहत सांसद को एक गांव गोद लेकर उसे हर तरह से संतृप्त कर विकास करने के निर्देश दिए थे। जिले में मुलायम सिंह यादव, नीलम और निरहुआ के बाद किसी सांसद ने गांव गोद नहीं लिया।
इस निर्देश के बाद कुछ सांसदों ने इसका पालन किया लेकिन इसके बाद बने जिले के सांसदों ने गांव गोद नहीं लिया। वर्तमान में जिले के दोनों सांसदों ने अभी तक कोई गांव गोद नहीं लिया है।
प्रधानमंत्री के इस निर्देश पर जनपद में भी तत्कालीन सांसद मुलायम सिंह यादव ने पहले तमौली को गोद लिया। इसके बाद भरौली गांव को गोद लिया।
तमौली गांव जब मुलायम सिंह यादव ने गोद लिया था तो प्रदेश में सपा की सरकार थी। अधिकारियों की पूरी फौज तमौली गांव में उतर गई थी। गांव में विकास के बहुत से कार्य हुए।
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वहीं लालगंज से तत्कालीन भाजपा सांसद रहीं नीलम सोनकर ने पहले लोहरा और फिर बाद में सुरहन गांव को गोद लेकर इन गांवों में विकास के कार्य कराए।
इसके बाद आजमगढ़ सीट से सपा के सांसद अखिलेश यादव बने और लालगंज से बसपा की संगीता आजाद सांसद बनीं। इन दोनों ने कोई गांव गोद नहीं लिया। अखिलेश यादव के इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में आजमगढ़ से भाजपा के दिनेश लाल यादव सांसद चुने गए। उन्होंने हरिहरपुर गांव को गोद लिया।
उन्होंने गांव में संगीत महाविद्यालय की स्थापना कराई। उनके प्रयास से गांव में शीतला माता मंदिर और शंकर भगवान के मंदिर का पर्यटन विभाग ने सुंदरीकरण कराया। गांव में जाने वाले मार्ग का चौड़ीकरण कराया गया।
इसके बाद हुए आम चुनाव में आजमगढ़ से सपा के धर्मेंद्र यादव और लालगंज से सपा के दरोगा प्रसाद सरोज चुने गए।
चुनाव को संपन्न हुए छह माह से अधिक बीत गया लेकिन अभी तक किसी भी सांसद ने गांव को गोद नहीं लिया गया है। सपा जहां इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रही है। वहीं भाजपा इसका ठीकरा सांसदों पर फोड़ रही है।
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इस निर्देश के बाद कुछ सांसदों ने इसका पालन किया लेकिन इसके बाद बने जिले के सांसदों ने गांव गोद नहीं लिया। वर्तमान में जिले के दोनों सांसदों ने अभी तक कोई गांव गोद नहीं लिया है।
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प्रधानमंत्री के इस निर्देश पर जनपद में भी तत्कालीन सांसद मुलायम सिंह यादव ने पहले तमौली को गोद लिया। इसके बाद भरौली गांव को गोद लिया।
तमौली गांव जब मुलायम सिंह यादव ने गोद लिया था तो प्रदेश में सपा की सरकार थी। अधिकारियों की पूरी फौज तमौली गांव में उतर गई थी। गांव में विकास के बहुत से कार्य हुए।
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वहीं लालगंज से तत्कालीन भाजपा सांसद रहीं नीलम सोनकर ने पहले लोहरा और फिर बाद में सुरहन गांव को गोद लेकर इन गांवों में विकास के कार्य कराए।
इसके बाद आजमगढ़ सीट से सपा के सांसद अखिलेश यादव बने और लालगंज से बसपा की संगीता आजाद सांसद बनीं। इन दोनों ने कोई गांव गोद नहीं लिया। अखिलेश यादव के इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में आजमगढ़ से भाजपा के दिनेश लाल यादव सांसद चुने गए। उन्होंने हरिहरपुर गांव को गोद लिया।
उन्होंने गांव में संगीत महाविद्यालय की स्थापना कराई। उनके प्रयास से गांव में शीतला माता मंदिर और शंकर भगवान के मंदिर का पर्यटन विभाग ने सुंदरीकरण कराया। गांव में जाने वाले मार्ग का चौड़ीकरण कराया गया।
इसके बाद हुए आम चुनाव में आजमगढ़ से सपा के धर्मेंद्र यादव और लालगंज से सपा के दरोगा प्रसाद सरोज चुने गए।
चुनाव को संपन्न हुए छह माह से अधिक बीत गया लेकिन अभी तक किसी भी सांसद ने गांव को गोद नहीं लिया गया है। सपा जहां इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रही है। वहीं भाजपा इसका ठीकरा सांसदों पर फोड़ रही है।