आजमगढ़। मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी द्वारा शनिवार को कैंप कार्यालय में स्वास्थ्य एवं शिक्षा, कन्या भू्रण हत्या, मुख्यमन्त्री कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा की गई। बैठक से तीन खंड विकास अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर मंडलायुक्त ने तीनों को प्रतिकूल प्रविष्टी देने का निर्देश दिया।
मंडलायुक्त ने योजना के सभी छह स्टेजों की विकास खंडवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान जनपद बलिया के विकास खंड बैरिया, बांसडीह और दुबहड़ के खंड विकास अधिकारी अनुपस्थित मिले। इन लोगों के द्वारा अवकाश रहने की अनुमति भी नहीं ली गयी थी। उन्होंने तीनों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर पर उक्त योजना के 802 आवेदन पत्र में से कोई भी फार्वर्ड नहीं किया गया था, जिस पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी बलिया द्वारा अवगत कराया गया कि विकास खंड रेवती में बीडीओ का पद रिक्त होने के कारण वहां का कार्यभार कृषि विभाग के अधिकारी देख रहे हैं लेकिन उनकी परफार्मेंस किसी भी दशा में संतोषजनक नहीं है। मंडलायुक्त ने उनसे तत्काल बीडीओ का चार्ज वापस लेकर किसी अन्य बीडीओ को चार्ज देने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान जनपद मऊ एवं बलिया में प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारियों के स्तर से मानीटरिंग की कमी मानते हुए निर्देशित किया कि दिन प्रतिदिन इसकी निम्न स्तर से समीक्षा की जाए और दो दिन के अंदर अपेक्षित प्रगति लाई जाए। इस मौके पर उप निदेशक महिला कल्याण ओंकारनाथ यादव, तीनों जनपदों के जिला प्रोबेशन अधिकारी क्रमश: बच्चा लाल, समर बहादुर सरोज एवं कृष्णकांत राय आदि उपस्थित थे।