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342 कार्डधारकों पर कार्रवाई की आंच, शुरू होगी जांच
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आजमगढ़। जिले के 342 किसानों के राशन कार्ड को लेकर शासन सख्त हो गया है। यह ऐसे किसान हैं, जिन्होंने क्रय केंद्रों पर कई क्विंटल गेहूं की बिक्री भी की है। साथ ही राशन कार्ड बनवाकर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन भी उठा रहे हैं। शासन ने ऐसे कुल 342 कार्डधारकों की सूची जिला पूर्ति अधिकारी को भेजा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर ब्लाकवार इस तरह के कार्डधारकों के रिकार्ड खंगाले जाएंगे।
जिले में कुल 22 ब्लाक और आठ तहसील हैं। 22 ब्लाकों में कुल करीब 2171 सरकारी राशन की दुकानें हैं। कुल 793358 कार्डधारक हैं। इसमें 105158 अंत्योदय के है। बाकी के पात्र गृहस्थी के है। विभाग की मानें तो ग्रामीण क्षेत्र के अंत्योदय कार्ड योजना के लिए पात्रता 15000 रुपये तक की वार्षिक आय मिलने वाले परिवार, वृद्धावस्था पेंशन धारी, छोटे और सीमांत किसान, भूमिहीन खेतिहर मजदूर, शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति, निरीक्षक विधवा, ग्रामीण कारीगर या शिल्पकार जैसे कुमार, बुनकर, लोहार, बढ़ई और झुग्गीवासी हैं। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में अंत्योदय कार्डधारकों की पात्रता 15000 रुपये तक की वार्षिक आय मिलने वाले परिवार, झुग्गियों में रहने वाले लोग, दैनिक वेतन भोगी जैसे की रिक्शा चालक, फुटपाथ पर फल और फूल बेचने वाले, घरेलू नौकर, निर्माण श्रमिक विधवा या दिव्यांग, स्नेक चार्मर, रैग पिकर व काबलर हैं। इसी प्रकार पात्र गृहस्थी के लिए अगर व्यक्ति के पास चार पहिया वाहन है। घर में एसी और पांच केवीए या उससे अधिक का जेनरेटर है। परिवार के पास 100 वर्ग मीटर से अधिक का स्वअर्जित आवासीय प्लाट या उस पर स्वनिर्मित मकान है। 100 वर्ग मीटर से अधिक कार्पोरेट एरिया का आवासीय फ्लैट है। शस्त्र लाइसेंस होने या परिवार के पास 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक कार्पोरेट एरिया का व्यवसायिक स्थान होने पर वह खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे से बाहर होगा। यानी इनका पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड नहीं बनेगा। इसके बावजूद जिले में इस तरह के लोगों के कार्ड विभागीय मिलीभगत से बना दिए गए।
जिले में कुल 342 ऐसे कार्डधारक हैं जो सरकारी क्रय केंद्रों पर पंजीकृत हैं और गेहूं की बिक्री भी किए हुए हैं। शासन से ऐसे लोगों की सूची उपलब्ध कराई गई है। डीएम के आदेश पर सभी कार्डधारकों की जांच कराई जाएगी। अपात्रों को हर हाल में गरीबों के लिए चलाई जा रही इस योजना से दूर किया जाएगा। खासकर खेतिहर किसानों की खतौनी का आंकलन कर उनका राशनकार्ड जारी किया जाएगा।
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सुनील पुष्कर, जिला पूर्ति अधिकारी, आजमगढ़।
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जिले में कुल 22 ब्लाक और आठ तहसील हैं। 22 ब्लाकों में कुल करीब 2171 सरकारी राशन की दुकानें हैं। कुल 793358 कार्डधारक हैं। इसमें 105158 अंत्योदय के है। बाकी के पात्र गृहस्थी के है। विभाग की मानें तो ग्रामीण क्षेत्र के अंत्योदय कार्ड योजना के लिए पात्रता 15000 रुपये तक की वार्षिक आय मिलने वाले परिवार, वृद्धावस्था पेंशन धारी, छोटे और सीमांत किसान, भूमिहीन खेतिहर मजदूर, शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति, निरीक्षक विधवा, ग्रामीण कारीगर या शिल्पकार जैसे कुमार, बुनकर, लोहार, बढ़ई और झुग्गीवासी हैं। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में अंत्योदय कार्डधारकों की पात्रता 15000 रुपये तक की वार्षिक आय मिलने वाले परिवार, झुग्गियों में रहने वाले लोग, दैनिक वेतन भोगी जैसे की रिक्शा चालक, फुटपाथ पर फल और फूल बेचने वाले, घरेलू नौकर, निर्माण श्रमिक विधवा या दिव्यांग, स्नेक चार्मर, रैग पिकर व काबलर हैं। इसी प्रकार पात्र गृहस्थी के लिए अगर व्यक्ति के पास चार पहिया वाहन है। घर में एसी और पांच केवीए या उससे अधिक का जेनरेटर है। परिवार के पास 100 वर्ग मीटर से अधिक का स्वअर्जित आवासीय प्लाट या उस पर स्वनिर्मित मकान है। 100 वर्ग मीटर से अधिक कार्पोरेट एरिया का आवासीय फ्लैट है। शस्त्र लाइसेंस होने या परिवार के पास 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक कार्पोरेट एरिया का व्यवसायिक स्थान होने पर वह खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे से बाहर होगा। यानी इनका पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड नहीं बनेगा। इसके बावजूद जिले में इस तरह के लोगों के कार्ड विभागीय मिलीभगत से बना दिए गए।
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जिले में कुल 342 ऐसे कार्डधारक हैं जो सरकारी क्रय केंद्रों पर पंजीकृत हैं और गेहूं की बिक्री भी किए हुए हैं। शासन से ऐसे लोगों की सूची उपलब्ध कराई गई है। डीएम के आदेश पर सभी कार्डधारकों की जांच कराई जाएगी। अपात्रों को हर हाल में गरीबों के लिए चलाई जा रही इस योजना से दूर किया जाएगा। खासकर खेतिहर किसानों की खतौनी का आंकलन कर उनका राशनकार्ड जारी किया जाएगा।
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सुनील पुष्कर, जिला पूर्ति अधिकारी, आजमगढ़।