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नवंबर तक कार्य पूरा न हुआ तो खैर नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Sat, 22 Oct 2016 11:50 PM IST
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दुर्गाप्रसाद यादव
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मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर वनमंत्री दुर्गा प्रसाद यादव काफी नाराज दिखे। उन्होंने शनिवार को डाक बंगले में जिलाधिकारी और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। कहा कि अगर नवंबर तक अंडरग्राउंड केबिल से अगर नगर क्षेत्र में विद्युत की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो वह स्वयं कार्यदायी संस्था के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे।
जनपद में अंडरग्राउंड केबिल की धीमी प्रगति, सड़कों के चौड़ीकरण के दौरान अंडरग्राउंड केबिल उखाड़े जाने और उनके क्षतिग्रस्त होने की खबर को 'अमर उजाला' ने 22 अक्टूबर को 'पेज नंबर तीन' पर 'विकास के नाम पर लग रही चपत' शीर्षक से खबर प्रकाशित किया। खबर पढ़ते ही वनमंत्री दुर्गाप्रसाद यादव ने शनिवार को डाक बंगले में जिलाधिकारी और विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई। वनमंत्री के तेवर तल्ख दिखे। इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अंडरग्राउंड केबिल के कार्य में कार्यदायी संस्था की लापरवाही प्रतीत हो रही है। अगर नवंबर माह तक कार्य पूरा नहीं हुआ तो कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वह पता करें कि कंपनी ने इस कार्य में लगे मजदूरों का रजिस्ट्रेशन श्रम कार्यालय में हुआ है या नहीं। अगर नहीं कराया है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। कंपनी ने जनता से धोखा किया है इस कार्य को मार्च तक ही पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन लापरवाही के कारण अब तक कार्य पूरा नहीं हुआ। उन्होंने मुख्य अभियंता पीपी सिंह को निर्देश दिया कि इस समय सड़क चौड़ीकरण और डिवाइडर बनाने का कार्य चल रहा है। इसकी राह में जो विद्युत पोल बाधक बन रहे हैं उन्हें हटाएं।
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कंपनी की लापरवाही से जगह-जगह केबिल उखाड़ी जा रही है और क्षतिग्रस्त हो रही है और जंक्शन बाक्स उखड़ रहे हैं। डीएम को निर्देश दिया कि वह टीम बनाकर साप्ताहिक समीक्षा करें। दोषियों के पर कार्रवाई करें। कहा कि यह मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर अधीक्षण अभियंता डीके सिंह, आरआर सिंह, अधिशासी अभियंता धीरज सिन्हा, एसडीओ मनीष कुमार आदि उपस्थित थे।
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जनपद में अंडरग्राउंड केबिल की धीमी प्रगति, सड़कों के चौड़ीकरण के दौरान अंडरग्राउंड केबिल उखाड़े जाने और उनके क्षतिग्रस्त होने की खबर को 'अमर उजाला' ने 22 अक्टूबर को 'पेज नंबर तीन' पर 'विकास के नाम पर लग रही चपत' शीर्षक से खबर प्रकाशित किया। खबर पढ़ते ही वनमंत्री दुर्गाप्रसाद यादव ने शनिवार को डाक बंगले में जिलाधिकारी और विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई। वनमंत्री के तेवर तल्ख दिखे। इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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अंडरग्राउंड केबिल के कार्य में कार्यदायी संस्था की लापरवाही प्रतीत हो रही है। अगर नवंबर माह तक कार्य पूरा नहीं हुआ तो कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वह पता करें कि कंपनी ने इस कार्य में लगे मजदूरों का रजिस्ट्रेशन श्रम कार्यालय में हुआ है या नहीं। अगर नहीं कराया है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। कंपनी ने जनता से धोखा किया है इस कार्य को मार्च तक ही पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन लापरवाही के कारण अब तक कार्य पूरा नहीं हुआ। उन्होंने मुख्य अभियंता पीपी सिंह को निर्देश दिया कि इस समय सड़क चौड़ीकरण और डिवाइडर बनाने का कार्य चल रहा है। इसकी राह में जो विद्युत पोल बाधक बन रहे हैं उन्हें हटाएं।
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कंपनी की लापरवाही से जगह-जगह केबिल उखाड़ी जा रही है और क्षतिग्रस्त हो रही है और जंक्शन बाक्स उखड़ रहे हैं। डीएम को निर्देश दिया कि वह टीम बनाकर साप्ताहिक समीक्षा करें। दोषियों के पर कार्रवाई करें। कहा कि यह मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर अधीक्षण अभियंता डीके सिंह, आरआर सिंह, अधिशासी अभियंता धीरज सिन्हा, एसडीओ मनीष कुमार आदि उपस्थित थे।