14 दिनों में जमा हुए 25 करोड़
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आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के कुल 23 बैंकों के 301 शाखाओं में जनधन योजना के तहत कुल छह लाख पांच हजार खाते खुले थे। शून्य बैलेंस पर खुलने वाले यह सारे खाते गरीबों के हैं। आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के नोट को बंद कर दिया। इन नोटों को अपने बैंक खातों में जमा करने की अपील की गई। 10 नवंबर से 24 नवंबर तक जनधन खातों में कुल 25 करोड़ रुपये तक जमा हो चुके हैं।
हालांकि एक हजार और पांच सौ के अधिक नोट रखने वालों ने जनधन खाता खुलवाने वालों के जरिये अपने धन को समायोजित करने का प्रयास किया। इन दिनों जनधन खातों में जमा धन पर भी नजर रखी जा रही है। यूनियन बैंक के एलडीएम मनोज कुमार की मानें तो केवल उनके बैंक की शाखाओं में तीन लाख 77 हजार जनधन खाते खुले हैं। इन खातों में चौदह दिन के भीतर 12 करोड़ 74 लाख रुपये जमा हो चुके हैं। जबकि जिले के अन्य बैंकों में भी करीब 12 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा होगी।
एलडीएम ने बताया कि जनधन के दो खाते हैं। बीएसबीडी-ए ग्रुप के खाते में एक लाख रुपये तक बैलेंस रखा जा सकता है जबकि बीएसबीडी-एस ग्रुप के खाते में पैनकार्ड के साथ कितनी भी रकम जमा की जा सकती है।