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मां-बाप से बदसलूकी ठीक नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 29 Mar 2015 11:59 PM IST
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अंजुमन हाफिज-ए- मिल्लत की तरफ से शनिवार की रात जालंधरी मुहल्ला स्थित जामयतुल कुरैश स्कूल के सामने ईदमिलादुन्नबी जलसे का आयोजन किया गया। जलसे की शुरुआत कुरआन की तिलावत से की गई। जलसे में उलेमा ने मां बाप की नाफरमानी और उनके साथ बदसलूकी करने वालों को जहन्नमी बताया। कहा मां-बाप से हुस्न सलूकी से पेश आएं।
बतौर मुख्य अतिथि मौलाना सेराज अहमद मिस्बाही ने कहा कि हम रसूल के बताए रास्ते पर चल कर सारी बुराइयों से अपने को बचाते हुए कामयाबी हासिल कर सकते हैं। सच्चा मुसलमान वही है जो नबी के उसूलों को अपनी जिंदगी में अपनाते हुए उस पर अमल करे।
मौलाना मुफ्ती मोहम्मद असल नेवादा मुबारकपुरी ने कहा कि उस औलाद को जहन्नम में भी जगह नहीं मिलेगी जो अपने मां-बाप के साथ बुढ़ापे में बदसलूकी करते है। उन्होंने मुसलमानों को पांचों वक्त की नमाज पढ़ने की हिदायत दी। कहा कि नमाजियों के चेहरे खुदबखुद नूरानी हो जाते है, उन्हें किसी फेसवाश या क्रीम की जरुरत नहीं होती।
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इस दौरान एहसान जीयनपुरी, शाकिर, वसीउल्लाह, मौलाना सेराजुद्दीन, मौलाना अली अफसर, सगीर, एहसान कुरैशी, सुल्तान अहमद ने बारगाहे रसूल में नातिया कलाम पेश किए। संचालन कैसर आजमी ने किया।
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बतौर मुख्य अतिथि मौलाना सेराज अहमद मिस्बाही ने कहा कि हम रसूल के बताए रास्ते पर चल कर सारी बुराइयों से अपने को बचाते हुए कामयाबी हासिल कर सकते हैं। सच्चा मुसलमान वही है जो नबी के उसूलों को अपनी जिंदगी में अपनाते हुए उस पर अमल करे।
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मौलाना मुफ्ती मोहम्मद असल नेवादा मुबारकपुरी ने कहा कि उस औलाद को जहन्नम में भी जगह नहीं मिलेगी जो अपने मां-बाप के साथ बुढ़ापे में बदसलूकी करते है। उन्होंने मुसलमानों को पांचों वक्त की नमाज पढ़ने की हिदायत दी। कहा कि नमाजियों के चेहरे खुदबखुद नूरानी हो जाते है, उन्हें किसी फेसवाश या क्रीम की जरुरत नहीं होती।
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इस दौरान एहसान जीयनपुरी, शाकिर, वसीउल्लाह, मौलाना सेराजुद्दीन, मौलाना अली अफसर, सगीर, एहसान कुरैशी, सुल्तान अहमद ने बारगाहे रसूल में नातिया कलाम पेश किए। संचालन कैसर आजमी ने किया।