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खड़ी बोली को दी एक नई दिशा
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 16 Apr 2017 11:52 PM IST
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जिला प्रगतिशील लेखक संघ के तत्वावधान में पं. अयोध्या सिंह हरिऔध की जयंती एलवल स्थित संघ के कार्यालय में मनाई गई। इस दौरान हरिऔध का काव्य संसार विषयक गोष्ठी में वक्ताओं ने उनके जीवन पर चर्चा की। कला भवन गेट पर हरिऔध जी की, राहुल सांकृत्यायन पुस्तकालय गेट पर राहुल सांकृत्यायन और कुंवर सिंह उद्यान में कुंवर सिंह की मूर्ति लगाने की मांग की।
अध्यक्ष लालसा लाल तरंग ने कहा कि खड़ी बोली के उन्नायक भारतेंदु हरिश्चंद्र के बाद हरिऔध जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कई काव्यों और खंड काव्य के प्रणयन के साथ ही महत्वपूर्ण स्फुट कविताएं भी लिखीं। संघ के महासचिव डा. राजाराम सिंह ने कहा कि कुछ लोगों में यह गलतफहमी है कि हरिऔध जी का प्रिय प्रवास एक महाकाव्य है, जबकि महाकाव्य की परिभाषा में प्रिय प्रवास नहीं आता है, बल्कि यह एक खंड काल के अंतर्गत माना गया है। प्रशासन से हरिऔध कला भवन के मेन गेट पर उनक मूर्ति लगाने की मांग की। इस अवसर पर डा. प्रगति श्रीवास्तव, डा. अर्चना सिंह, डा. वीसी यादव, सुरेश सरोज, कविता, पूजा आदि मौजूद रहीं।
महाकवि हरिऔध स्मृति केंद्र के तत्वावधान में शनिवार की शाम राहुल नगर मड़या में अमरनाथ तिवारी की अध्यक्षता में कवि पं. अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध की जयंती मनाई गई। हरिहर पाठक, डा. अखिलेश चंद्र, पं. अमरनाथ तिवारी, डा. गीता सिंह ने भी संबोधित किया। जनमेजय पाठक, रत्नाकर दुबे, दिनेश पांडेय, राजीव रंजन तिवारी, निशीथ रंजन तिवारी आदि मौजूद रहे।
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अध्यक्ष लालसा लाल तरंग ने कहा कि खड़ी बोली के उन्नायक भारतेंदु हरिश्चंद्र के बाद हरिऔध जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कई काव्यों और खंड काव्य के प्रणयन के साथ ही महत्वपूर्ण स्फुट कविताएं भी लिखीं। संघ के महासचिव डा. राजाराम सिंह ने कहा कि कुछ लोगों में यह गलतफहमी है कि हरिऔध जी का प्रिय प्रवास एक महाकाव्य है, जबकि महाकाव्य की परिभाषा में प्रिय प्रवास नहीं आता है, बल्कि यह एक खंड काल के अंतर्गत माना गया है। प्रशासन से हरिऔध कला भवन के मेन गेट पर उनक मूर्ति लगाने की मांग की। इस अवसर पर डा. प्रगति श्रीवास्तव, डा. अर्चना सिंह, डा. वीसी यादव, सुरेश सरोज, कविता, पूजा आदि मौजूद रहीं।
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महाकवि हरिऔध स्मृति केंद्र के तत्वावधान में शनिवार की शाम राहुल नगर मड़या में अमरनाथ तिवारी की अध्यक्षता में कवि पं. अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध की जयंती मनाई गई। हरिहर पाठक, डा. अखिलेश चंद्र, पं. अमरनाथ तिवारी, डा. गीता सिंह ने भी संबोधित किया। जनमेजय पाठक, रत्नाकर दुबे, दिनेश पांडेय, राजीव रंजन तिवारी, निशीथ रंजन तिवारी आदि मौजूद रहे।
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