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रोडवेज कर्मचारियों की मनबढ़ई के खिलाफ मुखर हुए सामाजिक संगठन
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:48 PM IST
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आजमगढ़। सामाजिक कार्यकर्ता एसके सत्येन के समर्थन में जिले के सभी सामाजिक संगठन एकजुट हो गए है। सामाजिक संगठनों की संयुक्त बैठक शनिवार को कुंवर सिंह उद्यान में हुई। जिसमें रोडवेज कर्मचारियों की मनबढ़ई और रोडवेज प्रशासन की दुव्र्यवस्थाओं पर आक्रोश व्यक्त किया गया। संगठनों ने प्रशासन को पत्रक सौंप कर व्यवस्था में सुधार और दूसरे पक्ष के तहरीर पर भी मुकदमा पंजीकृत किए जाने की मांग की गई।
पूर्वांचल विकास आंदोलन के संयोजक प्रवीण सिंह ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी तीन साल से मनबढ़ई लपर उतारू है। स्थानीय लोग इनके आतंक से खौफ खा रहे है। इसी आतंक के क्रम में इन लोगों ने यूनियन की आड़ में सामाजिक कार्यकर्ता के भाई की पिटाई किया और घर पर चढ़ कर गाली गलौज दिया। उन्होंने कहा कि दोषी रोडवेज कर्मचारी है और सजा दूसरा पक्ष भुगत रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य रास्तों को रोडवेज कर्मचारियों ने बसे खड़ी कर जाम किया था, लेकिन अब तक इनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दिया कि 48 घंटे के अंदर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सड़क जाम करने के मामले में रोडवेज कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को बाध्य होगा। पूर्वांचल मुक्ति मोर्चा के राजेश यादव ने कहा कि एडीएम प्रशासन ने भी रोडवेज की समस्या को संज्ञान में लिया था और निगम के अधिकारियों को बसों को रोडवेज परिसर में खड़ी करने का निर्देश दिया था। लेकिन रोडवेज के अधिकारी/कर्मचारियों पर एडीएम प्रशासन के निर्देश का भी कोई असर नहीं हुआ। बैठक को भारत रक्षा दल के उमेश सिंह, गांधीगिरी टीम के संयोजक विवेक पांडेय, जागो युवा सेवा संस्थान के विनीत सिंह, हियुवा के पूर्व जिला संयोजक हरिवंश मिश्रा ने भी संबोधित किया। अंत में पुलिस और प्रशासन से चार घंटा जाम लगाने वाले रोडवेज कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने, बसो को सड़क के बजाय परिसर में खड़ा कराने, प्रेशर हार्न के प्रयोग पर रोक लगाने, सत्येन के भाई पर दर्ज मुकदमा वापस लिए जाने की मांग किया। इस अवसर पर रामसकल चौहान, हलधर दूबे, रमेश सिंह, शरद कुमार सिंह, सुनील यादव, डॉ. डीपी तिवारी, ऋषभ राय, राहुल मिश्रा, पवन सिंह, सत्यम चौबे समेत काफी संख्या में समाज सेवा से जुड़े लोग मौजूद रहे।
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पूर्वांचल विकास आंदोलन के संयोजक प्रवीण सिंह ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी तीन साल से मनबढ़ई लपर उतारू है। स्थानीय लोग इनके आतंक से खौफ खा रहे है। इसी आतंक के क्रम में इन लोगों ने यूनियन की आड़ में सामाजिक कार्यकर्ता के भाई की पिटाई किया और घर पर चढ़ कर गाली गलौज दिया। उन्होंने कहा कि दोषी रोडवेज कर्मचारी है और सजा दूसरा पक्ष भुगत रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य रास्तों को रोडवेज कर्मचारियों ने बसे खड़ी कर जाम किया था, लेकिन अब तक इनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दिया कि 48 घंटे के अंदर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सड़क जाम करने के मामले में रोडवेज कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को बाध्य होगा। पूर्वांचल मुक्ति मोर्चा के राजेश यादव ने कहा कि एडीएम प्रशासन ने भी रोडवेज की समस्या को संज्ञान में लिया था और निगम के अधिकारियों को बसों को रोडवेज परिसर में खड़ी करने का निर्देश दिया था। लेकिन रोडवेज के अधिकारी/कर्मचारियों पर एडीएम प्रशासन के निर्देश का भी कोई असर नहीं हुआ। बैठक को भारत रक्षा दल के उमेश सिंह, गांधीगिरी टीम के संयोजक विवेक पांडेय, जागो युवा सेवा संस्थान के विनीत सिंह, हियुवा के पूर्व जिला संयोजक हरिवंश मिश्रा ने भी संबोधित किया। अंत में पुलिस और प्रशासन से चार घंटा जाम लगाने वाले रोडवेज कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने, बसो को सड़क के बजाय परिसर में खड़ा कराने, प्रेशर हार्न के प्रयोग पर रोक लगाने, सत्येन के भाई पर दर्ज मुकदमा वापस लिए जाने की मांग किया। इस अवसर पर रामसकल चौहान, हलधर दूबे, रमेश सिंह, शरद कुमार सिंह, सुनील यादव, डॉ. डीपी तिवारी, ऋषभ राय, राहुल मिश्रा, पवन सिंह, सत्यम चौबे समेत काफी संख्या में समाज सेवा से जुड़े लोग मौजूद रहे।
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