आजमगढ़। नगर के वेस्ली इंटर कालेज परिसर में आयोजित हुनर रंग महोत्सव का रविवार को पुरस्कार वितरण के साथ समापन हो गया। इस दौरान संस्थान की ओर से बेस्ट एक्टर का पुरस्कार सुरेंद्र सागर और बेस्ट डांसर का पुरस्कार शीतल शिवांगी को दिया गया। महोत्सव की आखिरी शाम कैलाश रूंगटा को समर्पित रही। महोत्सव के अंतिम शाम का शुभारंभ डा. पीयूष सिंह यादव, अभिषेक जायसवाल दीनू, अशोक मानव, बीके लाल, सुग्रीव विश्वकर्मा और पारितोष रुंगटा ने दीप प्रज्जवलन कर किया। अथितियों का स्वागत संस्थान अध्यक्ष मनोज यादव, हेमंत श्रीवास्तव ने किया। फिर मिलने का वादा कर परदेशी अपने घरों को रवाना हुए। पुरस्कार मिलने की खुशी ने जुदाई के गम को भुला दिया। रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन समारोह की शुरुआत हुई। जिसमें महुआ सुर संग्राम के कलाकार दुष्यंत शुक्ला, अरुण सिंह अनाड़ी, गुड्डू राय के गीतों ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। असम, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, झारखंड, बंगाल, मुंबई के कलाकारों के नृत्य की प्रस्तुतियों ने समापन समारोह को यादगार बना दिया। फिर शुर हुआ पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम जिसमें पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा ने कलाकारों को पुरस्कृत किया।उन्होंने कहा कि यह आजमगढ़ के लिए गर्व की बात है कि पूरे देश के कलाकार यहां आकर देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दे रहे हैं। सभी एक दूसरे की संस्कृतियों का आदान प्रदान कर रहे हैं। हुनर संस्थान इस कार्य के लिए बधाई की पात्र है। नाटकों में ताल जमशेदपुर के नाटक कलंकी ने बाजी मारी, दूसरा स्थान नर्तन कल्चरल रेपेटेरी नलबाड़ी असम के नाटक जाल को मिला। जबकि तीसरा स्थान मां दुर्गा एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसाइटी गंजम ओडिशा के नाटक अंधा नायक को मिला। व्यक्तिगत स्पर्धा के बेस्ट डायरेक्टर की श्रेणी में विजय कुमार शर्मा प्रथम, चंदन बरुआ द्वितीय, राजगोपाल तृतीय स्थान पर रहे। सुरेंद्र सागर बेस्ट एक्टर, राजगोपाल द्वितीय और बबलू तीसरे स्थान रहे। बेस्ट कोमेडी ऐक्टर में तपन बरुआ प्रथम, विश्वनाथ राउत द्वितीय रहे। बेस्ट डांसर शीतल शिवांगी कटक चुनी गई। कार्यक्रम का संचालन सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया। इस दौरान सभी ग्रुप लीडरों को सम्मानित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में मनोज बरनवाल, शशि सोनकर, गौरव मौर्य, डा. शशिभूषण शर्मा, कमलेश सोनकर, आकाश गोंड़, राकेश कुमार, मंटू कुमार, अमरजीत विश्वकर्मा, रवि चौरसिया, मनीष चौधरी आदि लगे रहे।