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डीआईजी ने लगाई एसपी बलिया को फटकार
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:08 AM IST
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आजमगढ़। डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र विजय भूषण ने बुधवार को अपने कार्यालय में मंडल के तीनों जिलों के एसपी के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान महिला हिंसा से जुड़े मामलों पर गंभीर नहीं दिखे एसपी बलिया को फटकार लगाई। साथ ही वादों के निस्तारण में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में मौजूद आजमगढ़, मऊ और बलिया जिले के पुलिस अधीक्षकों को अपराध नियंत्रण और जनता से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी लाने का निर्देश दिया।
डीआईजी विजय भूषण ने बताया कि एक माह के अपराधों की हुई समीक्षा के दौरान पता चला कि महिला हिंसा से जुड़े मुद्दों जिसमें अपराधियों की गिरफ्तारी होनी है। इसमें बलिया जिले की पुलिस काफी पीछे है। डीआईजी के मुताबिक महिला हिंसा से जुड़े मामलों के निस्तारण में आजमगढ़ जिले की पुलिस 92 प्रतिशत, मऊ जिले की पुलिस 88 प्रतिशत और बलिया जिले की पुलिस 79 प्रतिशत काम की है। महिला हिंसा से जुड़े मामलों पर शिथिलता बरतने पर एसपी बलिया को फटकार लगाते हुए कार्य में सुधार का निर्देश दिया गया। इसीक्रम में अन्य अपराधों से जुड़ेे विवेचनाओं के निस्तारण में आजमगढ़ जिले की पुलिस 94 प्रतिशत, मऊ जिले की पुलिस 91 प्रतिशत और बलिया जिले की पुलिस 88 प्रतिशत तक प्रदर्शन की है। जो उम्मीद से बहुत ही कम है। डीआईजी ने बताया कि वांक्षित अभियुक्तों की गिरफ्तार के मामले में मऊ जिले की पुलिस मंडल में प्रथम, बलिया जिले की पुलिस दूसरे स्थान और आजमगढ़ जिले की पुलिस तीसरे स्थान पर है। फरार आरोपियों के जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया। डीआईजी के मुताबिक मुठभेड़ और एनकाउंटर के मामले में आजमगढ़ की पुलिस पहले स्थान, मऊ की पुुलिस दूसरे और बलिया जिले की पुलिस तीसरे स्थान पर है। तीनों जिलों के एसपी को कार्य में सुधार के साथ-साथ अपराध नियंत्रण और जनता से जुड़े मुद्दे पर तेज गति से कार्य करने का निर्देश दिया गया। समीक्षा बैठक में एसपी आजमगढ़ अजय कुमार साहनी के अलावा मऊ और बलिया जिले के एसपी मौजूद रहे।
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डीआईजी विजय भूषण ने बताया कि एक माह के अपराधों की हुई समीक्षा के दौरान पता चला कि महिला हिंसा से जुड़े मुद्दों जिसमें अपराधियों की गिरफ्तारी होनी है। इसमें बलिया जिले की पुलिस काफी पीछे है। डीआईजी के मुताबिक महिला हिंसा से जुड़े मामलों के निस्तारण में आजमगढ़ जिले की पुलिस 92 प्रतिशत, मऊ जिले की पुलिस 88 प्रतिशत और बलिया जिले की पुलिस 79 प्रतिशत काम की है। महिला हिंसा से जुड़े मामलों पर शिथिलता बरतने पर एसपी बलिया को फटकार लगाते हुए कार्य में सुधार का निर्देश दिया गया। इसीक्रम में अन्य अपराधों से जुड़ेे विवेचनाओं के निस्तारण में आजमगढ़ जिले की पुलिस 94 प्रतिशत, मऊ जिले की पुलिस 91 प्रतिशत और बलिया जिले की पुलिस 88 प्रतिशत तक प्रदर्शन की है। जो उम्मीद से बहुत ही कम है। डीआईजी ने बताया कि वांक्षित अभियुक्तों की गिरफ्तार के मामले में मऊ जिले की पुलिस मंडल में प्रथम, बलिया जिले की पुलिस दूसरे स्थान और आजमगढ़ जिले की पुलिस तीसरे स्थान पर है। फरार आरोपियों के जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया। डीआईजी के मुताबिक मुठभेड़ और एनकाउंटर के मामले में आजमगढ़ की पुलिस पहले स्थान, मऊ की पुुलिस दूसरे और बलिया जिले की पुलिस तीसरे स्थान पर है। तीनों जिलों के एसपी को कार्य में सुधार के साथ-साथ अपराध नियंत्रण और जनता से जुड़े मुद्दे पर तेज गति से कार्य करने का निर्देश दिया गया। समीक्षा बैठक में एसपी आजमगढ़ अजय कुमार साहनी के अलावा मऊ और बलिया जिले के एसपी मौजूद रहे।
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