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नौकरियों में नगण्य हुई मुसलमानों की स्थिति
Updated Sun, 08 Oct 2017 11:11 PM IST
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आजमगढ़। राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा की बैठक रविवार को तकिया स्थित राइन मंजिल में हुई। जिसमें सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की नगण्य स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम संयोजक शफी नोमानी ने कहा कि मुसलमानों की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। 1947 से पहले नौकरियों में 33 प्रतिशत मुसलमानों की हिस्सेदारी थी लेकिन आज यह एक प्रतिशत अर्थात नगण्य हो गई है। अनवार ने कहा कि भारत में मुसलमानों को बेगाना और नफरत की भावना से पिछाड़ने की हर संभव कोशिश की जा रही है। इसलिए सभी मुसलमानों केे राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा से जुड़कर देश में अपनी आजादी के लिए मूलनिवासी बहुजन समाज को जागृत करके आजाद करना होगा। अध्यक्षता करते हुए धर्मेंद्र मौर्य ने कहा कि देश में बहुत सरकारें आई लेकिन मुसलमानों की स्थिति में सुधार होने के बजाए इनका स्तर गिरता गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इरशाद अहमद ने कहा कि सच्चर कमीशन मुसलमानों की स्थिति को सुधारने के लिए नहीं बल्कि चेक करने के लिए है कि मुसलमान अभी आजादी के बादकितने ज्यादा पछिड़े हुए हैं। इस मौके पर मोहम्मद दानिश, शफी नोमानी, फैज, डा. ओमप्रकाश आदि उपस्थित थे।
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कार्यक्रम संयोजक शफी नोमानी ने कहा कि मुसलमानों की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। 1947 से पहले नौकरियों में 33 प्रतिशत मुसलमानों की हिस्सेदारी थी लेकिन आज यह एक प्रतिशत अर्थात नगण्य हो गई है। अनवार ने कहा कि भारत में मुसलमानों को बेगाना और नफरत की भावना से पिछाड़ने की हर संभव कोशिश की जा रही है। इसलिए सभी मुसलमानों केे राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा से जुड़कर देश में अपनी आजादी के लिए मूलनिवासी बहुजन समाज को जागृत करके आजाद करना होगा। अध्यक्षता करते हुए धर्मेंद्र मौर्य ने कहा कि देश में बहुत सरकारें आई लेकिन मुसलमानों की स्थिति में सुधार होने के बजाए इनका स्तर गिरता गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इरशाद अहमद ने कहा कि सच्चर कमीशन मुसलमानों की स्थिति को सुधारने के लिए नहीं बल्कि चेक करने के लिए है कि मुसलमान अभी आजादी के बादकितने ज्यादा पछिड़े हुए हैं। इस मौके पर मोहम्मद दानिश, शफी नोमानी, फैज, डा. ओमप्रकाश आदि उपस्थित थे।
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