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जीवितपुत्रिका को लेकर रही चहल-पहल
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:55 PM IST
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आजमगढ़। जीवित पुत्रिका पर्व की पूर्व संध्या पर मंगलवार को बाजारों में चहल-पहल रही। महिलाओं ने पूजन-अर्चन के सामानों की खरीदारी की। बुधवार को जीवित पुत्रिका पर्व पर माताएं पुत्र की लंबी आयु की कामना को लेकर निराजल व्रत रहेंगी।
जीवितपुत्रिका का पर्व बुधवार को जिले में धूमधाम से मनाया जाएगा। पर्व को लेकर मंगलवार को बाजारों में महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भीड़ के चलते चौक क्षेत्र में सहित शहर को अन्य क्षेत्रों में जाम की स्थिति रही। महिलाएं सुबह मछलियों का दर्शन कर दान देती हैं और पूरे दिन निराजल व्रत रहती हैं। शाम होते नदियों, तालाबों और घाटों पर महिलाएं पूजन-अर्चन को उमड़ पड़ती हैं। पर्व को लेकर नगर में फलों आदि की दूकानें सजी हुई हैं। सगड़ी संवाददाता के अनुसार सगड़ी तहसील के गड़ेरीपट्टी, जमीन मुहम्मदपुर, पट्टी और कठैचा हरिजन बस्ती सहित दर्जनों गांव में महिलाएं छोटी सिधरी मछली खाकर व्रत रहती हैं। साथ ही एक परंपरा यह भी है सुबह पानी में तैरती मछली को देखकर महिलाएं व्रत रखती हैं। वहीं कुछ महिलाएं सरपुतिया खाकर व्रत रहती हैं। यदि किसी कारणवश महिला व्रत नहीं रह पाती है तो उनके पति व्रत रहते हैं। पर्व को लेकर क्षेत्र में मंगलवार को जीयनपुर बाजार, मालटारी, अजमतगढ़ आदि बाजारों में महिलाओं की भारी भीड़ रही।
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जीवितपुत्रिका का पर्व बुधवार को जिले में धूमधाम से मनाया जाएगा। पर्व को लेकर मंगलवार को बाजारों में महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भीड़ के चलते चौक क्षेत्र में सहित शहर को अन्य क्षेत्रों में जाम की स्थिति रही। महिलाएं सुबह मछलियों का दर्शन कर दान देती हैं और पूरे दिन निराजल व्रत रहती हैं। शाम होते नदियों, तालाबों और घाटों पर महिलाएं पूजन-अर्चन को उमड़ पड़ती हैं। पर्व को लेकर नगर में फलों आदि की दूकानें सजी हुई हैं। सगड़ी संवाददाता के अनुसार सगड़ी तहसील के गड़ेरीपट्टी, जमीन मुहम्मदपुर, पट्टी और कठैचा हरिजन बस्ती सहित दर्जनों गांव में महिलाएं छोटी सिधरी मछली खाकर व्रत रहती हैं। साथ ही एक परंपरा यह भी है सुबह पानी में तैरती मछली को देखकर महिलाएं व्रत रखती हैं। वहीं कुछ महिलाएं सरपुतिया खाकर व्रत रहती हैं। यदि किसी कारणवश महिला व्रत नहीं रह पाती है तो उनके पति व्रत रहते हैं। पर्व को लेकर क्षेत्र में मंगलवार को जीयनपुर बाजार, मालटारी, अजमतगढ़ आदि बाजारों में महिलाओं की भारी भीड़ रही।
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