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पहले चरण में 900 किसान गड़बड़ी की वजह से हुए बाहर
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:24 AM IST
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आजमगढ़। विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने किसानों से कर्ज माफ करना वादा किया था। प्रदेश में सरकार बनने के बाद योगी सरकार ने एक लाख रुपये तक के फसली ऋण माफ करने की घोषणा की। इस योजना में पहले चरण के लिए 14192 किसानों का चयन हो चुका है।
प्रदेश सरकारी की घोषणा के बाद जारी निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन ने कर्जमाफी के दायरे में आने वाले किसानों की सूची तैयार की। इस सूची में जिले के लगभग 80 हजार किसानों को शामिल किया गया। जिन्होंने एक लाख रुपये या उससे कम फसली ऋण बैंकों से लिया है। पहले चरण की कर्ज माफी के लिए तहसील स्तर पर सत्यापन कराकर जिला प्रशासन ने लगभग 15000 किसानों की सूची के साथ रिपोर्ट शासन के पास भेज दी। शासन में जब रिपोर्ट की जांच की गई तो इसमें से लगभग 900 किसानों के नाम पर आब्जेक्शन लगाकर लौटा दिया। इनमें वह किसान शामिल हैं जिन्हें या तो जनपद से बाहर रहना दिखाया गया है, या तो उन्होंने शहरी आवासीय जमीन पर ऋण ले रखा था। बहुत से किसान ऐसे हैं जो अभी तक अपना आधार कार्ड भी अपने खाते से लिंक नहीं करा सके हैं। इस प्रकार पहले चरण में कुल 14192 किसानों को फसल ऋण मोचन योजना का लाभ मिलेगा। इन किसानों का 91.95 लाख रुपये का ऋण माफ होगा।
प्रदेश सरकारी की घोषणा के बाद जारी निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन ने कर्जमाफी के दायरे में आने वाले किसानों की सूची तैयार की। इस सूची में जिले के लगभग 80 हजार किसानों को शामिल किया गया। जिन्होंने एक लाख रुपये या उससे कम फसली ऋण बैंकों से लिया है। पहले चरण की कर्ज माफी के लिए तहसील स्तर पर सत्यापन कराकर जिला प्रशासन ने लगभग 15000 किसानों की सूची के साथ रिपोर्ट शासन के पास भेज दी। शासन में जब रिपोर्ट की जांच की गई तो इसमें से लगभग 900 किसानों के नाम पर आब्जेक्शन लगाकर लौटा दिया। इनमें वह किसान शामिल हैं जिन्हें या तो जनपद से बाहर रहना दिखाया गया है, या तो उन्होंने शहरी आवासीय जमीन पर ऋण ले रखा था। बहुत से किसान ऐसे हैं जो अभी तक अपना आधार कार्ड भी अपने खाते से लिंक नहीं करा सके हैं। इस प्रकार पहले चरण में कुल 14192 किसानों को फसल ऋण मोचन योजना का लाभ मिलेगा। इन किसानों का 91.95 लाख रुपये का ऋण माफ होगा।
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