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मां कालरात्रि की आराधना को आस्था का उमड़ा सैलाब
Updated Wed, 27 Sep 2017 11:43 PM IST
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आजमगढ़। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन बुधवार को मां के दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान लग रहे मां के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
शारदीय नवरात्र के सातवें दिन देवी मां के दरबार में भक्तों की भीड़ रही। सभी ने पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना की। घंटा घडिय़ाल और मां के लग रहे जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया था। लालगंज संवाददाता के अनुसार लालगंज ब्लाक के सिधौना गांव में स्थित मां सिद्धेश्वरी देवी का मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है। नवरात्र के सातवें दिन मां के दरबार पूजन-अर्चन को भक्त उमड़ पड़े। बता दें कि सिधौना गांव के मध्य मां भगवती का मंदिर है। करीब 600 साल पुराने इस मंदिर के इतिहास में देखें तो पता चलता है कि मां ने रियासत के बंटवारे के लिए आपस में भिड़े दो भाईयों के दिलों की दूरी कम करने के लिए यहां समाधि ली थी। निजामाबाद संवाददाता के अनुसार मां शीतला धाम पर दुव्र्यवस्थाओं के बीच सातवें दिन भी मां के भक्तों का तांता लगा रहा। पूजन-अर्चन कर महिलाओं ने कढ़ाही चढ़ाई। इस दौरान लग रहे जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
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शारदीय नवरात्र के सातवें दिन देवी मां के दरबार में भक्तों की भीड़ रही। सभी ने पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना की। घंटा घडिय़ाल और मां के लग रहे जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया था। लालगंज संवाददाता के अनुसार लालगंज ब्लाक के सिधौना गांव में स्थित मां सिद्धेश्वरी देवी का मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है। नवरात्र के सातवें दिन मां के दरबार पूजन-अर्चन को भक्त उमड़ पड़े। बता दें कि सिधौना गांव के मध्य मां भगवती का मंदिर है। करीब 600 साल पुराने इस मंदिर के इतिहास में देखें तो पता चलता है कि मां ने रियासत के बंटवारे के लिए आपस में भिड़े दो भाईयों के दिलों की दूरी कम करने के लिए यहां समाधि ली थी। निजामाबाद संवाददाता के अनुसार मां शीतला धाम पर दुव्र्यवस्थाओं के बीच सातवें दिन भी मां के भक्तों का तांता लगा रहा। पूजन-अर्चन कर महिलाओं ने कढ़ाही चढ़ाई। इस दौरान लग रहे जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
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