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कैकेई सबसे महंगी, राम पर भी भारी रावण के दाम
Updated Sat, 16 Sep 2017 11:47 PM IST
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आजमगढ़। किरदार में भले ही प्रभु राम का पद बड़ा हो, लेकिन रामलीला मंचन करने वालों कलाकारों में महिलाओं का किरदार अदा करने वाले कलाकारों के भाव सबसे ज्यादा हैं। वहीं रावण श्रीराम पर भी भारी हैं। भारी भरकम शरीर वाले रावण का मानदेय राम से दो गुना है।
19 सितंबर से जिले में रामलीलाओं का दौर शुरू हो जाएगा। कहीं पर स्थानीय लोगों के द्वारा तो कहीं पर बाहर की मंडली रामलीला करेगी। जिले की सबसे बड़ी रामलीला शहर के पुरानी कोतवाली में आदर्श रामलीला मंडल की ओर से आयोजित होती है। प्रतिवर्ष यहां मंचन के लिए श्री मिथिला विजय रामलीला नाट्य कला परिषद दरभंगा के कलाकारों को बुलाया जाता है। यहां कलाकारों के भाव किरदार के महत्व के अनुसार नहीं बल्कि शरीर और काम के अनुसार तय होते हैं। श्री मिथिला विजय रामलीला नाट्य कला परिषद के संयोजक लल्लन झा ने बताया कि उनकी लगभग 20 कलाकारों की टीम मंचन के लिए यहां आती है। टीम में शामिल कलाकारों में महिला किरदार निभाने वालों के भाव सबसे ज्यादा हैं। कैकेई का किरदार निभाने वाला कलाकार सबसे ज्यादा पैसे लेता है। वो प्रतिदिन के हिसाब से 600 रुपये चार्ज करता है। इसी तरह भाव के मामले में रावण राम पर भी भारी है। उसका भाव तो राम का चरित्र निभाने वाले कलाकार से लगभग दो गुना है। कारण सिर्फ एक है रावण जैसे किरदार को निभाले वाले भारी भरकम शरीर वाले कलाकार बड़ी मुश्किल से मिल रहे हैं। इसलिए इनकी फीस भी और कलाकारों से ज्यादा होती है। 32 साल से रामलीला का मंचन करा रहे लल्लन झा ने बताया कि हर बार भाव के मामले में रावण का चरित्र निभाने वाला कलाकार राम पर भारी पड़ता है। पिछले 15 साल से उनकी मंडली में नारायण झा रावण का किरदार निभा रहे हैं। वे प्रतिदिन के हिसाब से 500 रुपये लेते हैं। वहीं, राम 300 रुपये प्रतिदिनि मिलते हैं। उन्होंने बताया कि रामलीला में 13 से 21 दिन तक कार्य उन्हें मिला जाता है। पश्चिमी यूपी का रामलीलाएं थोड़ी लंबी चलती हैं। रामलीला के अलावा साल में 8-10 अन्य धार्मिक आयोजनों (नाटकों) का कार्य भी मिल जाता है।
19 से होगा आगाज
आजमगढ़। जिले में 19 सितंबर से रामलीला का आगाज हो जाएगा। शहर के पुरानी कोतवाली पर होने वाली रामलीला की शुरुआत 19 सितंबर से होगी जो दो अक्तूबर तक चलेगी। कमेटी के संयोजक विभाष सिन्हा ने बताया कि 24 को राम विवाह और 30 को रावण वध और 02 को भरत मिलाप होगा। वहीं, फूलपुर में भी रामलीला 21 सितंबर से 29 तक चलेगी। अयोध्या से आने वाली मंडली रामलीला का मंचव करेगी। मेजवां में सात अक्तूबर से शुरू होकर रामलीला 13 तक चलेगी। इसके साथ ही जिले के अन्य स्थानों पर भी रामलीला का आयोजन होता है।
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हादसे के बाद कौड़िया में बंद हुई रामलीला
आजमगढ़। रामलीला का बात शुरू होते ही कौड़िया बाजार में होने वाली रामलीला के दृश्य याद आ जाते हैं। वर्ष 2012 के अक्तूबर माह में कौड़िया में सड़क किनारे हो रही रामलीला में अनियंत्रित जीप घुस गई थी। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 लोग घायल हो गए थे। तभी से यहां पर रामलीला बंद है।
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19 सितंबर से जिले में रामलीलाओं का दौर शुरू हो जाएगा। कहीं पर स्थानीय लोगों के द्वारा तो कहीं पर बाहर की मंडली रामलीला करेगी। जिले की सबसे बड़ी रामलीला शहर के पुरानी कोतवाली में आदर्श रामलीला मंडल की ओर से आयोजित होती है। प्रतिवर्ष यहां मंचन के लिए श्री मिथिला विजय रामलीला नाट्य कला परिषद दरभंगा के कलाकारों को बुलाया जाता है। यहां कलाकारों के भाव किरदार के महत्व के अनुसार नहीं बल्कि शरीर और काम के अनुसार तय होते हैं। श्री मिथिला विजय रामलीला नाट्य कला परिषद के संयोजक लल्लन झा ने बताया कि उनकी लगभग 20 कलाकारों की टीम मंचन के लिए यहां आती है। टीम में शामिल कलाकारों में महिला किरदार निभाने वालों के भाव सबसे ज्यादा हैं। कैकेई का किरदार निभाने वाला कलाकार सबसे ज्यादा पैसे लेता है। वो प्रतिदिन के हिसाब से 600 रुपये चार्ज करता है। इसी तरह भाव के मामले में रावण राम पर भी भारी है। उसका भाव तो राम का चरित्र निभाने वाले कलाकार से लगभग दो गुना है। कारण सिर्फ एक है रावण जैसे किरदार को निभाले वाले भारी भरकम शरीर वाले कलाकार बड़ी मुश्किल से मिल रहे हैं। इसलिए इनकी फीस भी और कलाकारों से ज्यादा होती है। 32 साल से रामलीला का मंचन करा रहे लल्लन झा ने बताया कि हर बार भाव के मामले में रावण का चरित्र निभाने वाला कलाकार राम पर भारी पड़ता है। पिछले 15 साल से उनकी मंडली में नारायण झा रावण का किरदार निभा रहे हैं। वे प्रतिदिन के हिसाब से 500 रुपये लेते हैं। वहीं, राम 300 रुपये प्रतिदिनि मिलते हैं। उन्होंने बताया कि रामलीला में 13 से 21 दिन तक कार्य उन्हें मिला जाता है। पश्चिमी यूपी का रामलीलाएं थोड़ी लंबी चलती हैं। रामलीला के अलावा साल में 8-10 अन्य धार्मिक आयोजनों (नाटकों) का कार्य भी मिल जाता है।
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19 से होगा आगाज
आजमगढ़। जिले में 19 सितंबर से रामलीला का आगाज हो जाएगा। शहर के पुरानी कोतवाली पर होने वाली रामलीला की शुरुआत 19 सितंबर से होगी जो दो अक्तूबर तक चलेगी। कमेटी के संयोजक विभाष सिन्हा ने बताया कि 24 को राम विवाह और 30 को रावण वध और 02 को भरत मिलाप होगा। वहीं, फूलपुर में भी रामलीला 21 सितंबर से 29 तक चलेगी। अयोध्या से आने वाली मंडली रामलीला का मंचव करेगी। मेजवां में सात अक्तूबर से शुरू होकर रामलीला 13 तक चलेगी। इसके साथ ही जिले के अन्य स्थानों पर भी रामलीला का आयोजन होता है।
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हादसे के बाद कौड़िया में बंद हुई रामलीला
आजमगढ़। रामलीला का बात शुरू होते ही कौड़िया बाजार में होने वाली रामलीला के दृश्य याद आ जाते हैं। वर्ष 2012 के अक्तूबर माह में कौड़िया में सड़क किनारे हो रही रामलीला में अनियंत्रित जीप घुस गई थी। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 लोग घायल हो गए थे। तभी से यहां पर रामलीला बंद है।