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तटबंध टूटने से 50 बीघे फसल डूबी
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 23 Dec 2015 12:08 AM IST
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शारदा सहायक खंड 23 माइनर की सय्यद मलिकपुर के पास तटबंध टूटने से सय्यद मलिकपुर, मोलनापुर, नंदापुर क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो गया। लगभग 50 बीघे की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। नहर विभाग की लापरवाही से किसानों की कमर पूरी तरह टूट गई। उधर ग्रामीणों ने एसडीएम को इसकी सूचना दी। जिस पर कर्मचारियों को भेज तटबंध को बंधवाया गया।
जब नहर में पानी की जरूरत थी, तब तो किसानों को पानी नहीं मिला। अब इतना पानी आ गया है कि तटबंध पानी का बोझ नहीं संभाल पा रहा है। आए दिन जिले में तटबंध टूटने की घटनाएं हो रही है। कुछ इस तरह की घटना सोमवार की रात लालगंज तहसील क्षेत्र में हुई।
शारदा सहायक खंड 23 की माइनर में जैसे ही पानी आया सोमवार की रात सय्यद मलिकपुर के पास तटबंध कट गया। जिसका परिणाम रहा कि सय्यद मलिकपुर, मोलनापुर, नंदापुर क्षेत्र में पानी भर गया। मंगलवार की सुबह जब ग्रामीण उठे तो खेत जलमग्न देखा तो उनका दिल बैठ गया। अब उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें। किसानों का कहना है कि धान की फसल बर्बाद होने के बाद उन्होंने किसी तरह से खेत की भराई कर गेहूं की बुआई की थी। माइनर टूटने से वह भी पूरी तरह से जलमग्न हो गई।
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तटबंध टूटने से किसान राजेंद्र यादव, राजाराम यादव, कोमल यादव, विजय यादव, शोभनाथ यादव, भीम यादव, कुच्चन यादव, राजेश यादव, जितेंद्र यादव, रम्मन यादव, अजय कुमार, अशोक यादव, राजेश चौहान, चंदन चौहान, झूरी यादव, रामबली यादव, बाबूराम यादव, गुड्डू यादव, जित्तू यादव आदि की बोई गई फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। किसानों ने कहा कि विभाग की लापरवाही से हम लोगों की फसल बर्बाद हुई है।
विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। क्षेत्र के किसानों ने कहा कि महंगे खाद बीज, जोताई-बोआई तथा श्रम के बाद खेतों में फसल अंकुरित हो रही थी लेकिन जलमग्न फसलों को देख कलेजा फट रहा है। किसानों ने कहा कि यदि हम लोगों को प्रशासन की तरफ से मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा।
वहीं इस संबंध में उपजिलाधिकारी लालगंज शीतला प्रसाद यादव ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर कर्मचारियों को भेजकर टूटे तबबंध को सीमेंट आदि की बोरिया डलवाकर श्बंधवा दिया गया है।
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जब नहर में पानी की जरूरत थी, तब तो किसानों को पानी नहीं मिला। अब इतना पानी आ गया है कि तटबंध पानी का बोझ नहीं संभाल पा रहा है। आए दिन जिले में तटबंध टूटने की घटनाएं हो रही है। कुछ इस तरह की घटना सोमवार की रात लालगंज तहसील क्षेत्र में हुई।
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शारदा सहायक खंड 23 की माइनर में जैसे ही पानी आया सोमवार की रात सय्यद मलिकपुर के पास तटबंध कट गया। जिसका परिणाम रहा कि सय्यद मलिकपुर, मोलनापुर, नंदापुर क्षेत्र में पानी भर गया। मंगलवार की सुबह जब ग्रामीण उठे तो खेत जलमग्न देखा तो उनका दिल बैठ गया। अब उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें। किसानों का कहना है कि धान की फसल बर्बाद होने के बाद उन्होंने किसी तरह से खेत की भराई कर गेहूं की बुआई की थी। माइनर टूटने से वह भी पूरी तरह से जलमग्न हो गई।
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तटबंध टूटने से किसान राजेंद्र यादव, राजाराम यादव, कोमल यादव, विजय यादव, शोभनाथ यादव, भीम यादव, कुच्चन यादव, राजेश यादव, जितेंद्र यादव, रम्मन यादव, अजय कुमार, अशोक यादव, राजेश चौहान, चंदन चौहान, झूरी यादव, रामबली यादव, बाबूराम यादव, गुड्डू यादव, जित्तू यादव आदि की बोई गई फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। किसानों ने कहा कि विभाग की लापरवाही से हम लोगों की फसल बर्बाद हुई है।
विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। क्षेत्र के किसानों ने कहा कि महंगे खाद बीज, जोताई-बोआई तथा श्रम के बाद खेतों में फसल अंकुरित हो रही थी लेकिन जलमग्न फसलों को देख कलेजा फट रहा है। किसानों ने कहा कि यदि हम लोगों को प्रशासन की तरफ से मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा।
वहीं इस संबंध में उपजिलाधिकारी लालगंज शीतला प्रसाद यादव ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर कर्मचारियों को भेजकर टूटे तबबंध को सीमेंट आदि की बोरिया डलवाकर श्बंधवा दिया गया है।