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48 आवास तैयार...फिर भी ठंड से कांपेंगे गरीब और लाचार
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नगर पंचायत कटघर लालगंज में तैयार आसरा आवास।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। शासन की ओर से गरीबों वर्ग के राहत देने के लिए योजनाएं तो बनाई जाती हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही से गरीब और पात्र लोग इसका लाभ पाने से वंचित रह जा रहे हैं। कटघर लालगंज नगर पंचायत में सपा सरकार में मंजूर हुए आसरा आवास बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन थोड़ी सी धनराशि के पेच में इसे अभी तक हैंडओवर नहीं किया जा सका है। आवासों के खिड़कियों में अभी शीशे भी नहीं लगे हैं। बिजली भी नहीं पहुंची है। आवासों का आवंटन नहीं होने से नगर पंचायत में पात्र और गरीब लोग इस बार भी ठंड में कांपने पर मजबूर होंगे।
पूर्ववर्ती सपा सरकार ने शहर के आवासहीन गरीबों को आवास देने के लिए आसरा आवास योजना का संचालन शुरू किया था। हालांकि ये योजना बसपा सरकार में कांशीराम आवास के नाम से संचालित थी। सपा सरकार में इसे आसरा आवास का नाम दिया गया था। कटघर लालगंज नगर पंचायत में 48 आवासों का निर्माण किया जाना था। 48 आवासों के लिए दो करोड़ से ज्यादा की धनराशि जारी की गई थी। परियोजना के तहत शासन से पूरी धनराशि भी जारी हो चुकी है। एक साल पहले निर्माण भी पूरा कर लिया गया था। रंग-रोगन आदि भी हो चुका है। आवासों में सिर्फ दो कमी है। खिड़कियों में शीशे नहीं है और बिजली का मेन कनेक्शन पहुंचाया जाना है। कार्यदायी संस्था के अनुसार बिजली कनेक्शन के लिए बिजली विभाग को सवा साल पहले ही धनराशि दे दी गई थी। अभी तक कनेक्शन नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए पूरी धनराशि शासन ने जारी कर दी है। जिला प्रशासन ने 37 लाख की धनराशि रोक रखी है। धनराशि जारी कर देते तो शीशे आदि का काम भी एक माह में कर दिया जाता है। वहीं, आवासों के नोडल विभाग डूडा का कहना है कि पूर्व जिलाधकारी ने आदेश जारी किए थे कि कार्यदायी संस्था कामपूरा कर हैंडओवर करे। इसके बाद धनराशि जारी की जाएगी। अब इसी पेच में आवासों का हैंडओवर होना फंसा हुआ है. जबकि इसे तैयार हुए एक साल हो चुके हैं। शासन ने अगले दो साल प्रत्येक गरीब के लिए छत मुहैया कराने का दावा किया है। इसके बाद भी विभागों की लेटलतीफी से इस बार भी पात्र गरीबों को ठंड अपनी मड़ई में ही बितानी होगी।
जीयनपुर में 30 से ज्यादा आवासों का आवंटन कर दिया गया है। एक दो दिन में आवंटन पत्र भी दे दिया जाएगा। लालगंज में डीएम ने आवास हैंडओवर करने के बाद 37 लाख की धनराशि जारी करने के निर्देश दिए थे। अभी तक इसे हैंडओवर नहीं किया गया है।
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अरविंद पांडेय, पीओ डूडा
जीयनपुर के आसरा आवास दो साल पहले ही हैंडओवर हो चुके हैं। लालगंज में सभी काम पूरे हैं। सिर्फ खिड़कियों में शीशे और बिजली का मेन कनेक्शन पहुंचाने का काम रह गया है। बिजली विभाग को भी एक साल पहले ही पैसा दे दिया गया है। अभी तक कनेक्शन नहीं दिया गया है। प्रशासन शेष 37 लाख दे देता तो हम एक माह में शीशे लगवा हैंडओवर कर देते।
एपी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर
आवंटन से पहले धंस गई फर्श, खिड़कियां भी टूटी
आजमगढ़। नगर पंचायत जीयनपुर में भी सपा सरकार में 60 आसरा आवास मंजूर किए गए थे। खानकाह बहरामपुर मोहल्ले में बनाए गए आवासों को लगभग दो साल पहले हैंडओवर किया गया था। पिछले साल डूडा ने आवासों के आवंटन के लिए आवेदन लिया। इसमें लगभग 30 लोगों को आवास आवंटित भी किया गया, लेकिन उन्हें आज तक आवंटन-पत्र नसीब नहीं हुआ है। वहीं, अन्य आवास अभी आवंटन का इंतजार कर रहे हैं और यहां की फर्श धंसने लगी है। खिड़कियां टूट चुकी हैं। दीवारों में दरारें भी पड़ गई हैं।
जीयनपुर में 2.50 करोड़ से ज्यादा की लागत से 60 आसरा आवास बनाए गए थे। दो साल पहले कार्यदायी संस्था की ओर से इसे नगर पंचायत को हैंडओवर कर दिया गया था। डूडा ने आवासों के आवंटन के लिए पात्र लोगों से आवेदन भी लिए थे। आवेदन लेने के साथ ही इसमें लगभग आदे आवासों को लोगों को रहने के लिए दे दिया गया, लेकिन अभी तक किसी को आवंटन पत्र नहीं दिया गया है। सभी वैसे ही आवासों में रह रहे हैं। कुछ ने इस पर अपना ताला मार रखा है। अभी आधे आवास बिना आवंटन के पड़े हैं और आवास का फर्श टूट गया है। खिड़कियां भी टूट गई हैं। साथ ही कहीं-कही दीवारों में दरारें भी पड़ गई हैं। माला देवी पत्नी मोतीलाल , शिवप्रसाद प्रसाद पुत्र भिखारी ने बताया हम लोगों का आधार कार्ड जमा है, लेकिन अभी तक आवास का आवंटन नहीं हुआ है। इसका हम लोगों को इंतजार है। आवास में बहुत से ऐसे लोग भी रहे हैं जो ताला बंद कर रखे हुए हैं।
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पूर्ववर्ती सपा सरकार ने शहर के आवासहीन गरीबों को आवास देने के लिए आसरा आवास योजना का संचालन शुरू किया था। हालांकि ये योजना बसपा सरकार में कांशीराम आवास के नाम से संचालित थी। सपा सरकार में इसे आसरा आवास का नाम दिया गया था। कटघर लालगंज नगर पंचायत में 48 आवासों का निर्माण किया जाना था। 48 आवासों के लिए दो करोड़ से ज्यादा की धनराशि जारी की गई थी। परियोजना के तहत शासन से पूरी धनराशि भी जारी हो चुकी है। एक साल पहले निर्माण भी पूरा कर लिया गया था। रंग-रोगन आदि भी हो चुका है। आवासों में सिर्फ दो कमी है। खिड़कियों में शीशे नहीं है और बिजली का मेन कनेक्शन पहुंचाया जाना है। कार्यदायी संस्था के अनुसार बिजली कनेक्शन के लिए बिजली विभाग को सवा साल पहले ही धनराशि दे दी गई थी। अभी तक कनेक्शन नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए पूरी धनराशि शासन ने जारी कर दी है। जिला प्रशासन ने 37 लाख की धनराशि रोक रखी है। धनराशि जारी कर देते तो शीशे आदि का काम भी एक माह में कर दिया जाता है। वहीं, आवासों के नोडल विभाग डूडा का कहना है कि पूर्व जिलाधकारी ने आदेश जारी किए थे कि कार्यदायी संस्था कामपूरा कर हैंडओवर करे। इसके बाद धनराशि जारी की जाएगी। अब इसी पेच में आवासों का हैंडओवर होना फंसा हुआ है. जबकि इसे तैयार हुए एक साल हो चुके हैं। शासन ने अगले दो साल प्रत्येक गरीब के लिए छत मुहैया कराने का दावा किया है। इसके बाद भी विभागों की लेटलतीफी से इस बार भी पात्र गरीबों को ठंड अपनी मड़ई में ही बितानी होगी।
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जीयनपुर में 30 से ज्यादा आवासों का आवंटन कर दिया गया है। एक दो दिन में आवंटन पत्र भी दे दिया जाएगा। लालगंज में डीएम ने आवास हैंडओवर करने के बाद 37 लाख की धनराशि जारी करने के निर्देश दिए थे। अभी तक इसे हैंडओवर नहीं किया गया है।
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अरविंद पांडेय, पीओ डूडा
जीयनपुर के आसरा आवास दो साल पहले ही हैंडओवर हो चुके हैं। लालगंज में सभी काम पूरे हैं। सिर्फ खिड़कियों में शीशे और बिजली का मेन कनेक्शन पहुंचाने का काम रह गया है। बिजली विभाग को भी एक साल पहले ही पैसा दे दिया गया है। अभी तक कनेक्शन नहीं दिया गया है। प्रशासन शेष 37 लाख दे देता तो हम एक माह में शीशे लगवा हैंडओवर कर देते।
एपी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर
आवंटन से पहले धंस गई फर्श, खिड़कियां भी टूटी
आजमगढ़। नगर पंचायत जीयनपुर में भी सपा सरकार में 60 आसरा आवास मंजूर किए गए थे। खानकाह बहरामपुर मोहल्ले में बनाए गए आवासों को लगभग दो साल पहले हैंडओवर किया गया था। पिछले साल डूडा ने आवासों के आवंटन के लिए आवेदन लिया। इसमें लगभग 30 लोगों को आवास आवंटित भी किया गया, लेकिन उन्हें आज तक आवंटन-पत्र नसीब नहीं हुआ है। वहीं, अन्य आवास अभी आवंटन का इंतजार कर रहे हैं और यहां की फर्श धंसने लगी है। खिड़कियां टूट चुकी हैं। दीवारों में दरारें भी पड़ गई हैं।
जीयनपुर में 2.50 करोड़ से ज्यादा की लागत से 60 आसरा आवास बनाए गए थे। दो साल पहले कार्यदायी संस्था की ओर से इसे नगर पंचायत को हैंडओवर कर दिया गया था। डूडा ने आवासों के आवंटन के लिए पात्र लोगों से आवेदन भी लिए थे। आवेदन लेने के साथ ही इसमें लगभग आदे आवासों को लोगों को रहने के लिए दे दिया गया, लेकिन अभी तक किसी को आवंटन पत्र नहीं दिया गया है। सभी वैसे ही आवासों में रह रहे हैं। कुछ ने इस पर अपना ताला मार रखा है। अभी आधे आवास बिना आवंटन के पड़े हैं और आवास का फर्श टूट गया है। खिड़कियां भी टूट गई हैं। साथ ही कहीं-कही दीवारों में दरारें भी पड़ गई हैं। माला देवी पत्नी मोतीलाल , शिवप्रसाद प्रसाद पुत्र भिखारी ने बताया हम लोगों का आधार कार्ड जमा है, लेकिन अभी तक आवास का आवंटन नहीं हुआ है। इसका हम लोगों को इंतजार है। आवास में बहुत से ऐसे लोग भी रहे हैं जो ताला बंद कर रखे हुए हैं।

जीयनपुर नगर पंचायत में आसरा आवास की फटी दीवारें।- फोटो : AZAMGARH