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टेंडर को लेकर ठेकेदारों ने किया हंगामा
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आजमगढ़। विकास भवन स्थित डूडा कार्यालय में सोमवार को ठेकेदारों ने हंगामा कर दिया। ठेकेदारों ने पीओ डूडा पर टेंडर प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इनके द्वारा अपने करीबी ठेकेदारों को आवास पर बैठकर टेंडर का फार्म वितरित किया जा रहा है। वहीं पीओ डूडा ने ठेकेदारों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस टेंडर की सारी जानकारी अखबारों में प्रकाशित कराई जा चुकी है।
ठेकेदार संजीव कुमार राय ने बताया कि वह डूडा के पंजीकृत ठेकेदार हैं। पीओ डूडा द्वारा 10 लाख रुपये से कम धनराशि वाले कार्यों का टेंडर 15 फरवरी से 22 फरवरी तक विक्रय किया जाना था। इसेे पीओ ने ऑनलाइन न कराकर मैनुअल कराया। गोपनीय तरीके से आवास से बैठकर अपने करीबी और चहेते ठेकेदारों में कार्य के सापेक्ष 10 प्रतिशत एडवांस कमीशन वसूलकर बेचा। कार्यालय में टेंडर संबंधी कोई सूचना चस्पा नहीं की गई है और ना ही टेंडर लिस्ट चस्पा की गई है। ठेकेदारों ने मांग की कि टेंडर ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत कराया जाए और कार्यालय या कलेक्ट्रेट दोनों जगहों से टेंडर विक्रय किया जाए।
वहीं पीओ डूडा डॉ. महेंद्र प्रसाद का कहना है कि ठेकेदारों के आरोप बेबुनियाद हैं। एक ठेकेदार मेसर्स पपन कुमार की ओर से कालीचौरा में इंटरलॉकिंग और नाली का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इसकी जांच कर फटकार लगाई थी। इसी से नाराज होकर ठेकेदार हंगामा कर रहे हैं। टेंडर की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार कराई जा रही है।
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ठेकेदार संजीव कुमार राय ने बताया कि वह डूडा के पंजीकृत ठेकेदार हैं। पीओ डूडा द्वारा 10 लाख रुपये से कम धनराशि वाले कार्यों का टेंडर 15 फरवरी से 22 फरवरी तक विक्रय किया जाना था। इसेे पीओ ने ऑनलाइन न कराकर मैनुअल कराया। गोपनीय तरीके से आवास से बैठकर अपने करीबी और चहेते ठेकेदारों में कार्य के सापेक्ष 10 प्रतिशत एडवांस कमीशन वसूलकर बेचा। कार्यालय में टेंडर संबंधी कोई सूचना चस्पा नहीं की गई है और ना ही टेंडर लिस्ट चस्पा की गई है। ठेकेदारों ने मांग की कि टेंडर ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत कराया जाए और कार्यालय या कलेक्ट्रेट दोनों जगहों से टेंडर विक्रय किया जाए।
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वहीं पीओ डूडा डॉ. महेंद्र प्रसाद का कहना है कि ठेकेदारों के आरोप बेबुनियाद हैं। एक ठेकेदार मेसर्स पपन कुमार की ओर से कालीचौरा में इंटरलॉकिंग और नाली का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इसकी जांच कर फटकार लगाई थी। इसी से नाराज होकर ठेकेदार हंगामा कर रहे हैं। टेंडर की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार कराई जा रही है।
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