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जिले में 193 परीक्षा केंद्रो ने नहीं पूरे किए है मानक
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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा सात फरवरी से शुरू हो रही है। जिले में 304 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र के रूप में चयनित किया गया है। इसमें से 193 परीक्षा केंद्र अब तक बोर्ड की ओर से निर्धारित मानक को पूरा नहीं कर रहे हैं। कहीं सीसीटीवी मात्र एक लगा है तो कहीं अब तक वायस रिकार्डर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं, डीआईओएस कार्यालय की ओर से मानक पूरा करने का प्रमाणपत्र मांगे जाने के बाद भी इन विद्यालयों ने अब तक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराया है। नकल विहीन परीक्षा कराने को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद के साथ ही प्रदेश सरकार भी सख्त है। परीक्षा केंद्रों के लिए तमाम मानक निर्धारित किए गए है। इन मानकों को पूरा करना सभी परीक्षा केंद्रों की जिम्मेदारी है। इन मानकों में परीक्षा केंद्र की चहारदीवारी का होना जरूरी है। इसके साथ ही सभी परीक्षा कक्षों में दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरा और एक वायस रिकार्ड का लगा होना भी जरूरी है। सात फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों का चयन करने के साथ ही उन पर परीक्षार्थियों का एलाटमेंट भी किया गया है। कुल 304 परीक्षा केंद्र जिले में निर्धारित किए गए हैं। जिस पर हाईस्कूल के 116907 और इंटरमीडिएट के 103334 छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा देंगी। डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों से मानकों को पूरा करने का प्रमाणपत्र मांगा है। अब तक 193 केंद्र व्यवस्थापकों ने प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया है। अब जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को निर्देश जारी किया है कि वे चयनित परीक्षा केंद्रों का दौराकर मानकों का सत्यापन करते हुए अपनी रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय को उपलब्ध कराएं, जहां कहीं भी मानक की अनदेखी पाई जाएगी, उन पर कार्रवाई भी की जाएगी।
एडेड और राजकीय विद्यालय ही नहीं पूरा किए हैं मानक
आजमगढ़। बोर्ड की ओर से निर्धारित किए गए मानकों को न पूरा करने वालों में ज्यादातर विद्यालय एडेड और राजकीय विद्यालय शामिल है। परीक्षा केंद्र के रूप में चिह्नित किए गए वित्तविहीन विद्यालयों पर तो मानक पूरा है और ज्यादातर वित्तविहीन विद्यालयों ने इसका प्रमाणपत्र भी दे दिया है। एडेड और राजकीय विद्यालय हर कमरों में दो सीसीटीवी और एक वायस रिकार्ड में खर्च होने वाली धनराशि का रोना रो रहे हैं। जिस पर उन्हें यह फरमान जारी कर दिया गया है कि जिस भी मद में विद्यालय के पास पैसा हो, उसे वह मानक पूरा करने में प्रयोग कर ले, लेकिन मानक पूरा करना नितांत आवश्यक है।
304 केंद्रों में 14 अति तो 11 संवेदनशील
आजमगढ़। इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए चिह्नित किए गए 304 परीक्षा केंद्रों में 14 परीक्षा केंद्र अतिसंवदेनशील की श्रेणी में है। वहीं, 11 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इन परीक्षा केंद्रों पर नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग कुछ अतिरिक्त इंतजाम करेगा। इसमें सुरक्षा व्यवस्था के तहत अतिरिक्त फोर्स की तैनाती के साथ ही उड़नदस्तों और मजिस्ट्रेटों को विशेष ध्यान देने की जिम्मेदारी शामिल है।
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बोर्ड परीक्षा केंद्र के रूप में चयनित विद्यालयों की यह जिम्मेदारी है कि वह मानकों को पूराकर परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराए। जो भी विद्यालय बोर्ड के निर्धारित मानकों को नहीं पूरा करते और उनकी इस कवायद से परीक्षा में कोई व्यवधान आता है तो निश्चित तौर पर संबंधित विद्यालय के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. वीके शर्मा, डीआईओएस, आजमगढ़
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एडेड और राजकीय विद्यालय ही नहीं पूरा किए हैं मानक
आजमगढ़। बोर्ड की ओर से निर्धारित किए गए मानकों को न पूरा करने वालों में ज्यादातर विद्यालय एडेड और राजकीय विद्यालय शामिल है। परीक्षा केंद्र के रूप में चिह्नित किए गए वित्तविहीन विद्यालयों पर तो मानक पूरा है और ज्यादातर वित्तविहीन विद्यालयों ने इसका प्रमाणपत्र भी दे दिया है। एडेड और राजकीय विद्यालय हर कमरों में दो सीसीटीवी और एक वायस रिकार्ड में खर्च होने वाली धनराशि का रोना रो रहे हैं। जिस पर उन्हें यह फरमान जारी कर दिया गया है कि जिस भी मद में विद्यालय के पास पैसा हो, उसे वह मानक पूरा करने में प्रयोग कर ले, लेकिन मानक पूरा करना नितांत आवश्यक है।
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304 केंद्रों में 14 अति तो 11 संवेदनशील
आजमगढ़। इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए चिह्नित किए गए 304 परीक्षा केंद्रों में 14 परीक्षा केंद्र अतिसंवदेनशील की श्रेणी में है। वहीं, 11 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इन परीक्षा केंद्रों पर नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग कुछ अतिरिक्त इंतजाम करेगा। इसमें सुरक्षा व्यवस्था के तहत अतिरिक्त फोर्स की तैनाती के साथ ही उड़नदस्तों और मजिस्ट्रेटों को विशेष ध्यान देने की जिम्मेदारी शामिल है।
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बोर्ड परीक्षा केंद्र के रूप में चयनित विद्यालयों की यह जिम्मेदारी है कि वह मानकों को पूराकर परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराए। जो भी विद्यालय बोर्ड के निर्धारित मानकों को नहीं पूरा करते और उनकी इस कवायद से परीक्षा में कोई व्यवधान आता है तो निश्चित तौर पर संबंधित विद्यालय के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. वीके शर्मा, डीआईओएस, आजमगढ़