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किसानों को फसल अवशेष न जलाने की सलाह
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:04 AM IST
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आजमगढ़। कृषि विभाग द्वारा नगर के आईटीआई मैदान में आयोजित एग्रो क्लाइमेटिक जोन स्तरीय तीन दिवसीय विराट किसान मेले का बुधवार को समापन हो गया। समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार सिंह ने किसानों को खेतों में फसल अवशेष न जलाने की सलाह देते हुए इससे होने वाली हानियों के बारे में बताया। उन्हांने कहा कि किसान भाई अपने खेतों में फसलों के अवशेष को न जलाएं, इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है और खेतों की उर्वरा शक्ति में भी कमी आती है। फसलों के अवशेष को आप सभी अपने खेतों में कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम सें मिट्टी में मिलाएं। इससे आप सभी के भूमि की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी और पर्यावरण भी स्वस्थ्य रहेगा। मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा 15 किसानों को माइक्रो न्यूट्रीएंट जिंक देकर सम्मानित किया गया। कृषि वैज्ञानिक डा. रणधीर नायक ने किसानों को गेहूं की बुआई पंक्ति में करने की सलाह दी और तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि करने के लिए सल्फर का प्रयोग करने का सुझाव दिया। प्रजापति ब्रम्हाकुमारी बीके अनीता ने तन मन को स्वस्थ्य रखने के लिए और मानसिक शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में यौगिक खेती को अपनाने की सलाह दी। संयुक्त कृषि निदेशक सुरेश कुमार सिंह ने किसानों को कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उप कृषि निदेशक डा. आरके मौर्य ने मेले के समापन पर सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भूमि संरक्षण अधिकारी संगम सिंह मौर्य, जिला कृषि अधिकारी डा. उमेश कुमार गुप्ता, कृषि वैज्ञानिक आरपी सिंह, एसपी सिंह, डा. रसूल मोहम्मद, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के सलाहकार डा. राम केवल यादव आदि उपस्थित थे।
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