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27 तक सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराएं : डीएम
Updated Sun, 27 May 2018 12:16 AM IST
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आजमगढ़। फसल ऋण मोचन के शिकायतों और एनपीए डाटा के सत्यापन के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एक अभियान के तहत 27 मई तक सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
जिलाधिकारी ने अन्य जनपद गाजीपुर, मऊ और अंबेडकर नगर के कुल 122 किसानों की सूची का सत्यापन कराकर संबंधित जनपद को भेजने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। समीक्षा के दौरान सर्वाधिक शिकायतें बैंक स्तर पर लंबित पाई गई। जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि शिकायतों का निस्तारण प्रमुखता के आधार पर बैंकर्स कर दें। उन्होंने कहा कि फसल ऋण मोचन योजना शासन की प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 10483 शिकायतें जनपद में प्राप्त हैं। जिसके सापेक्ष 1268 का डिमांड जनरेट कर किसानों के खाते में धनराशि भेज दी गई है। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित समस्त उपजिलाधिकारी/तहसीलदारों को निर्देश दिए कि सत्यापन रिपोर्ट प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा के तहत प्रेषित करें। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार उपाध्याय, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, एलडीएम सहित विभिन्न विभागों जैसे कृषि, सहकारिता, गन्ना, सूचना आदि के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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जिलाधिकारी ने अन्य जनपद गाजीपुर, मऊ और अंबेडकर नगर के कुल 122 किसानों की सूची का सत्यापन कराकर संबंधित जनपद को भेजने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। समीक्षा के दौरान सर्वाधिक शिकायतें बैंक स्तर पर लंबित पाई गई। जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि शिकायतों का निस्तारण प्रमुखता के आधार पर बैंकर्स कर दें। उन्होंने कहा कि फसल ऋण मोचन योजना शासन की प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 10483 शिकायतें जनपद में प्राप्त हैं। जिसके सापेक्ष 1268 का डिमांड जनरेट कर किसानों के खाते में धनराशि भेज दी गई है। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित समस्त उपजिलाधिकारी/तहसीलदारों को निर्देश दिए कि सत्यापन रिपोर्ट प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा के तहत प्रेषित करें। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार उपाध्याय, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, एलडीएम सहित विभिन्न विभागों जैसे कृषि, सहकारिता, गन्ना, सूचना आदि के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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