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या अली, या मौला की सदाओं से गूंजी फिजा

Sun, 01 Oct 2017 11:39 PM IST
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला Updated Sun, 01 Oct 2017 11:39 PM IST
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38/5000 ya alee, ya maula kee sadaon se goonjee phija Or Ali, or Maula's evergreen fujiya
सरायमीर में ताजिया जुलूस में शामिल दुलदुल।
हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में नौ मुहर्रम शनिवार को नगर और आसपास के क्षेत्रों के 65 इमामबाड़ों से ताजिये का जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। नौहाख्वानी और मातम से अजादारों ने इमाम हुसैन की खिराजे अकीदत पेश की।
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  जुलूस परंपरागत मार्गों से गुजरता हुआ नोहाख्वानी और मातम के बीच सब्जी मण्डी स्थित कदम रसूल पर पहुंच कर संयुक्त कार्यक्रम में परिवर्तित हो गया। इसका संचालन शाहिद फ़ारूक़ी ने किया। अंजुमन मासुमिया, अंजुमन अंसारे हुसैनी रजि, अंजुमन अंसारे हुसैनी कदीम, अंजुमन अजादारे हुसैनी,अंजुम सज्जादिया, अंजुमन अब्बासिया, अंजुमन जायर हसन खान, अंजुमन क़मर बनी हाशिम, अंजुमन मज्लूमिया सहित दो दर्जन अंजुमनों ने नोहाख्वानी और मातम पेश किया। सलारपुर, सिक्ठी, मुस्तफाबाद का जुलूस जोकि 12 गहियां के नाम से प्रसिद्ध हैं, बैंडबाजों के साथ नगर की सीमा में रात दो बजे प्रवेश किया। जुलूस को संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन हांफता दिखाई दिया। एसपी सिटी सुबाष चंद गंगवार ने देर रात क़स्बा पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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क्षेत्राधिकारी सदर मो. अकमल खान थाना पुलि के साथ डटे रहे। मुबारकपुरः 10 मोहर्रम को अंतिम संयुक्त जुलूस रविवार को मोहल्ला शाह मोहम्मदपुर से 11 बजे इमामबाड़ों से निकाला गया। जुलूस पूरा बाग़, पूरा सोफी व हैदराबाद की सीमा पर दो बजे पहुंचा। अंजुमन अंसार और हुसैनी क़दीम के सदस्यों ने जंजीर और कमा का मातम पेश किया। जुलूस सिकठी स्थित शाह के पंजा में देर शाम पहुंच कर संपन्न हुआ। यहां ताजियों को दफ़न किया गया। वहीं, दूसरी तरफ सुन्नी और शिया अंजुमन इस्लामियां, लाल चौक, मजलूमिया, क़मर बनी हाशिम पूरा रानी, सज्जादिया पूरा दीवान, रोडवेज गांधीनगर, आजाद नगर, इस्लामपुरा, पुरानी बस्ती, पूरा खिजिर आदि अंजुमनों के जुलूस निर्धारित रास्तों से गुजरते हुआ सब्जी मंडी स्थित कदम रसूल पर पहुंचा। यहां ताजिए दफन किए गए।
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 मेजवांः  शहीदाने करबला की याद में रविवार को फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में ताजियों का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। इस दौरान या अली, या मौला की सदाओं से पूरा नगर गूंज उठा। जुलूस के मद्देनजर आजमगढ-शाहंगज रोड पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक को रोक दिया गया।  फूलपुर में जुलूस का आगाज अंजुमन मासूमियां ने कमर मियां के चौक से किया गया। इसके बाद मजलिस का आयोजन किया गया। जुलूस मछली मार्केट होकर आजमगढ-शाहंगज रोड पर पहुंचा, जहां थोडी देर के लिए वाहनों को रोक दिया गया। जुलूस में हजरत अब्बास का अलम, जुलजनाह, ताबूत और ताजिया लेकर अजादार चल रहे थे। जगह-जगह रूक-रूक कर साहिबे बयाज इन्तेजार हुसैन, अरमान, शाकरब, वसीउल हसन ने नौहाख्वानी किया। मुडिंयार रोड के पास कर्बला पर ताजिया को दफन किया गया। निजामत जीशन और शाहिद रजा ने किया। सुरक्षा की दृष्टि से जुलूस के साथ उपजिलाधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता, सीओ संतोष कुमार सिंह, कोतवाल रामायाण सिंह चल रहे थे।  
 
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