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तालाबों के सरंक्षण के लिए 37. 57 लाख रुपेय की मांग
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आजमगढ़। गिरते भू-गर्भ जल स्तर को बचाने के लिए इस वर्ष मनरेगा से 1010 तालाबों के जीर्णोद्धार करने की योजना है। इस पर कुल 37.57 लाख की धनराशि खर्च की जाएगी। इस धनराशि से जनपद के सभी ब्लाकों में स्थित पोखरों को संरक्षित करने के साथ ही उनका जीर्णोद्घार मनरेगा से कराया जाएगा। जबकि पिछले वर्ष प्रशासन द्वारा 16.84 लाख रुपये से 1042 तालाबों को संरक्षित करने के लिए उनका जीर्णोद्घार कराया गया था।
शासन की ओर से मनरेगा के अधिक से अधिक धन को कैच द रेन योजना पर खर्च करने का निर्देश दिया गया है। योजना के तहत बारिश के अधिक से अधिक पानी का संचयन करना है, ताकि गिरते भू जलस्तर को सुधारा जा सके। इस अभियान के तहत लोगों की सक्रिय भागीदारी के साथ जल संचयन के लिए नए तालाबों का निर्माण व पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार करने पर जोर देने का भी निर्देश है। इसको देखते हुए वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले के 22 ब्लॉकों में 1010 तालाबों के जीर्णोद्धार करने की योजना है। श्रम एवं रोजगार मनरेगा की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जिसके तहत कुल 37.57 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। बजट का आवंटन होते ही कार्य शुरु कराया जाएगा।
अधिकांश पोखरे और पोखरियों पर है अतिक्रमण
आजमगढ़। ग्रामीण इलाकों में दिनों-दिन पोखरे व पोखरियों का दायरा अतिक्रमण के कारण सिकुड़ता जा रहा है। इसके चलते जहां गांवों में जल निकासी की समस्या गहरी होती जा रही है वहीं बारिश के दिनों में जल संचयन भी नहीं हो पा रहा है। पूर्व में बरसात के दिनों में तालाब लबालब हो जाते थे और खासकर मवेशियों पानी पीने के लिए भटकना नहीं पड़ता था। लेकिन आज शहर से लेकर गांव तक तालाबों की हालत दयनीय हो गई है।
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प्रभारी डीसी मनरेगा मिथिलेश तिवारी ने बताया कि पोखरे और पोखरियों के जीर्णोद्घार का कार्य मनरेगा से कराया जाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगा गया था। उनके द्वारा कुल 1010 पोखरे व पोखरियों के जीर्णोद्घार का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके लिए शासन से 37 करोड़ 57 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से बजट का आवंटन होते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
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शासन की ओर से मनरेगा के अधिक से अधिक धन को कैच द रेन योजना पर खर्च करने का निर्देश दिया गया है। योजना के तहत बारिश के अधिक से अधिक पानी का संचयन करना है, ताकि गिरते भू जलस्तर को सुधारा जा सके। इस अभियान के तहत लोगों की सक्रिय भागीदारी के साथ जल संचयन के लिए नए तालाबों का निर्माण व पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार करने पर जोर देने का भी निर्देश है। इसको देखते हुए वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले के 22 ब्लॉकों में 1010 तालाबों के जीर्णोद्धार करने की योजना है। श्रम एवं रोजगार मनरेगा की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जिसके तहत कुल 37.57 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। बजट का आवंटन होते ही कार्य शुरु कराया जाएगा।
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अधिकांश पोखरे और पोखरियों पर है अतिक्रमण
आजमगढ़। ग्रामीण इलाकों में दिनों-दिन पोखरे व पोखरियों का दायरा अतिक्रमण के कारण सिकुड़ता जा रहा है। इसके चलते जहां गांवों में जल निकासी की समस्या गहरी होती जा रही है वहीं बारिश के दिनों में जल संचयन भी नहीं हो पा रहा है। पूर्व में बरसात के दिनों में तालाब लबालब हो जाते थे और खासकर मवेशियों पानी पीने के लिए भटकना नहीं पड़ता था। लेकिन आज शहर से लेकर गांव तक तालाबों की हालत दयनीय हो गई है।
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प्रभारी डीसी मनरेगा मिथिलेश तिवारी ने बताया कि पोखरे और पोखरियों के जीर्णोद्घार का कार्य मनरेगा से कराया जाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगा गया था। उनके द्वारा कुल 1010 पोखरे व पोखरियों के जीर्णोद्घार का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके लिए शासन से 37 करोड़ 57 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से बजट का आवंटन होते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।