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368 जोड़ों ने थामा एक दूजे का हाथ

Sat, 11 Dec 2021 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Dec 2021 11:45 PM IST
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368 couples hold each other's hand
रानी की सराय के कोटवा स्थित क़ृषि महाविद्यालय में सामुहिक वैवाहिक कार्यक्रम में विवाह की रस्म आ? - फोटो : AZAMGARH
रानी की सराय। क्षेत्र के कोटवा स्थित कृषि महाविद्यालय में समाज कल्याण विभाग की ओर से शनिवार को सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 33 मंडप में 22 ब्लाक के 368 जोड़ों ने एक-दूसरे के साथ रहने की कसमें खाईं और सात फेरे लिए। शासन की ओर से इन जोड़ों को तरह-तरह के उपहार के अलावा वधू को 35 हजार रुपये उसके खाते में ऑनलाइन भेजा गया। उपहार पाकर जोड़े काफी खुश थे। वहीं बारातियों का भी स्वागत विभिन्न व्यंजनों से किया गया।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को कोटवा स्थित कृषि महाविद्यालय में बेटियों की शादी धूमधाम से की। पंडित जी ने फेरे कराए तो मौलाना साहब ने निकाह पढ़ाई। इसके बाद दावत में बारातियों तथा घरातियों को लजीज व्यंजन परोसे गए। इस दौरान कुल 368 जोड़े परिणय सूत्र में बंध गए। इन्हें अधिकारियों और अन्य गणमान्य नागरिकों ने उनके सफल दांपत्य का आशीर्वाद दिया। वैवाहिक कार्यक्रम में एक जोड़ी मुसलमान वर-वधू का निकाह हुआ। इस दौरान मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष आजमगढ़ सदर ध्रुव सिंह ने कहा कि जिले के सभी 22 ब्लाकों के 368 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ है। प्रत्येक वधू के खाते में 35 हजार रुपये भेजे गए तथा 10 हजार रुपये का सामान दिया गया। 6000 रुपये की अन्य खरीदारी की गई।
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- नवविवाहित वर-वधू हरेंद्र और रागिनी ने कहा कि इस अनूठी शादी समारोह में शादी कर वे काफी खुश हैं। वे नई जिंदगी की शुरुआत करने के प्रति उत्साहित हैं। प्रशासन और शासन ने शादी समारोह में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। शादी के दौरान इनका व्यवहार परिवार जैसा था। इन जोड़ों की माने तो इस तरह के आयोजन से दहेज जैसी प्रथा पर भी रोक लगती है।
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- संदीप और पूजा ने कहा कि जो गरीब परिवार से हैं उन्हें सरकार की इस योजना से काफी सहयोग मिला। उसने कहा कि इस तरह से शादी से दहेज प्रथा भी रुकती है। जिस तरह से शादी हुई अच्छा लगा। नि:संदेह इस तरह के आयोजन से समाज में एक ओर जहां सामाजिक समरसता और समानता का संदेश जाता है। दूसरी ओर शादी जैसे समारोह में बड़े खर्च और दहेज जैसी कुरीतियों पर भी रोक लगती है।
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