{"_id":"5c87ec51bdec22142901897c","slug":"31552411729-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जृ आदेश पर तोड़े गए उपकेंद्र मामले में एफआईआर का निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जृ आदेश पर तोड़े गए उपकेंद्र मामले में एफआईआर का निर्देश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अहरौला। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत बने आधा दर्जन भर उपकेंद्रों को 2010-11 में सीएमओ के फर्जी आदेश के आधार पर तोड़ दिया गया था। उपकेंद्रों के स्थान पर नये केंद्र बनाए जाने की बात कहीं गई थी। लेकिन मलबा आदि तक उठा लिया गया और आज तक नए भवन का निर्माण नहीं हुआ। जांच में आदेश फर्जी पाया गया तो सीएमओ कार्यालय से सीएचसी प्रशासन को दोषियों के खिलाफ एफआईआर का आदेश निर्गत किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर शासन ने अहरौला सीएचसी से जुड़े बस्ती भुजवल, शंभूपुर, खजूरी, शाहपुर, चांदनी चौक, भेदौरा, गनवारा, माहुल आदि स्थानों पर स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण कराया था। इसी बीच 2010-11 में जलसाजों ने सीएमओ के फर्जी आदेश पर उपकेंद्रों के भवनों को ढहवा दिया और मलबा तक उठा ले गए। इसकी शिकायत बस्तीभुवाल निवासी लक्ष्मी चौबे ने स्वास्थ्य महानिदेशक सहित मुख्यमंत्री तक से किया। अगस्त 2018 को सीएमओ कार्यालय से सीएचसी पर पत्र आया, जिसमें एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश हुआ, लेकिन उसका अनुपालन अब तक नहीं हुआ। इस पर पुन: एफआईआर दर्ज कराने का आदेश सीएमओ कार्यालय ने सीएचसी पर भेजा है।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर शासन ने अहरौला सीएचसी से जुड़े बस्ती भुजवल, शंभूपुर, खजूरी, शाहपुर, चांदनी चौक, भेदौरा, गनवारा, माहुल आदि स्थानों पर स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण कराया था। इसी बीच 2010-11 में जलसाजों ने सीएमओ के फर्जी आदेश पर उपकेंद्रों के भवनों को ढहवा दिया और मलबा तक उठा ले गए। इसकी शिकायत बस्तीभुवाल निवासी लक्ष्मी चौबे ने स्वास्थ्य महानिदेशक सहित मुख्यमंत्री तक से किया। अगस्त 2018 को सीएमओ कार्यालय से सीएचसी पर पत्र आया, जिसमें एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश हुआ, लेकिन उसका अनुपालन अब तक नहीं हुआ। इस पर पुन: एफआईआर दर्ज कराने का आदेश सीएमओ कार्यालय ने सीएचसी पर भेजा है।
विज्ञापन