{"_id":"5b182dca4f1c1b634d8b50cd","slug":"31528311242-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यालय पर बेहतर, ग्रामीण स्टेशन पर पेयजल का टोटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्यालय पर बेहतर, ग्रामीण स्टेशन पर पेयजल का टोटा
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। भीषण गर्मी के मौसम में रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए पेयजल की किल्लत सामान्य बात हो गई है। जिला मुख्यालय स्थित आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर जहां गर्मी को देखते हुए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता है तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के स्टेशनों पर पेयजल का टोटा है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
आजमगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में गर्मी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने बेहतर व्यवस्था कर रखा है। प्लेटफार्म पर शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। शीतल जल के लिए वाटर कूलर भी लगाया गया है। प्लेटफार्म एक पर तो कई जगहों पर पानी के बूथ बने हुए है। प्लेटफार्म नंबर दो पर भी पानी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा प्लेटफार्म के बाहर हैंडपंप की लगे हुए है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की समस्या सबसे बड़ी समस्या के रुप में सामने आयी है। रानी की सराय संवाददाता के अनुसार स्थानीय रेलवे स्टेशन पर न तो शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है न ही यात्रियों के बैठने का ही कोई इंतेजाम है। अंग्रेजों के समय का बना यह स्टेशन आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। यात्री सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। स्टेशन मास्टर का कहना है कि पेयजल व्यवस्था के लिए रेल मंत्रालय को पत्र लिखा गया है, जल्द ही कोई इंतेजा करा दिया जायेगा।
सठियांव स्टेशन पर खराब पड़ा है हैंडपंप
सठियांव। आजमगढ़-मऊ रेल खंड पर सठियांव स्टेशन स्थित है। इस स्टेशन पर गर्मी के इस मौसम में यात्रियों के लिए मात्र दो हैंडपंप लगा हुआ है इसमें भी एक हैंडपंप काफी समय से खराब पड़ा हुआ है। मजबूरी में यात्री बोतलबंद पानी बाजार से खरीद कर पीने को मजबूर है। इस स्टेशन पर प्रतिदिन तीन अप और तीन डाउन गाडिय़ों का ठहराव होता है। सैकड़ों की संख्या में यात्री उतरते है, इसके बाद भी रेलवे प्रशासन यात्रियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की कोई व्यवस्था नहीं कर सका है। स्टेशन मास्टर महेंद्र नाथ का कहना है कि हैंडपंप को ठीक कराने के लिए उपर पत्र लिखा गया है। यात्री सूर्यभान, किरन, राजेंद्र प्रसाद आदि का कहना है कि मात्र एक हैंडपंप के चलते अक्सर ही उस पर भीड़ होती है, जिसके चलते बोतल बंद पानी ही सहारा है।
विज्ञापन
खुरासन रोड स्टेशन पर पेयजल की समस्या
मेजवां। फूलपुर तहसील मुख्यालय पर स्थित खुरासन रोड रेलवे स्टेशन बी ग्रेड के स्टेशन की श्रेणी में आता है। यहां तीन प्लेटफार्म है। प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर अब तक रेलवे प्रशासन पानी का बूथ स्थापित नहीं कर सकी है। सिर्फ प्लेटफार्म नंबर एक पर ही रेलवे प्रशासन ने पेयजल की व्यवस्था करवायी है। इस स्टेशन पर कई लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव होता है। प्रतिदिन की आय दो लाख रुपये है। इसके बाद भी यहां यात्री सुविधाओं का टोटा पड़ा हुआ है। स्टेशन अधीक्षक उमेश कुमार ने बताया कि प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर भी जल्द पानी के बूथ स्थापित करा दिये जायेंगे। इसके लिए प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा गया है।
विज्ञापन
आजमगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में गर्मी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने बेहतर व्यवस्था कर रखा है। प्लेटफार्म पर शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। शीतल जल के लिए वाटर कूलर भी लगाया गया है। प्लेटफार्म एक पर तो कई जगहों पर पानी के बूथ बने हुए है। प्लेटफार्म नंबर दो पर भी पानी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा प्लेटफार्म के बाहर हैंडपंप की लगे हुए है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की समस्या सबसे बड़ी समस्या के रुप में सामने आयी है। रानी की सराय संवाददाता के अनुसार स्थानीय रेलवे स्टेशन पर न तो शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है न ही यात्रियों के बैठने का ही कोई इंतेजाम है। अंग्रेजों के समय का बना यह स्टेशन आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। यात्री सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। स्टेशन मास्टर का कहना है कि पेयजल व्यवस्था के लिए रेल मंत्रालय को पत्र लिखा गया है, जल्द ही कोई इंतेजा करा दिया जायेगा।
विज्ञापन
सठियांव स्टेशन पर खराब पड़ा है हैंडपंप
सठियांव। आजमगढ़-मऊ रेल खंड पर सठियांव स्टेशन स्थित है। इस स्टेशन पर गर्मी के इस मौसम में यात्रियों के लिए मात्र दो हैंडपंप लगा हुआ है इसमें भी एक हैंडपंप काफी समय से खराब पड़ा हुआ है। मजबूरी में यात्री बोतलबंद पानी बाजार से खरीद कर पीने को मजबूर है। इस स्टेशन पर प्रतिदिन तीन अप और तीन डाउन गाडिय़ों का ठहराव होता है। सैकड़ों की संख्या में यात्री उतरते है, इसके बाद भी रेलवे प्रशासन यात्रियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की कोई व्यवस्था नहीं कर सका है। स्टेशन मास्टर महेंद्र नाथ का कहना है कि हैंडपंप को ठीक कराने के लिए उपर पत्र लिखा गया है। यात्री सूर्यभान, किरन, राजेंद्र प्रसाद आदि का कहना है कि मात्र एक हैंडपंप के चलते अक्सर ही उस पर भीड़ होती है, जिसके चलते बोतल बंद पानी ही सहारा है।
विज्ञापन
खुरासन रोड स्टेशन पर पेयजल की समस्या
मेजवां। फूलपुर तहसील मुख्यालय पर स्थित खुरासन रोड रेलवे स्टेशन बी ग्रेड के स्टेशन की श्रेणी में आता है। यहां तीन प्लेटफार्म है। प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर अब तक रेलवे प्रशासन पानी का बूथ स्थापित नहीं कर सकी है। सिर्फ प्लेटफार्म नंबर एक पर ही रेलवे प्रशासन ने पेयजल की व्यवस्था करवायी है। इस स्टेशन पर कई लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव होता है। प्रतिदिन की आय दो लाख रुपये है। इसके बाद भी यहां यात्री सुविधाओं का टोटा पड़ा हुआ है। स्टेशन अधीक्षक उमेश कुमार ने बताया कि प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर भी जल्द पानी के बूथ स्थापित करा दिये जायेंगे। इसके लिए प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा गया है।